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सर्वाकइल कैंसर से हर साल 3 लाख महिलाओं की मौत, WHO ने तत्काल वैक्सीनेशन प्रोग्राम बढ़ाने को कहा, भारत में किस तरह का खतरा

Last Updated:November 18, 2025, 18:07 IST

Cervical Cancer in India: सर्वाइकल कैंसर के कारण हर साल 3 लाख महिलाओं की मौत हो जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पूरी दुनिया को आगाह करते हुए तत्काल वैक्सीनेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाने के लिए कहा है. भारत सरकार ने 9 से 14 साल की लड़कियों में सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम बनाया है. सर्वाइकल कैंसर के 90 फीसदी मामलों में बचा जा सकता है. भारत में इसे लेकर कितना खतरा है, आइए इसके बारे में जानते हैं.सर्वाकइल कैंसर से हर साल 3 लाख महिलाओं की मौत, WHO की चेतावनीसर्वाइकल कैंसर से बचने का तरीका.

Cervical Cancer in India: महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में होने वाली सर्वाइकल कैंसर बेहद जानलेवा बीमारी है. यह कैंसर महिलाओं के शरीर में इतने धीरे से पनपता है. इसलिए एक्सपर्ट का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर के 90 प्रतिशत मामलों में मरीजों को बचाया जाता है. दरअसल, यह कैंसर ह्यूमन पेपिलोमावायरस के कारण होता है. यह वायरस हर इंसान में मौजूद होता है लेकिन कुछ इंसान में इस वायरस का एक प्रकार कुछ कारणों से उभर आता है. सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स यानी गर्भाशय ग्रीवा की सतह से शुरू होता है. यह तब होता है जब गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाएं कैंसर-पूर्व कोशिकाओं में बदलने लगती हैं.सभी मामलों के लिए एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) का इंफेक्शन ही जिम्मेदार बनता है. एचपीवी एक वायरस है जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है. इसलिए यदि यौन गतिविधियों से पूर्व किसी महिला में एचपीवी वैक्सीन दे दी जाए तो उसे सर्वाइकल कैंसर से बचाया जा सकता है.

भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के मुताबिक हर साल साढ़े तीन लाख महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर के कारण हो जाती है. भारत में सर्वाइकल कैंसर की स्थिति बद से बदतर है. एक तरफ साढ़े तीन लाख महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से होती है तो दूसरी ओर भारत में हर साल लगभग 1.2 से 1.3 लाख सर्वाइकल कैंसर के नए मामले सामने आते हैं जिनमें 70 से 75 हजार मरीजों की मौत हो जाती है. भारत में जागरुकता का अभाव सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है. अधिकांश महिलाएं लक्षणों को पहचान नहीं पाती है जिसके कारण इलाज में देर करती हैं और कैंसर शरीर में फैल जाता है.इन्हें रोकने के लिए वैक्सीन बहुत ज्यादा प्रभावी है.

भारत में सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन

2024 के बजट में भारत सरकार ने 9 से 14 साल की लड़कियों में सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाने की बड़ी योजना बनाई थी. भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ने इसके लिए वैक्सीन भी बना ली है. इस अभियान को कई जगहों पर लागू किया जा रहा है. तमिलनाडु देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने 1 से 14 साल की लड़कियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन देने का राज्यव्यापी कार्यक्रम शुरू कर दिया है.अब दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी जल्दी ही ये टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है. कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 9-14 साल की लड़कियों को HPV की डोज दी जा रही है. हालांकि इसे सर्वव्यापी बनाने की जरूरत है. भारत में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरुकता की बहुत बड़ी आवश्यकता है.

इन वार्निंग संकेतों से संभलने की जरूरत

सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई विशेष लक्षण नहीं दिखाई देते, इसलिए इसे पहचानना कठिन हो जाता है. जैसे-जैसे कैंसर विकसित होता है, उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. जब कैंसर पनपने लगता है तब पानी जैसा या खून मिला हुआ वैजाइनल डिस्चार्ज होता है जो कभी-कभी अधिक मात्रा में और बदबूदार हो सकता है. इसके साथ संबंध बनाते समय या पीरियड्स के बीच या मेनोपॉज के बाद वेजाइनल व्लीडिंग हो सकती है. वहीं यौन संबंध के बाद दर्द भी इसके लक्षणों में आता. अगर कैंसर आसपास के टिशू या अंगों में फैल जाता है तो पेशाब करने में दिक्कत या दर्द, कभी-कभी पेशाब में खून आने लगता है. इसके साथ ही डायरीया, स्टूल में खून, थकान, वजन में कमी, भूख में कमी, पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द और पैरों में सूजन जैसी शिकायतें आती है.

कौन सी जांच 

एक्सपर्ट के मुताबिक इसके लिए 25 साल की उम्र से इसकी जांच तीन साल में एक बार करानी चाहिए. इसके लिए पेप स्मीयर टेस्ट होता है जो प्री कैंसरस सेल का पता लगा लेता है. कैंसर से पहले आसपास की कोशिकाओं में बदलाव होने लगता है. डॉक्टर उन कोशिकाओं या टिशू को वहां से निकाल देते हैं तो फिर यह कैंसर नहीं होता है. अगर किसी को ज्यादा जोखिम है तो पेप स्मीयर का टेस्ट हर साल कराना चाहिए.

Lakshmi Narayan

Excelled with colors in media industry, enriched more than 19 years of professional experience. Lakshmi Narayan is currently leading the Lifestyle, Health, and Religion section at . His role blends in-dep…और पढ़ें

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November 18, 2025, 18:07 IST

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सर्वाकइल कैंसर से हर साल 3 लाख महिलाओं की मौत, WHO की चेतावनी

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