कोटा-बूंदी टेक्नोलॉजी और उच्च शिक्षा का बनेगा हब, ओम बिरला ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ किया मंथन, जानें क्या है प्लान

कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में हुई एक महत्वपूर्ण मुलाकात ने कोटा-बूंदी क्षेत्र के शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा प्रदान की है. यह बैठक विशेष रूप से कोटा संसदीय क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई, जहां उच्च शिक्षा के मजबूत आधार और कोचिंग हब की मौजूदा पहचान को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया. बैठक का मुख्य फोकस इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) कोटा के सुदृढ़ीकरण, विस्तार और क्षेत्र में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को उन्नत बनाने पर रहा. कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में पीएम श्री विद्यालयों की संख्या में वृद्धि, राजस्थान के लिए शिक्षा बजट में केंद्रीय अनुदान को बढ़ाने तथा राज्यभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों नेताओं ने विस्तृत चर्चा की.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट रूप से कहा कि IIIT कोटा को देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs) की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि कोटा देश का एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहां मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी पहले से मौजूद है और आने वाले वर्षों में एयर कनेक्टिविटी भी सुगम हो जाएगी. हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थी IIT और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा पहुंचते हैं, जिससे IIIT कोटा को और अधिक मजबूत एवं उन्नत बनाने की आवश्यकता समय की मांग बन गई है.
IIIT कोटा में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की है योजना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि अगले 10 वर्षों में IIIT कोटा में विद्यार्थियों की क्षमता को 25 हजार तक बढ़ाने की व्यापक योजना तैयार की जाएगी. संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की परिकल्पना को साकार किया जाएगा तथा नए और समसामयिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी. मंत्री ने कोटा क्षेत्र की प्राकृतिक और तकनीकी विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चंबल नदी क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि तथा रावतभाटा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की उपस्थिति के कारण यह क्षेत्र तकनीकी एवं ऊर्जा आधारित शिक्षा के लिए अत्यंत अनुकूल है.
इन सभी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए IIIT कोटा को देश की आदर्श IIIT संस्थान के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे कोटा को देश में उच्च शिक्षा और टेक्नोलॉजी के प्रमुख हब के रूप में स्थापित किया जा सके. इस दिशा में तेजी लाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी
स्कूली शिक्षा स्तर में भी बदलाव लाने की है तैयारी
इसके अलावा स्कूली शिक्षा के सुधार पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा-बूंदी क्षेत्र में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर बल दिया. उन्होंने ‘नो योर कांस्टीट्यूशन’ कार्यक्रम को स्कूलों में व्यापक रूप से लागू करने का सुझाव दिया, ताकि विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित हो. साथ ही, उन्होंने देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित कर संसद भ्रमण के लिए प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे युवा पीढ़ी में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता और समझ बढ़े. अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं में कोटा-बूंदी में पीएम श्री स्कूलों की संख्या बढ़ाना, राजस्थान के शिक्षा बजट में केंद्रीय सहायता को मजबूत करना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर कोने तक पहुंचाना शामिल रहा.
IIIT कोटा के विस्तार से तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
कोटा-बूंदी क्षेत्र के लिए किया जा रहा यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है, क्योंकि कोटा पहले से ही कोचिंग हब के रूप में देशभर में प्रसिद्ध है. यहां लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, और अब IIIT कोटा के विस्तार से तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा. क्षेत्र की भौगोलिक और औद्योगिक विशेषताएं, जैसे परमाणु ऊर्जा संयंत्र और प्राकृतिक संसाधन, इसे टेक्नोलॉजी हब बनाने में सहायक सिद्ध होंगी. इस पहल से न केवल स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि पूरे देश से प्रतिभाएं कोटा की ओर आकर्षित होंगी. कोटा-बूंदी को शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है. विशेष समिति की रिपोर्ट के बाद इस क्षेत्र के शैक्षणिक माहौल में बदलाव का बयार दिख सकता है.



