जानें क्या है राजस्थान सरकार की डिग्गी योजना, 85% तक मिल रही सब्सिडी, जानें क्या है अप्लाई करने की लास्ट डेट

भीलवाड़ा : खेती करने के दौरान किसानों की फसल की देखरेख के लिए सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होती है राजस्थान सरकार ने राज्य के किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से डिग्गी अनुदान योजना की शुरुआत की है. इस योजना के अंतर्गत किसान अपने खेतों में डिग्गी (पानी संग्रहण टैंक) का निर्माण कर सकते हैं, जिससे वे समय पर फसलों की सिंचाई कर सकें और बेहतर उपज प्राप्त कर सकें
आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून तक बढ़ाई गत वित्तीय वर्ष में राज्य योजना के तहत 981 और अटल भूजल योजना में 1800 डिग्गियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन योजनाओं की प्रशासनिक मंजूरी में देरी के चलते निर्माण प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं हो सकी. इसी बीच मार्च-अप्रैल में खेतों में गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलें पक चुकी थीं.
डिग्गी निर्माण के लिए खुदाई व मशीनों के उपयोग से फसलों को नुकसान हो रहा था, जिससे किसानों ने निर्माण कार्य को स्थगित कर दिया. किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने यह समस्या सरकार के सामने रखी. किसानों की दिक्कत को समझते हुए राज्य सरकार ने डिग्गी निर्माण की अंतिम तिथि को तीन महीने बढ़ा दिया है. अब किसान 30 जून 2025 तक अपने खेतों में डिग्गी बनवा सकते हैं.
योजना से यह मिलेगी सब्सिडी राजस्थान में कई क्षेत्रों में समय पर वर्षा नहीं होने या पानी की उपलब्धता न होने के कारण फसलें खराब हो जाती हैं. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने डिग्गी अनुदान योजना लागू की है.
योजना (Diggy Subsidy Scheme) के तहत किसानों को डिग्गी निर्माण पर 75% से 85% तक की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाती है लघु एवं सीमांत किसानों को डिग्गी निर्माण पर 85% तक का अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 4 लाख रुपए है. इसके अलावा सामान्य वर्ग के किसानों को 75% तक का अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम राशि 3 लाख रुपए निर्धारित की गई है.
किसे दिया जायेगा योजना का लाभ इस योजना से किसान अपने खेतों में पानी जमा करके सिंचाई की समस्या से निजात पा सकते हैं समय पर सिंचाई होने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होगी. इसके अलावा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. इस योजना का लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासी किसानों को ही मिलेगा. योजना में आवेदन के लिए किसान के पास कम से कम 1 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए.सभी श्रेणी के किसान आवेदन कर सकते हैं, लेकिन सब्सिडी श्रेणी के अनुसार दी जाएगी. किसान का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए.
डिग्गी अनुदान योजना में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज डिग्गी अनुदान योजना राजस्थान का लाभ लेने के लिए किसानों को योजना के अंतर्गत आवेदन किया जायेगा. इस योजना के आवेदन के लिए जिन दस्तावेजों की आवश्यकता रहेगी. जो राशन कार्ड , बैंक पासबुक , आधार कार्ड , खेत का नक्शा , भूमि का राजस्व रिकॉर्ड , निवास प्रमाण पत्र ,मोबाइल नंबर , सिंचाई जल स्रोत से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं.
योजना में ऐसे करें आवेदनप्रदेश के किसान डिग्गी अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के लिए सबसे पहले (https://rajkisan.rajasthan.gov.in/) पर जाएं पोर्टल पर किसान विकल्प में जाकर सेवाएं अनुभाग से ‘डिग्गी’ का चयन करें. योजना की जानकारी पढ़ने के बाद नीचे दिए गए आवेदन करें बटन पर क्लिक करें. आवेदन फॉर्म भरें और सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें. फॉर्म पूरा होने के बाद सबमिट कर दें. आवेदन जमा होने के बाद संबंधित कृषि विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के लगभग 45 दिनों के भीतर अनुदान राशि किसान के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
सुरक्षा का भी रखा जाएगा ध्यान –राज्य के नहरी क्षेत्रों में रहने वाले वही किसान इस योजना के लिए पात्र हैं जिनकी सिंचाई बारी स्वीकृत हो चुकी है. यदि कोई किसान इन शर्तों को पूरा नहीं करता, तो उसका आवेदन विभाग स्तर पर अस्वीकृत कर दिया जाता है. राज्य सरकार ने डिग्गी निर्माण के साथ ही सुरक्षा मानकों को भी अनिवार्य कर दिया है. हर डिग्गी के चारों ओर दो फीट ऊंची दीवार बनाना अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा डिग्गी के पास चेतावनी बोर्ड लगाना भी जरूरी है ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके. अनुदान मिलने के बाद डिग्गी का रख-रखाव पूरी तरह से किसान की जिम्मेदारी होगी. साफ-सफाई, पानी की गुणवत्ता और आसपास की सुरक्षा की निगरानी किसानों को खुद करनी होगी.



