Rajasthan

Kota Chambal Garden Condition & Negligence Report

Last Updated:November 17, 2025, 10:46 IST

Kota News: कभी कोटा का सबसे सुंदर गार्डन रहा चंबल गार्डन आज पूरी तरह बदहाल है. फव्वारे बंद, झूले टूटे, लाइटें खराब और शराबियों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है. NREGA मजदूरों का भुगतान महीनों से रुका है, जिससे सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है. नगर निगम की लापरवाही से यह महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल अब बर्बादी के कगार पर है.

ख़बरें फटाफट

देवेंद्र सेन/कोटा. हाड़ौती की शान और कोटा के पर्यटन की पहचान माना जाने वाला चंबल गार्डन इन दिनों बदहाली की कगार पर पहुँच गया है. कभी फिल्म शूटिंग, फैमिली पिकनिक और फोटो सेशन की पहली पसंद रहने वाला यह गार्डन अब लोगों के लिए असुरक्षित और उपेक्षित स्थल बन गया है. स्थानीय लोग कहते हैं कि शाम होते ही गार्डन शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है, जिससे परिवार यहाँ आना छोड़ चुके हैं.

गार्डन की सुंदरता का केंद्र रहे फव्वारे महीनों से बंद पड़े हैं. व्यवस्था की बदहाली का आलम यह है कि:

लाइटों की तारें खुले छोड़ी गई हैं, जिससे हादसे की आशंका रहती है.
झूले टूट चुके हैं, कई पर जंग लगी है.
वॉटर कूलर और कैंटीन दोनों ही बंद पड़े हैं.
पाथवे की टाइलें उखड़ी हुई हैं, कई हिस्से कचरे से भरे रहते हैं.
इतनी बड़ी जगह का रखरखाव न होने से गार्डन का ढांचा धीरे–धीरे पूरी तरह जर्जर हो रहा है.

शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डास्थानीय नागरिकों का कहना है कि शाम के समय गार्डन का माहौल पूरी तरह बिगड़ जाता है.

कई लोग खुलेआम शराब का सेवन करते हैं और झाड़ियों के पास नशा करते हैं.
महिलाओं और बच्चों के लिए माहौल असुरक्षित हो जाता है.
पर्यटकों ने भी शिकायत की है कि गार्डन अब घूमने लायक नहीं रह गया.

नगर निगम की बड़ी लापरवाही-मंत्री के निर्देश भी नहीं माने गएयह विडंबना है कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर दो बार चंबल गार्डन की मरम्मत और सुधार के निर्देश दे चुके हैं, इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस सुधार कार्य नहीं किया गया. स्थानीय लोग नगर निगम पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हैं:

समय पर सफाई नहीं होती.
सुरक्षा व्यवस्था शून्य है.
मरम्मत कार्य की ओर कोई ध्यान नहीं.
रात में गार्डन पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है.

NREGA मजदूरों को 4–5 महीनों से भुगतान नहींगार्डन की साफ–सफाई करने वाले NREGA श्रमिकों को महीनों से मेहनताना नहीं मिला है. महिला मजदूरों ने बताया कि उनसे काम तो कराया जा रहा है, लेकिन पेमेंट रुका हुआ है.

यह सवाल खड़ा करता है:
जब श्रमिकों को ही भुगतान नहीं, तो सफाई–रखरखाव कैसे होगा?
यह सीधे-सीधे श्रमिकों के शोषण का मामला है.

हरियाली गायब, सौंदर्य नष्ट-गार्डन की पहचान टूटती हुईगार्डन की फूलों की क्यारियां, हरी घास और छायादार पेड़ अब गायब हो रहे हैं. कई पेड़ सूख चुके हैं और नई पौधारोपण भी नहीं की गई. वह सुंदरता, जिसे देखने लोग जिले–जिले से आते थे, अब केवल पुरानी तस्वीरों में बची है.

स्थानीय लोगों की मांग-“इसे तुरंत ठीक किया जाए”नागरिकों की प्रमुख मांगें हैं कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे:

नियमित सफाई और सुरक्षा गार्डों की तैनाती हो.
शराबियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
फव्वारों, झूलों, लाइटों की मरम्मत की जाए.
NREGA मजदूरों को तुरंत भुगतान किया जाए.
Location :

Kota,Kota,Rajasthan

First Published :

November 17, 2025, 10:44 IST

homerajasthan

कभी कोटा की शान… आज खंडहर! चंबल गार्डन की बदहाली का सच क्या है?

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj