खाप पंचायत का तुगलकी फरमान! गोचर भूमि विवाद में परिवार का हुक्का-पानी बंद, मदद करने वालों पर 11 हजार जुर्माना

Last Updated:January 03, 2026, 11:00 IST
Udaipur News: उदयपुर जिले के वीरपुरा गांव में खाप पंचायत की मनमानी सामने आई है. पंचायत ने रतनलाल प्रजापत को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया. फरमान जारी कर लोगों को उसके घर जाने और दुकान से खरीदारी करने से रोका गया. इससे उनका सामाजिक जीवन ही नहीं, बल्कि रोज़गार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है.
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उदयपुर में खाप पंचायत ने गोचर भूमि विवाद में परिवार को समाज से किया बहिष्कृत
उदयपुर. भले ही देश 21वीं सदी में तेजी से आगे बढ़ रहा हो और कानून व्यवस्था व मानवाधिकारों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हों. लेकिन आज भी ग्रामीण इलाकों में खाप पंचायतों का दबदबा साफ नजर आता है. ये पंचायतें अपने मनमाने फरमानों से न सिर्फ सामाजिक ताना-बाना बिगाड़ रही हैं, बल्कि कानून को भी खुली चुनौती दे रही हैं. ऐसा ही एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला उदयपुर जिले के ओगणा थाना क्षेत्र के वीरपुरा गांव से सामने आया है.
यहां खाप पंचायत ने एक ग्रामीण को समाज और गांव से बाहर करने का फरमान जारी कर दिया. पीड़ित का नाम रतनलाल प्रजापत है, जिसे गांव के कुछ लोगों ने मिलकर सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया. पंचायत के फरमान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति न तो रतनलाल के घर जा सकता है और न ही उसकी दुकान से कोई सामान खरीद सकता है. इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति इस आदेश की अवहेलना करता है तो उस पर 11 रुपये का जुर्माना लगाए जाने की चेतावनी भी दी गई है.
24 दिसंबर का है पूरा मामला
इस सामाजिक बहिष्कार को और गंभीर बनाने के लिए कुछ ग्रामीणों ने मिलकर इस फरमान को कागज पर लिखित रूप में तैयार किया और उसे पूरे गांव में बांट दिया. बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला 24 दिसंबर का है. इसके बाद 26 दिसंबर को पीड़ित रतनलाल प्रजापत ने ओगणा थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई. लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
कलेक्टर और एसपी को सुनाई आपबीती
ओगणा थाने में लिखित शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर निराश होकर शुक्रवार को पीड़ित रतनलाल उदयपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे. यहां उन्होंने जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपबीती बताई और न्याय की गुहार लगाई. रतनलाल ने अधिकारियों को बताया कि गांव से बहिष्कृत किए जाने के बाद से उनका और उनके परिवार का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग डर के कारण उनसे बातचीत तक नहीं कर रहे हैं. इससे उनका सामाजिक जीवन ही नहीं, बल्कि रोज़गार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
बहिष्कार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
पीड़ित का कहना है कि जब बहिष्कार करने वाले लोगों को यह पता चला कि उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है, तो इसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं. इन धमकियों के चलते पूरा परिवार दहशत और मानसिक तनाव में है. बच्चों और महिलाओं पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है. रतनलाल ने प्रशासन से मांग की है कि खाप पंचायत के इस गैरकानूनी फरमान को तुरंत निरस्त किया जाए और बहिष्कार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल पीड़ित परिवार को प्रशासन और पुलिस से न्याय की उम्मीद है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
January 03, 2026, 11:00 IST
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खाप पंचायत का तुगलकी फरमान! गोचर भूमि विवाद में परिवार का किया हुक्का-पानी बंद



