अब मिनटों में तय होगी नागौर से जोधपुर की दूरी! 85 करोड़ की लागत से बनेगी नई सड़क, ग्रामीणों को बड़ा फायदा

Last Updated:November 10, 2025, 13:30 IST
Nagaur News: यह सड़क दोनों जिलों के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग बनेगी. दोनों जिलों के बीच बनने वाली यह सड़क करीब 30.50 किलोमीटर लंबी होगी. इस सड़क के निर्माण पर लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत आए.
राजस्थान के नागौर और जोधपुर दोनों बड़े शहरों को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. दिनों जिलों में गोटन से साथीन तक सड़क बनाई जाएगी. यह सड़क दोनों जिलों के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग बनेगी. दोनों जिलों के बीच बनने वाली यह सड़क करीब 30.50 किलोमीटर लंबी होगी. इस सड़क के निर्माण पर लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इस सड़क के बनने से मेड़ता रोड, गोटन, साथीन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों वाहन चालकों को अब बड़ी राहत मिलेगी. पहले जहां खराब सड़कों के कारण आवागमन में कठिनाई होती थी, वहीं नई सड़क तैयार होने के बाद इन क्षेत्रों से जोधपुर की यात्रा आसान हो जाएगी. इस निर्माण से व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी.

आपको बता दें कि इस, राजस्थान सरकार ने राज्य राजमार्ग एसएच 86 बी के अंतर्गत इस सड़क निर्माण कार्य को शामिल किया है. गोटन से साथीन होकर पीपाड़ तक यह सड़क न केवल दो जिलों को जोड़ेगी, बल्कि कई औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी मुख्य संपर्क मार्ग बनेगी. सरकार ने बजट में इसके लिए 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि सड़क निर्माण में कोई कमी न रहे. इस सड़क के बन जाने से नागौर, मेड़ता रोड और आसपास के कस्बों के लोगों के लिए जोधपुर की दूरी कम हो जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.

गोटन से साथीन और पीपाड़ तक का पुराना मार्ग लंबे समय से पूरी तरह क्षतिग्रस्त था. गड्ढों, धूल और कीचड़ भरी सड़क पर यात्रा करना लोगों के लिए बेहद कठिन हो गया था. बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते थे, जिससे वाहन फंस जाते थे और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी. यही वजह थी कि मेड़ता रोड से जोधपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ता था. अब जब इस सड़क का नया निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, तो क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि यह मार्ग उनके दैनिक जीवन में राहत लेकर आएगा. यह सड़क ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा साबित होगी.

नई सड़क के पूरा हो जाने से न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों को भी सीधा फायदा मिलेगा. गोटन में स्थित जेके सीमेंट प्लांट और खारिया में बिरला व्हाइट फैक्ट्री जैसे बड़े उद्योगों के लिए यह सड़क एक नया संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगी. इन उद्योगों से रोजाना भारी वाहन सामग्री लेकर निकलते हैं, जिन्हें अब उन्हें एक आसान और सुरक्षित रास्ता मिलेगा. इसके अलावा इस सड़क बन जाने से ट्रांसपोर्ट की लागत घटेगी, माल ढुलाई में समय की बचत होगी और औद्योगिक उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.

सरकार ने इस सड़क निर्माण में आधुनिक सुविधाओं को भी जोड़ा जाएगा. परियोजना में ड्रेनेज सिस्टम, साइनेज बोर्ड, लाइटिंग व्यवस्था और सुरक्षा दीवार जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं. इन सभी व्यवस्थाओं से सड़क पर सुरक्षा बढ़ेगी और वर्षा के दौरान पानी निकासी की समस्या नहीं रहेगी. इस सड़क के बनने के बाद ग्रामीणों के लिए अस्पताल, स्कूल, बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार होगा.

गौरतलब है कि 2021-22 के राज्य बजट में इस सड़क को पहली बार शामिल किया गया था. उस समय तत्कालीन सरकार ने गोटन-साथीन-पीपाड़ एसएच 86 बी मार्ग के लिए 61 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित किया था. हालांकि, बाद में 2024-25 के संशोधित बजट में इस परियोजना को और मजबूत करते हुए 85 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया. यह बजट वृद्धि सड़क की लंबाई, गुणवत्ता और आवश्यक सुधारों को ध्यान में रखते हुए की गई है.

इस परियोजना का टेंडर 21 सितंबर 2024 को जारी किया गया था, जिसके बाद अब इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया है. प्रारंभिक स्तर पर मिट्टी भराई, लेवलिंग और आधार संरचना का कार्य तेजी से चल रहा है. स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी टीमें गठित की हैं. क्षेत्र के लोगों ने भी सड़क कार्य की शुरुआत पर खुशी जताई है. उनका कहना है कि यह सड़क बनने से न केवल परिवहन सुगम होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. आने वाले महीनों में जब यह सड़क पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब इसका लाभ पूरे नागौर और जोधपुर अंचल को मिलेगा.
First Published :
November 10, 2025, 13:30 IST
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अब मिनटों में तय होगी नागौर से जोधपुर की दूरी! 85 करोड़ की लागत से बनेगी सड़



