खाटूश्याम जी मंदिर बंद 26 नवंबर

Last Updated:November 21, 2025, 11:23 IST
Khatu Shyam Ji Temple Closed Update: खाटूश्याम जी मंदिर 25 नवंबर रात 10 बजे से 26 नवंबर शाम 5 बजे तक (कुल 19 घंटे) तिलक श्रृंगार परंपरा के कारण बंद रहेगा. इस दौरान विशेष पूजा और सेवा की जाएगी. मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से अनावश्यक भीड़ न लगाने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. शाम 5 बजे संध्या आरती के बाद दर्शन पुनः शुरू होंगे.
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खाटूश्याम जी मंदिर 19 घंटे बंद: तिलक श्रृंगार के कारण जारी हुई सूचना
सीकर. अगर आप इन दिनों खाटूश्याम जी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. श्री श्याम मंदिर कमेटी ने घोषणा की है कि मंदिर 19 घंटे तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा. कमेटी के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह चौहान ने इसकी आधिकारिक जानकारी जारी करते हुए कहा कि यह बंदिश ‘तिलक श्रृंगार’ परंपरा के चलते लगाई जा रही है.
खाटूश्याम जी मंदिर में अमावस्या के अवसर पर विशेष तिलक श्रृंगार उतारा जाता है. इसके बाद बाबा श्याम कुछ समय तक अपने मूल स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं. फिर दोबारा तिलक श्रृंगार किया जाता है. यह पूरी प्रक्रिया 8 से 12 घंटे का समय लेती है, जिस दौरान मंदिर में विशेष पूजा, अर्चना और सेवा की जाती है.
इसी कारण मंदिर पूरी तरह से आम दर्शनार्थियों के लिए बंद रखा जाता है, ताकि परंपराओं और अनुष्ठानों को निर्विघ्न रूप से पूरा किया जा सके. यह मंदिर की वर्षों पुरानी सेवा परंपरा का एक अहम हिस्सा है.
मंदिर कब बंद होगा? पूरा शेड्यूल जारीमंदिर कमेटी के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह चौहान ने पत्र जारी करते हुए बताया कि:
25 नवंबर की रात 10 बजे से
26 नवंबर की शाम 5 बजे तक
बाबा श्याम के दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. शाम 5 बजे संध्या आरती के बाद श्रद्धालुओं को पुनः बाबा श्याम के दर्शन की अनुमति दी जाएगी. कमेटी ने दूर-दराज से आने वाले भक्तों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए इस समय सारिणी को ध्यान में रखें.
कमेटी की अपील: अनावश्यक भीड़ न लगाएँमंदिर कमेटी ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे इस अवधि में दर्शन को लेकर अनावश्यक भीड़ न लगाएँ और मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है, ऐसे में भीड़ प्रबंधन आवश्यक है. कमेटी ने सभी से सहयोग की अपील की है ताकि सेवा कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.
कौन हैं बाबा श्याम? जानिए पौराणिक कथाहारे का सहारा बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है.
महाभारत काल में भीम के पौत्र बर्बरीक युद्ध में कौरव पक्ष से शामिल होने जा रहे थे. उनके पास तीन अमोघ तीर थे, जिनसे वे पूरे युद्ध को पलट सकते थे.
भगवान कृष्ण ब्राह्मण रूप में उनसे मिले और शीश दान मांगा.
बर्बरीक ने बिना संकोच अपना शीश दान कर दिया.
प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने कहा कि: कलियुग में तुम्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा. लोग तुम्हें हारे का सहारा कहकर पुकारेंगे. तुम्हारे भक्त तुम्हारी शरण में राहत पाएंगे.
आज बाबा श्याम के इस धाम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.
Location :
Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
November 21, 2025, 11:23 IST
25 नवंबर रात से 19 घंटे बंद रहेंगे खाटूश्याम जी मंदिर के दर्शन, जानें पूरा



