Keoladeo National Park | Migratory Birds | Siberian Birds | Bharatpur Bird Sanctuary | Winter Tourism | Bird Watching

Last Updated:October 21, 2025, 17:32 IST
Keoladeo National Park: भरतपुर स्थित केवलादेव नेशनल पार्क एक बार फिर विदेशी परिंदों से गुलजार हो गया है. साइबेरिया, चीन और यूरोप से हजारों प्रवासी पक्षी यहां पहुंचे हैं. पार्क की खास “अनोखी घास” और समृद्ध जलाशय इन परिंदों को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे यह स्थल पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन गया है.
भरतपुर का प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क सर्दियों के मौसम में पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं होता यहां हर साल सर्दियों के आगमन के साथ ही देश-विदेश से हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं. साइबेरिया, चीन, यूरोप और अन्य ठंडे प्रदेशों से लंबी उड़ान भरकर आने वाले ये पक्षी भरतपुर की इस पावन धरती को अपनी शरणस्थली बनाते हैं.

तापमान में गिरावट के साथ जब उत्तर के देशों में बर्फ की चादर बिछ जाती है. तब ये पक्षी केवलादेव के गर्म और अनुकूल वातावरण में आश्रय लेते हैं. केवलादेव नेशनल पार्क को पक्षियों का स्वर्ग कहा जाता है. यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है और यहां करीब 370 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं.

इनमें विदेशी प्रजातियों के साथ-साथ देशी पक्षियों का भी शानदार संगम देखने को मिलता है. झीलों, तालाबों और हरे-भरे वातावरण के कारण यह पार्क पक्षियों के लिए आदर्श आवास साबित होता है. पार्क की सबसे बड़ी विशेषता है. यहां पाई जाने वाली ऐचा घास यह घास पूरे भारत में सिर्फ भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में ही पाई जाती है. कहा जाता है.

कि इसी घास की मौजूदगी के कारण प्रवासी पक्षी हर साल इस पार्क की ओर आकर्षित होते हैं. यह घास झीलों और तालाबों के पानी में स्वाभाविक रूप से उगती है और इसका स्वाद व पौष्टिक तत्व पक्षियों के लिए बेहद उपयुक्त माने जाते हैं. विदेशी पक्षी खासकर सारस और हंस की प्रजातियां इसी ऐचा घास को खाने के लिए यहां आती हैं.

सर्दियों में जब सूर्य की हल्की किरणें झीलों के जल पर पड़ती हैं. तब ऐचा घास की हरियाली और पानी में तैरते पक्षियों का नजारा मन मोह लेता है. सैकड़ों पक्षी एक साथ झुंड में उड़ान भरते हैं और उनकी आवाजें पूरे पार्क में गूंज उठती हैं. वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए केवलादेव नेशनल पार्क न केवल पक्षियों को देखने का स्थान है.

बल्कि यह प्रकृति की सुंदरता को करीब से महसूस करने अब जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता जा रहा है. वैसे ही केवलादेव नेशनल पार्क में इन पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है और पार्क में अब यह घोसला बनाने में जुट गए हैं. केवलादेव नेशनल पार्क इन पक्षियों के लिए सबसे अच्छा आशियाना माना जाता है.
First Published :
October 21, 2025, 17:32 IST
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केवलादेव नेशनल पार्क की अनोखी घास ने खींचे विदेशी पक्षियों का झुंड



