सर्दियों में Carpal Tunnel Syndrome के लक्षण और बचाव के उपाय जानें.

कोटा. सर्दियों में कई लोगों को कलाई में जलन, सुन्नता, झनझनाहट और रात में बार-बार हाथ सुन्न होने जैसे लक्षण महसूस होते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में कार्पल टनल सिंड्रोम जैसे लक्षणों का बढ़ना एक सामान्य प्रवृत्ति है. यह आर्टिकल किसी बढ़े हुए केस-डेटा पर आधारित नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है, ताकि लोग इन लक्षणों को पहचानकर समय पर सावधानी बरत सकें.
न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि सर्दियों में रक्त प्रवाह धीमा होने और टेंडन के जकड़ने से कार्पल टनल के भीतर दबाव बढ़ सकता है, जिससे मेडियन नर्व प्रभावित होती है. इसी वजह से कई लोगों को रात के 3–4 बजे के बीच सुन्नता और झनझनाहट अधिक महसूस होती है. सुबह उठते समय हाथ भारी लगना भी एक सामान्य लक्षण है.
प्रेग्नेंसी, मोटापा और थायरॉइड की कमी को इस रोग के प्रमुख जोखिम कारक बताया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती चरण में कलाई को ब्रेस से स्थिर करना, नियमित व्यायाम और फिजियोथेरेपी से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है. गंभीर मामलों में कोर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन या कार्पल टनल रिलीज़ सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है.
सर्दियों में ठंड के कारण सख्त हो जाते हैं नर्व और टेंडन
कोटा के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजय सरदाना बताते हैं. सर्दियों में ठंड के कारण नर्व और टेंडन सख्त हो जाते हैं, जिससे कार्पल टनल जैसे लक्षण अक्सर बढ़ जाते हैं. यह जरूरी नहीं कि यह हमेशा कार्पल टनल सिंड्रोम ही हो, कई बार यह मौसम के प्रभाव से भी होता है. लेकिन यदि लक्षण रोज़ाना महसूस हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था, मोटापा, थायरॉयड की कमी, डायबिटीज या लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों में इन लक्षणों के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है.
सर्दियों में राहत के लिए क्या करें
हाथों को गर्म रखें, आवश्यकता हो तो ग्लव्स पहनें, रात को कलाई को सीधा रखने के लिए रिस्ट स्प्लिंट लगाएं, हल्की स्ट्रेचिंग और कलाई-व्यायाम करें. लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में काम न करें. लक्षण लगातार रहें तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें. डॉ. सरदाना के अनुसार, समय पर उचित उपचार शुरू कर देने से नर्व पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकता है और स्थायी नुकसान से बचा जा सकता है.



