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रेगिस्तान में छिपा स्वर्ग! केवलादेव नेशनल पार्क सिर्फ बर्ड सैंक्चुरी नहीं, विशाल अजगरों का भी गढ़ है

Last Updated:January 06, 2026, 18:56 IST

Ground  Report : भरतपुर का केवलादेव नेशनल पार्क सिर्फ पक्षियों का ही नहीं, बल्कि विशाल इंडियन रॉक पायथन का भी सुरक्षित घर है. यहां 15 से 20 फीट लंबे अजगर प्राकृतिक माहौल में खुलेआम विचरण करते नजर आते हैं. रेस्क्यू से लेकर संरक्षण तक, केवलादेव अजगरों के लिए भारत का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन चुका है.

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भरतपुर : भरतपुर का विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए देश-विदेश में जाना जाता है. यह पार्क जहां एक ओर प्रवासी और देशी पक्षियों का स्वर्ग माना जाता है. वहीं दूसरी ओर यह भारतीय अजगर यानी इंडियन रॉक पायथन का भी सुरक्षित ठिकाना है. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पक्षियों को देखने पहुंचते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि केवलादेव नेशनल पार्क विशाल अजगरों की मौजूदगी के लिए भी खास पहचान रखता है.

केवलादेव नेशनल पार्क के जल क्षेत्र दलदली इलाके और घने घास के मैदान अजगरों के लिए प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं. वन विभाग के अनुसार पार्क में अजगरों की संख्या अच्छी खासी है. यहां पाए जाने वाले कई इंडियन रॉक पायथन की लंबाई 15 से 20 फीट तक होती है और उनका वजन भी काफी अधिक होता है. यही वजह है कि यह पार्क भारत में अजगरों के प्रमुख आवास स्थलों में गिना जाता है. वन विभाग द्वारा अजगरों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. पार्क प्रशासन समय-समय पर इनके मूवमेंट पर नजर रखता है.

केवलादेव बना अजगरों का सुरक्षित आशियानाताकि पर्यटकों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके खास बात यह है कि भरतपुर या आसपास के इलाकों में यदि कहीं भी अजगर निकलने की सूचना मिलती है तो रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित तरीके से केवलादेव नेशनल पार्क में लाकर छोड़ा जाता है. इससे न केवल अजगर सुरक्षित रहते हैं बल्कि मानव आबादी वाले क्षेत्रों में खतरा भी कम होता है. केवलादेव नेशनल पार्क में अजगरों के लिए अलग से पायथन ज़ोन भी विकसित किया गया है. यह ज़ोन भारत का सबसे बड़ा पायथन ज़ोन माना जाता है. जहां अजगरों को उनके प्राकृतिक माहौल में रहने का पूरा अवसर मिलता है.

20 फीट अजगर की लाइव मूवमेंट कैमरे में कैदइस ज़ोन में पानी शिकार और छिपने के लिए अनुकूल स्थान उपलब्ध हैं. जिससे अजगर स्वाभाविक रूप से अपना जीवन चक्र पूरा कर सकें जब लोकल 18 ने आपको ग्राउंड जीरो से दिखाएगा कि इस विशेष पायथन ज़ोन में अजगर किस तरह रहते हैं. उनका मूवमेंट कैसा होता है और वे अपने प्राकृतिक आवास में कैसे शिकार करते हैं. कैमरे में कैद हुई 20 फीट तक लंबे विशाल इंडियन रॉक पायथन की लाइव मूवमेंट जो केवलादेव नेशनल पार्क की जैव विविधता को और भी खास बनाती है. केवलादेव न सिर्फ पक्षियों का बल्कि विशाल अजगरों का भी अनोखा और सुरक्षित घर है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

January 06, 2026, 18:56 IST

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रेगिस्तान का छिपा स्वर्ग! केवलादेव सिर्फ पक्षियों का नहीं, अजगरों का भी गढ़ है

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