कोटा भैंस विवाद: मेडिकल टेस्ट से हुई पहचान

Last Updated:January 04, 2026, 11:27 IST
Kota Buffalo Dispute: कोटा के कुन्हाड़ी थाने में एक भैंस के दो दावेदार सामने आने से 4 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला. मामला इतना पेचीदा था कि पुलिस को मंदिर की कसमों से लेकर पशु चिकित्सालय में भैंस के मेडिकल टेस्ट का सहारा लेना पड़ा. आखिरकार, मेडिकल रिपोर्ट में भैंस की उम्र के आधार पर पुलिस ने उसे रामलाल मेघवाल को सौंपकर विवाद का अस्थाई समाधान निकाला.
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कोटा: राजस्थान के कोटा शहर के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में एक भैंस और उसके बच्चे के मालिकाना हक को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए. दो पक्ष एक ही भैंस को अपना बताने के दावे के साथ थाने पहुंच गए, जिसके बाद करीब चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भैंस और उसके बच्चे को गाड़ी में लोड कर थाने मंगवाया और सच्चाई का पता लगाने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम को भी शामिल किया.
हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह ने बताया कि विवाद की जड़ बालिता रोड निवासी इंद्रजीत केवट की चार महीने पहले गुम हुई भैंस से जुड़ी है. इंद्रजीत ने अपनी भैंस की काफी तलाश की थी लेकिन वह नहीं मिली. अचानक दो दिन पहले एक भैंस उसके बाड़े में आ गई, जिसे उसने अपनी खोई हुई भैंस मानकर बांध लिया. इसी बीच रामलाल मेघवाल वहां पहुंचे और दावा किया कि यह भैंस उनकी है जो दो दिन पहले ही गुम हुई थी. रामलाल भैंस को जबरन ले गए, जिससे विवाद ने कानूनी रूप ले लिया.
मंदिर में कसम और मेडिकल रिपोर्ट का सहारामामला गहराने पर इंद्रजीत ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाया, लेकिन बात नहीं बनी. यहाँ तक कि दोनों पक्षों ने मंदिर में जाकर कसम भी खाई कि भैंस उनकी है. अंततः पुलिस भैंस को लेकर मौखापाड़ा स्थित पशु चिकित्सालय पहुंची. मेडिकल जांच में भैंस की उम्र 4 से 5 साल के बीच पाई गई. उम्र को लेकर किए गए दावों में रामलाल की बात मेडिकल रिपोर्ट के अधिक करीब निकली, जिससे पुलिस को जांच की दिशा मिली.
तस्वीरों और साक्ष्यों के आधार पर फैसलामेडिकल के बाद भी जब विवाद शांत नहीं हुआ, तो दोनों पक्षों ने भैंस के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें दिखाईं. पुलिस ने प्रारंभिक साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और दावों की सत्यता को देखते हुए फिलहाल भैंस रामलाल मेघवाल को सौंप दी है. कुन्हाड़ी थाना अधिकारी कौशल्या गालव ने बताया कि दूसरे पक्ष यानी इंद्रजीत को ठोस दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया है. चार घंटे की मशक्कत के बाद इस अनोखे केस का अस्थाई समाधान निकल सका.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
January 04, 2026, 11:27 IST
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किसकी है ये भैंस? कोटा में 4 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा, ऐसे सुलझा मामला



