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Pushkar Sand Art | Ajay Rawat Sand Sculptures | Pushkar Mela Art | Rajasthan Sand Art | Pushkar Tourism

Last Updated:October 22, 2025, 07:11 IST

Pushkar Sand Art: पुष्कर के गनाहेड़ा गांव के अजय रावत रेत से अद्भुत कला रचते हैं. हर साल मेले में उनका स्टॉल लोगों को आकर्षित करता है. उनकी मेहनत और कला ने गांव का नाम रोशन किया है. लोग उनके काम की सराहना करते हैं और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी उनकी कला को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं.

अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुष्कर के छोटे से गांव गनहेडा के रहने वाले सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने अपनी मेहनत, लगन और रचनात्मकता के बल पर आज एक अलग पहचान बनाई है. साधारण परिवार से आने वाले अजय बचपन से ही चित्रकला और रचनात्मक कार्यों में रुचि रखते थे. वे बताते हैं कि उन्हें बचपन से मिट्टी से खेलने का शौक था वह जब छोटे थे तो पुष्कर के रेतीले मैदानों में मिट्टी की कई कलाकृतियां बनाते थे. धीरे-धीरे यही शौक उनके जीवन का उद्देश्य बन गया.

स्कूल के दिनों में जब उन्होंने पहली बार रेत से आकृति बनाई, तो लोगों ने उनकी कला की खूब सराहना की. यही प्रशंसा उनके जीवन का प्रेरणा स्रोत बनी और उन्होंने सैंड आर्ट को अपने करियर के रूप में अपनाने का निर्णय लिया.

कई लोग उड़ाते थे मजाकअजय रावत पिछले 17 वर्षों से सैंड आर्ट बना रहे हैं, जिनमें से 11 साल से वह पुष्कर में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. पुष्कर की रेत उनके लिए सिर्फ मिट्टी नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति का माध्यम है. अजय रावत ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि शुरुआती दिनों में जब वह मिट्टी और रेत से कलाकृतियां बनाते थे, तो कई लोग उनका मजाक उड़ाते थे. लेकिन उन्होंने लोगों की बात पर ध्यान न देकर अपने काम को ही अपनी पहचान बनाया. धीरे-धीरे उनका यह जुनून कला की ऊंचाइयों तक पहुंचा.

बढ़ाया पुष्कर का मान रावत ने आगे बताया की वे राष्ट्रीय स्तर पर हुई सैंड आर्ट प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं. उन्हें पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र के द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है. रावत राजस्थान के गौरवशाली इतिहास व संस्कृति को बालू रेत के माध्यम से प्रदर्शित करते हैं ताकि लोग अधिक रुचि के साथ इस बारे में जान सकें. अजय ने आगे बताया कि इस बार भी मेले में वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और देश-विदेश के पर्यटकों का दिल जीतेंगे.

देशी-विदेशी पर्यटकों को भी है पसंद अजय रावत ने आगे बताया की उनकी यह कला देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करती है. रेतीले धोरों की कला से अभिभूत होकर देशी-विदेशी पर्यटक इन दृश्यों को कैमरे में कैद कर अपनी यादों में संजाते हैं. विदेशी पर्यटकों को रेत की यह कला काफी पसंद आती है. वे बड़े चाव से न केवल ये कला देखते हैं बल्कि इसके बारे में जानकारी भी करना चाहते हैं.

Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें

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Location :

Ajmer,Rajasthan

First Published :

October 22, 2025, 07:11 IST

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अजय रावत की रेत कला ने बनाया गनाहेड़ा गांव को पर्यटन का केंद्र, लोग आते है दूर

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