Rajasthan

Udaipur Wood Art Workshop on Birsa Munda Jayanti

Last Updated:November 10, 2025, 13:35 IST

Udaipur Wood Art Workshop: उदयपुर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर सजी लकड़ी कला कार्यशाला में 25 कलाकारों ने अपनी परंपरागत कला का प्रदर्शन किया. यह पहल न केवल भक्ति का प्रतीक बनी बल्कि आदिवासी संस्कृति को नई पहचान देने का माध्यम भी बनी.

उदयपुर. भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर झीलों की नगरी उदयपुर में इन दिनों संस्कृति, भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (TRI) की ओर से आयोजित पाँच दिवसीय विशेष लकड़ी कला कार्यशाला में राजस्थान के अलग-अलग जिलों से आए 25 पारंपरिक कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इस कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक लकड़ी कला को आधुनिक समय में पुनर्जीवित करना और कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है.

कलाकार यहाँ लकड़ी से भगवान बिरसा मुंडा की मूर्तियां, पारंपरिक औज़ार, बर्तन, खिलौने और गणगौर ईश्वर की प्रतिमाएं बना रहे हैं. हर कलाकृति में भक्ति, परंपरा और ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है. ट्राई के प्रभारी दिनेश उपाध्याय ने बताया कि यह पहली बार है जब लकड़ी के कलाकारों के लिए राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज के समय में पारंपरिक लकड़ी कला धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है, इसलिए यह मंच इन कलाकारों को नई पहचान देने का प्रयास है.

कला के पुनर्जीवन की उम्मीदकई कलाकार पहली बार किसी राज्यस्तरीय आयोजन में भाग ले रहे हैं. उनका कहना है कि पहले ग्रामीण जीवन में लकड़ी के बर्तन, कृषि उपकरण और खिलौनों का अहम स्थान था, लेकिन अब मशीनों और प्लास्टिक ने उनकी जगह ले ली है. इस कार्यशाला से उन्हें उम्मीद है कि यह कला फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय होगी और उनके पारंपरिक हुनर को पहचान मिलेगी.

विशेष प्रदर्शनी और सम्मानपाँच दिनों की इस कार्यशाला में तैयार की गई कलाकृतियाँ भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर विशेष प्रदर्शनी में रखी जाएँगी, जिससे आमजन इन कलाकारों की मेहनत और परंपरा को करीब से देख सकेंगे. कलाकारों ने भगवान बिरसा मुंडा की एक विशेष मूर्ति भी तैयार करने की घोषणा की है, जो उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रदर्शित की जाएगी. उदयपुर की यह कार्यशाला न केवल एक कला उत्सव बन चुकी है, बल्कि यह उन परंपराओं को भी फिर से जीवित कर रही है, जो आधुनिकता की दौड़ में कहीं खोती जा रही थीं. बिरसा मुंडा जयंती पर यह पहल निश्चित रूप से आदिवासी संस्कृति को नई पहचान और सम्मान देने का कार्य कर रही है.

Location :

Udaipur,Udaipur,Rajasthan

First Published :

November 10, 2025, 13:35 IST

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उदयपुर में बिरसा मुंडा जयंती पर लकड़ी की कला का संगम….

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