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करौली की शुगर फ्री गजक: जानें प्रसिद्धि, कीमत और सीक्रेट रेसिपी

Last Updated:December 09, 2025, 19:08 IST

करौली की शुगर-फ्री गजक अपनी अनोखी रेसिपी और सीमित सर्दियों में होने वाले उत्पादन के कारण बेहद खास मानी जाती है. नवंबर के अंतिम सप्ताह से जनवरी तक बनने वाली यह गजक सिर्फ दो मुस्लिम कारीगर—वसीम गजक भंडार और मौला गजक भंडार—द्वारा तैयार की जाती है. हिमालय कंपनी की कम कैलोरी वाली शुगर-फ्री चीनी और हाथों से तैयार की गई तिली से बनी यह गजक डायबिटीज मरीजों के लिए भी सुरक्षित मानी जाती है. करौली

क्या आपने शुगर-फ्री गजक का स्वाद चखा है? यह गजक हर जगह नहीं मिलती. इसकी असली पहचान है करौली की खास शुगर-फ्री गजक, जो करौली में सिर्फ दो महीने की सर्दियों में ही तैयार की जाती है. खास बात यह है कि करौली में इस अनोखी गजक को बनाने वाले सिर्फ दो मुस्लिम कारीगर हैं, जिनकी सीक्रेट रेसिपी का स्वाद न सिर्फ करौली बल्कि दूर-दूर तक पसंद किया जाता है.

करौली

करौली में शुगर फ्री गजक का मौसम नवंबर महीने के आखिरी दिनों से शुरू होकर जनवरी तक चलता है. तापमान कम होने पर ही यह गजक वैसी बन पाती है जैसी होनी चाहिए —कुरकुरी, हल्की और घर की बनी तिली की खुशबू से भरपूर.

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यही कारण है कि यहां के दोनों मशहूर कारीगर वसीम गजक भंडार और मौला गजक भंडार सिर्फ इन ठंडे महीनों में ही इसका उत्पादन करते हैं. बाकी समय तापमान इसकी गुणवत्ता को प्रभावित कर देता है, इसलिए इसे बनाना बंद कर दिया जाता है.

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इस शुगर फ्री गजक का सबसे बड़ा राज है इसमें इस्तेमाल होने वाली कम कैलोरी वाली शुगर फ्री चीनी, जो मथुरा से विशेष रूप से मंगाई जाती है. हिमालय कंपनी की यह चीनी सामान्य गुड़ या शक्कर की तुलना में डायबिटीज रोगियों के लिए सुरक्षित मानी जाती है. यही वजह है कि करौली और आसपास के इलाके में रहने वाले डायबिटीज के मरीज हर साल इस गजक के मौसम का बेसब्री से इंतजार करते हैं.

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शुगर फ्री गजक तैयार कर रहे कारीगर वसीम खान बताते हैं कि इसकी असली खूबी है चासनी, हाथों से बनी तिली, और धीमी कुटाई की पारंपरिक तकनीक. पहले शुगर फ्री चीनी की हल्की चासनी तैयार की जाती है, फिर इसमें हाथों से भुनी और कुटी हुई शुद्ध तिली मिलाई जाती है.

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इसके बाद इस मिश्रण की कुटाई की जाती है ताकि यह हल्की और कुरकुरी बने. आखिर में ऊपर से मेवा डालकर इसे और स्वादिष्ट बनाया जाता है. यही तकनीक इसे आम गजक से अलग बनाती है और बिना चीनी के भी इसका स्वाद एकदम देसी और भरपूर लगता है.

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इस शुगर फ्री गजक की सामग्री महंगी है और बनाने की तकनीक मेहनतभरी, इसलिए इसकी कीमत सामान्य गजक से अधिक होती है. इस साल इसकी कीमत करीब ₹450 प्रति किलो रखी गई है. एक तरफ स्वाद अनोखा, दूसरी तरफ सीमित समय यही वजह है कि यह गजक जल्दी बिक जाती है.

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December 09, 2025, 19:08 IST

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