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रजनीकांत की सफलता का खोला राज, गीतकार वैरामुथु ने तारीफ में पढ़े कसीदे- ‘काम को सबसे पहले रखते हैं’

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत को करोड़ों लोग सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा के रूप में देखते हैं. जब उन्हें हाल में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया, तो यह सिर्फ उनके अभिनय या लोकप्रियता का सम्मान नहीं था, बल्कि उनके लंबे स्ट्रगल की भी सराहना थी, जिसने उन्हें सिनेमा की दुनिया में एक अलग जगह दिलाई. इस अवसर पर देश के जाने-माने और सात बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके गीतकार वैरामुथु ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने रजनीकांत की सफलता के पीछे छिपे सच को बड़े सरल और साफ शब्दों में सामने रखा.

वैरामुथु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तमिल में एक लंबा पोस्ट लिखा और रजनीकांत को इस सम्मान के लिए बधाई दी. उन्होंने लिखा, ‘रजनीकांत को यह अवॉर्ड मिलना पूरी तरह सही है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन और करियर को जिस डेडिकेशन से जिया है, वह खुद में एक बड़ी मिसाल है. रजनीकांत आज जिस मुकाम पर हैं, उसका कारण सिर्फ उनका एक्टिंग टैलेंट नहीं, बल्कि उनकी काम के प्रति ईमानदारी और अनुशासन है.’

फैंस के साथ कैसा होता है रजनीकांत का बर्ताववैरामुथु ने रजनीकांत के साथ कई फिल्मों में काम किया है और लंबे समय से उन्हें करीब से जानते भी हैं. इन्हीं अनुभव के आधार पर उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, ‘रजनीकांत को सफलता कभी अचानक नहीं मिली, बल्कि यह उनके जीवन की प्राथमिकताओं के सही संतुलन का नतीजा है. वह हमेशा अपने काम को सबसे पहले रखते हैं और बाकी सारी चीजें उसके बाद आती हैं. वह अपनी लोकप्रियता और स्टारडम का इस्तेमाल कभी किसी और क्षेत्र में करने की कोशिश नहीं करते. यह विनम्रता उनके व्यक्तित्व को और भी बड़ा बनाती है. रजनीकांत अपने फैंस के साथ एक संतुलित दूरी बनाए रखते हैं. वह उनसे बहुत नजदीक नहीं होते कि व्यक्तिगत सीमाएं टूट जाएं और न इतने दूर कि उनके बीच दूरी पैदा हो जाए. यही संतुलन उनके और उनके फैंस के बीच सालों से प्रेम और सम्मान का रिश्ता बनाए हुए है.’

रजनीकांत के गिनाए गुणवैरामुथु ने पोस्ट में रजनीकांत की जीवनशैली पर भी लिखा, ‘रजनीकांत अपनी सेहत को लेकर बेहद सजग रहते हैं. सही खानपान और नियमित व्यायाम उनके जीवन का हिस्सा है, इसी कारण वह आज भी उम्र के इस पड़ाव पर बेहद फिट और चुस्त दिखाई देते हैं. वह नई पीढ़ी के लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, लेकिन इसके बावजूद अपनी असली पहचान नहीं खोते. वह बदलती दुनिया के साथ खुद को ढालते हैं, पर अपने मूल स्वभाव में कोई बदलाव नहीं लाते.’

गाने से की रजनीकांत की तारीफवैरामुथु ने पोस्ट में आगे कहा, ‘रजनीकांत हमेशा विवादों से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन समाज उन्हें अक्सर किसी न किसी मुद्दे में खींच लेता है. इसके बावजूद वह खुद कभी विवाद पैदा करने की कोशिश नहीं करते. उनका यह स्वभाव उन्हें बाकी कई सितारों से अलग बनाता है.’ गीतकार ने रजनीकांत की विनम्रता पर भी बात की. उन्होंने लिखा, ‘रजनीकांत आम जनता के सामने हमेशा बहुत सादगी और नम्रता से पेश आते हैं. यदि उनमें कहीं थोड़ी बहुत घमंड की भावना होती भी है, तो वह केवल उनके निजी जीवन तक सीमित रहती है और कभी भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देती.’ वैरामुथु ने पोस्ट के आखिर में एक गीत की पंक्तियों का जिक्र किया, जो उन्होंने रजनीकांत की एक फिल्म के लिए लिखी थीं. उन्होंने कहा कि रजनीकांत अपने जीवन से उन पंक्तियों को सच साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, ‘मेरा शरीर तब तक नहीं जलेगा, जब तक मैं अपनी सीमा को छू नहीं लेता.’

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