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Parliament Winter Session । Congress vs BJP । Parliament Winter Session Date । लोकसभा के चुनाव आने वाले हैं क्या? संसद के शीतकालीन सत्र के शेड्यूल में कांग्रेस को दिखी कौन-सी साजिश

Last Updated:November 09, 2025, 02:04 IST

Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक सिर्फ 15 दिन चलेगा. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर चर्चा और विधायी कामकाज से बचने का आरोप लगाया. शीतकालीन सत्र की दिशा 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से तय होगी, जहां सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का विपक्षी महागठबंधन के साथ कड़ा मुकाबला है.संसद के शीतकालीन सत्र के शेड्यूल में कांग्रेस को दिखी कौन-सी साजिश?संसद का शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि एक दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में ‘असामान्य रूप से देरी और कटौती’ की गई है क्योंकि सरकार के पास कोई विधायी कामकाज नहीं है तथा चर्चा भी नहीं होने दी जाएगी. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस साल शीतकालीन सत्र में महज 15 कार्य दिवस होंगे.

उन्होंने कहा, “मुझे बहुत आश्चर्य हुआ कि यह(2025) शीतकालीन सत्र इतनी देरी से बुलाया गया. हमेशा 20 से 23 नवंबर के बीच इसे बुलाया जाता है जो आगामी 3 से 4 हफ्तों तक चलता है. आश्चर्य हुआ कि इस बार 1 दिसंबर तक सत्र शुरू होगा और इसमें कार्यवाही सिर्फ 15 दिनों तक चलेगी… मुझे समझ नहीं आता कि सरकार किस चीज से भाग रही है.”

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “क्या दिल्ली के प्रदूषण की वजह से सत्र घटा दिया गया है? क्या कोई विधेयक या बिल नहीं है? बहस के लिए कोई विषय नहीं है?…वे केवल इसे जल्द से जल्द एक औपचारिकता की तरह खत्म कर देना चाहते हैं. ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है… हां, चुनाव से पहले सत्र छोटे होते हैं तो क्या ये संकेत देता है कि लोकसभा के चुनाव आने वाले हैं?…”

रमेश ने सवाल किया कि क्या संदेश दिया जा रहा है? उन्होंने दावा किया, “स्पष्ट रूप से सरकार के पास कोई विधायी कामकाज नहीं है, पारित करने के लिए कोई विधेयक नहीं है और चर्चा की अनुमति नहीं है.” इससे पहले, दिन में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि संसद का शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा. पिछले साल शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित किया गया था.

तीन सप्ताह के इस सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी और इसके हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि यह सत्र निर्वाचन आयोग द्वारा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को अंजाम दिए जाने के बीच हो रहा है. कई विपक्षी दलों ने एसआईआर को लेकर आपत्तियां जताई हैं. संसद के मानसून सत्र में भी बिहार में एसआईआर को लेकर कई विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण संसद में प्रतिदिन व्यवधान उत्पन्न हुआ.

रिजिजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर 2025 से 19 दिसंबर, 2025 तक (संसदीय कार्य की अनिवार्यताओं के अधीन) आयोजित करने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.” उन्होंने कहा, “मैं एक रचनात्मक और सार्थक सत्र की आशा करता हूं जो हमारे लोकतंत्र को मजबूत करेगा और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा.”

शीतकालीन सत्र की दिशा 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से तय होगी, जहां सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का विपक्षी महागठबंधन के साथ कड़ा मुकाबला है. कई विपक्षी दल भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ समाप्त करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार किए गए दावों पर भी सरकार से जवाब मांग सकते हैं.

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

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New Delhi,Delhi

First Published :

November 09, 2025, 01:51 IST

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संसद के शीतकालीन सत्र के शेड्यूल में कांग्रेस को दिखी कौन-सी साजिश?

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