महाराजा भगवंत सिंह की विरासत व रथ यात्रा

Last Updated:November 18, 2025, 17:59 IST
धौलपुर के महाराजा भगवंत सिंह द्वारा निर्मित जगन्नाथ मंदिर अपनी स्थापत्य कला और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है, यहां भगवान श्रीकृष्ण, बलराम, सुभद्रा की प्रतिमाएं हैं. यहां प्रतिदिन पंचामृत स्नान, श्रृंगार और आरती का आयोजन होता है. मचकुंड सरोवर के किनारे स्थित यह मंदिर 1899 में बनाया गया और आज भी यह भक्तों का प्रमुख आस्था केंद्र है. रियासत के समय से चली आ रही रथ यात्रा आज भी धौलपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन का अहम हिस्सा बनी हुई है.
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धौलपुर. महाराजा भगवंत सिंह द्वारा निर्मित यह प्राचीन ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर आज भी धौलपुर की अनोखी संस्कृति और विरासत को एक साथ जोड़कर रखता है. अपनी अनोखी स्थापत्य कला और हिन्दू धर्म की धार्मिक मान्यताओं के कारण जगन्नाथ मंदिर धौलपुर के नागरिकों के लिए धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है. धौलपुर के इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है और यहां प्रतिदिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है.
राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित मचकुंड धाम मथुरा के समीप होने के कारण हिन्दू धर्म में अपना विशेष स्थान रखता है, इसलिए इसे सभी तीर्थों का भांजा भी कहा जाता है. यहां कुल 108 मंदिर स्थित हैं, इनमें से तीन मंदिर मुख्य हैं मदन मोहन जी का मंदिर (जिसे राजगुरु मंदिर भी कहा जाता है), लाडली जगमोहन जी का मंदिर और जगन्नाथ जी का मंदिर. मचकुंड सरोवर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से संबंधित है, इसलिए यह हिन्दू धर्म की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है, मथुरा के समीप होने के कारण ही इसका महत्व और भी बढ़ जाता है.
भगवान जगन्नाथ की निकाली जाती है रथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर का निर्माण धौलपुर रियासत के महाराजा भगवंत सिंह ने करवाया था. इसका निर्माण मचकुंड सरोवर के किनारे 1899 में हुआ. यह मंदिर धौलपुर से निकलने वाले लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है, इसकी उत्कृष्ट स्थापत्य कला आज भी धौलपुर जिले में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है. मंदिर की दीवारें, स्तंभ और मेहराब राजस्थान की शिल्पकला की बारीकी को दर्शाते हैं, जो देखने वाले को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं स्थापित हैं. इन तीनों प्रतिमाओं को प्राण प्रतिष्ठा के साथ महाराजा भगवंत सिंह ने गर्भगृह में स्थापित करवाया था.
मंदिर के महंत बताते हैं कि प्रतिदिन भगवान को पंचामृत स्नान कराया जाता है, इसके बाद उन्हें मधुवनी पोशाक धारण कराई जाती है. स्नान और श्रृंगार के पश्चात आरती होती है, जिसमें भक्तगण भाव-विभोर होकर भाग लेते हैं. यह क्रम रियासत के समय से चला आ रहा है, जो इस मंदिर की जीवंत परंपरा को दर्शाता है. धौलपुर के महाराज भगवंत सिंह के समय मचकुंड धाम में स्थित जगन्नाथ मंदिर में केवल भगवान जगन्नाथ ही नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम का भी दरबार आयोजित किया जाता था और उड़ीसा के पुरी की तर्ज पर ही रियासत के समय भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती थी. आज भी यह रथ यात्रा धौलपुर में आयोजित की जाती है.
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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Location :
Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
November 18, 2025, 17:59 IST
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महाराजा भगवंत सिंह ने बनवाया था धौलपुर का जगन्नाथ मंदिर, निकलती है रथ यात्रा



