उदयपुर अब सिर्फ झीलों की नहीं, रंगों की नगरी भी बन गया है ‘रंगत रास्ता री’ से सजी हर दीवार, हर गली

Last Updated:October 16, 2025, 20:28 IST
उदयपुर, जो झीलों की नगरी के रूप में जाना जाता है, अब रंगों और कला की नगरी बन गया है. ‘रंगत – रास्ता री…’ नामक कला एवं सांस्कृतिक उत्सव के माध्यम से शहर की दीवारें और सार्वजनिक स्थल जीवंत चित्रों से सजाए गए हैं. उदयपुर विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस पहल में 200 से अधिक कलाकारों और नागरिकों ने भाग लेकर शहर को एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी में बदल दिया है.
झीलों की नगरी अब रंगों की नगरी बन गई है, ऐतिहासिक विरासत के साथ अब उदयपुर अपने आगंतुकों को कला, संस्कृति और जीवंत रंगों का नया अनुभव दे रहा है. शहर में शुरू हुआ अनूठा कला एवं सांस्कृतिक उत्सव रंगत रास्ता री शहर के सार्वजनिक स्थलों को सजाएगा और पर्यटकों के लिए नए आकर्षण बना हुआ है.

उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के तत्वावधान में अर्बन स्केचर्स उदयपुर, क्रिएटिव सर्किल और ऐसा फॉर यू की संयुक्त पहल पर किया गया. इस महाउत्सव में 75 से अधिक आर्किटेक्ट्स और 150 से ज्यादा युवा कलाकार, विद्यार्थी और नागरिक भाग लिया था, दीवारों और सार्वजनिक स्थानों को रंगों और चित्रों से सजाकर शहर को जीवंत किया है.

पर्यटकों के लिए ओपन-एयर आर्ट गैलरी<br />आकर्षण आरटीओ अंडरपास बना है, जो अब एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी में बदल गया है. पर्यटक जब इस रास्ते से गुजरेंगे, तो उन्हें दीवारों पर गणगौर, गवरी, मेवाड़ी लोककथाएं, झीलों की छवियां और पारंपरिक जीवनशैली के चित्र देखने को मिलेंगे. हर दीवार अपनी कहानी कहती है और हर रंग उदयपुर की सांस्कृतिक आत्मा से जोड़ता है.

शहर का नया आर्ट लैंडमार्क<br />आयोजन संयोजक और आर्किटेक्ट सुनील एस. लड्ढा ने बताया कि यह सिर्फ पेंटिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से शहर को सजाने का प्रयास था. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि पर्यटक उदयपुर आएं और सिर्फ झीलों और महलों को ही नहीं, बल्कि सड़कें और दीवारें भी उनके लिए देखने लायक हो. हर रंग एक कहानी कहे और हर स्ट्रोक शहर की पहचान बने.

कला और सृजन का अनुभव<br />कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने इसे सामूहिक सृजन और सौंदर्यबोध का उत्सव बना दिया है. अब उदयपुर केवल देखने का नहीं, बल्कि महसूस करने का शहर बन चुका है.<br />‘रंगत – रास्ता री…’ के माध्यम से पर्यटकों को उदयपुर का एक नया चेहरा देखने को मिलेगा, जहां हर गली, हर दीवार और हर रंग शहर की संस्कृति और परंपरा की कहानी कहता है.

आरटीओ अंडरपास अब एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी बन चुका है, जहां गणगौर, गवरी, मेवाड़ी लोककथाएं और झीलों की छवियां दीवारों पर जीवंत हो उठी हैं. यह आयोजन पर्यटकों के लिए शहर की सांस्कृतिक आत्मा को करीब से देखने और महसूस करने का अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है.
First Published :
October 16, 2025, 20:28 IST
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उदयपुर आरटीओ अंडरपास बना ओपन-एयर आर्ट गैलरी, रंगत उत्सव से सजी दीवारें



