Makrana Marble Art | Rajasthan Sculpture | White Marble Statues | Makrana Handicraft | Marble Peacock Design

Last Updated:October 17, 2025, 12:32 IST
Makrana Marble Art: राजस्थान के मकराना में संगमरमर की सुंदर कलाकृतियों का जादू बिखर रहा है. यहां सफेद संगमरमर से बने मोर और पुष्प की 40 से अधिक मूर्तियां शहर की सड़कों और चौक-चौराहों की शोभा बढ़ाएंगी. स्थानीय कारीगरों की मेहनत से मकराना फिर एक बार कला और संस्कृति का केंद्र बन रहा है.
राजस्थान का मकराना जो पहले ही विश्व भर में अपने उच्च गुणवत्ता वाले सफेद मार्बल के लिए प्रसिद्ध है. अब अपनी कलात्मक पहचान को और भी निखारने में लगा हुआ है. अब यही मकराना एक बार फिर अपने अनोखे रूप में सामने आ रहा है, शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए यह मार्बल से बनी मोर पुष्प जैसी मनमोहक कलाकृतियां लगाई जा रही है.

मकराना में लगभग 40 प्रमुख जगह पर यह मोर पुष्प कलाकृतियां स्थापित की जाएगी. इनमें प्रवेश द्वार, पुलिस थाना, बाईपास और घाटी तिराहा जैसे मुख्य स्थान शामिल है. इन कलाकृतियों से पूरे शहर की सुंदरता और भी चमक उठेगी. इन कलाकृतियों को लगाने का उद्देश्य न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाना है, बल्कि यहां आने वाले बाहरी पर्यटक को व्यापारियों और मेहमानों के बीच आकर्षण उत्पन्न करना है. ताकि वे केवल संगमरमर की खदानों तक ही मकराना को न पहचाने, बल्कि मार्बल से बनी कला को भी विश्व प्रसिद्ध बना सके.

मकराना का नाम सुनते ही दिमाग में संगमरमर की खदाने और सफेद पत्थर की चमक याद आती है. अब इन्हीं पत्थरों से बनी मोर पुष्प कलाकृतियां शहर की सड़कों और चौराहे की शोभा बढ़ाएगी. बाहर से आने वाले लोग जब इन कलाकृतियों को देखेंगे तो मकराना के मार्बल को मार्बल आर्ट सिटी के रूप में देखा जाएगा.

यहां के लोगों के अनुसार, मकराना का मार्बल परिवर्तन कि कला है और इस परिवर्तन को मकराना के कलाकारों ने नए रूप में पेश किया है. उन्होंने फिर एक बार मार्बल की कला में परिवर्तन करके मकराना को दोबारा मार्बल कला सिटी के रूप में लोकप्रिय बनाने का काम किया है. स्थानीय शिल्पकारों का कहना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और युवाओं में पारंपरिक कला को सीखने का उत्साह फिर से जागेगा. कहीं मोर के पंखों का फैलाव है ,तो कहीं पुष्प की कोमल आकृति यह सब देखने वालों को मोह लेते हैं.

यह पूरा अभियान संगमरमर व्यापार मंडल मकराना की पहल पर शुरू हुआ है. मंडल अध्यक्ष दीवान अहमद गौरी ने बताया कि शहर को नया रूप देने की योजना को लंबे समय से सोचा जा रहा था जिसे अब वास्तविक रूप में पूरा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मकराना की पहचान सिर्फ खदानों से नहीं बल्कि कला की नगरी के रूप में भी होगी.

इन कलाकृतियों को मजबूत डिवाइडर और प्लेटफार्म पर स्थापित किया जा रहा है. हर प्लेटफार्म की ऊंचाई 2 से 2.5 फिट है और डिवाइडर की ऊंचाई 2 फीट रखी गई है. ताकि यह सड़क से गुजरते हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच सके. इन मूर्तियों के लिए विशेष मकराना व्हाइट मार्बल का चयन किया गया है जो न सिर्फ सुंदर है, बल्कि टिकाऊ भी है. इन पर मौसम या धूप धूल का असर न के बराबर रहेगा. इससे सड़क की सुंदरता तो बढ़ेगी ही साथ ही स्वच्छता और सौंदर्य का नया दृश्य सामने आएगा. उनका उद्देश्य मकराना की पहचान को नई ऊंचाई देना और स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करना है.

यह पहला मकराना की पर्यटन संभावना को भी बढ़ाएगी, जो लोग अजमेर, नागौर या पुष्कर की ओर आते जाते हैं वह मकराना की नई कलात्मक सूरत देखकर उसकी सुंदरता से आकर्षित हो जाएंगे. इसे स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, होटल व्यवसाय को भी लाभ होगा. मकराना नगर परिषद भी इस परियोजना में सहयोग कर रही है ताकि सड़क किनारे सफाई, लाइटिंग और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा सके.
First Published :
October 17, 2025, 12:32 IST
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मकराना की कला को नई पहचान, शहर में बिखरेगी शिल्पकारों की मेहनत की चमक



