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MBBS vs BAMS: डॉक्टर बनने के लिए एमबीबीएस करें या बीएएमएस? जानिए दोनों के बीच 10 बड़े अंतर

नई दिल्ली (MBBS vs BAMS). भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए 12वीं साइंस विषय से पास करना जरूरी है. जहां टॉप मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के लिए नीट परीक्षा में टॉप स्कोर हासिल करना अनिवार्य है, वहीं मेडिकल के अन्य कोर्सेस के लिए नीट के लो स्कोर को भी मान लिया जाता है. 12वीं के बाद मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक ज्यादातर स्टूडेंट्स एमबीबीएस और बीएएमएस के बीच कंफ्यूज्ड रहते हैं.

एमबीबीएस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS Full Form) और बीएएमएस का बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी है (BAMS Full Form). दोनों मेडिकल फील्ड में ग्रेजुएशन की डिग्री हैं. लेकिन इनमें कुछ मुख्य अंतर हैं, जो इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाते हैं. एमबीबीएस सिलेबस में मॉडर्न ट्रीटमेंट और सर्जरी पर फोकस किया जाता है, जबकि बीएएमएस आयुर्वेदिक चिकित्सा पर केंद्रित है. जानिए एमबीबीएस और बीएएमएस के बीच 10 बड़े अंतर.

Difference Between MBBS and BAMS: एमबीबीएस और बीएएमएस के बीच अंतरकिसी भी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस या बीएएमएस कोर्स में एडमिशन लेने से पहले इनके बीच के अंतर पता होने चाहिए-

1- मेडिकल कोर्स सिलेबस: एमबीबीएस कोर्स एलोपैथिक ट्रीटमेंट पर केंद्रित है, जबकि बीएएमएस आयुर्वेदिक चिकित्सा पर फोकस्ड है.

2- अध्ययन की अवधि: एमबीबीएस और बीएएमएस, दोनों की अवधि 5.5 साल है. कुछ मेडिकल कॉलेज में इसमें फर्क भी हो सकता है.

3- मेडिकल प्रवेश परीक्षा: एमबीबीएस में एडमिशन के लिए नीट (राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा) में टॉप स्कोर होना चाहिए, जबकि बीएएमएस में एडमिशन के लिए भी लो स्कोर भी मान्य हो सकता है.

4- चिकित्सा पद्धति: एमबीबीएस एलोपैथिक पद्धति पर केंद्रित है, जबकि बीएएमएस आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर केंद्रित है.

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5- पाठ्यक्रम की संरचना: एमबीबीएस में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी आदि विषय शामिल हैं, जबकि बीएएमएस में आयुर्वेद के सिद्धांत, Alchemy, अगदतंत्र, सर्जिकल सिस्टम जैसे विषय शामिल हैं.

6- चिकित्सा क्षेत्र: एमबीबीएस स्नातक एलोपैथिक चिकित्सा क्षेत्र में काम करते हैं, जबकि बीएएमएस स्नातक आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में काम करते हैं.

7- व्यावसायिक अवसर: एमबीबीएस स्नातकों के लिए ज्यादा विविध और व्यापक करियर ऑप्शन उपलब्ध हैं, जबकि बीएएमएस स्नातकों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में विशेष अवसर हैं.

8- वेतन: एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी आमतौर पर बीएएमएस स्नातकों की तुलना में ज्यादा होती है.

9- मेडिकल रिसर्च: एमबीबीएस डॉक्टर एलोपैथिक मेडिकल रिसर्च में भाग ले सकते हैं, जबकि बीएएमएस स्नातक आयुर्वेदिक चिकित्सा अनुसंधान में भाग ले सकते हैं.

10- चिकित्सा शिक्षा: एमबीबीएस ग्रेजुएट्स को एलोपैथी चिकित्सा के बारे में पढ़ाया जाता है, जबकि बीएएमएस स्नातकों को आयुर्वेदिक चिकित्सा के बारे में.

यह भी पढ़ें- क्या 1 साल में MBA कर सकते हैं? डिग्री या सर्टिफिकेट, क्या है बेहतर?

Tags: Government Medical College, MBBS student, Medical Education, NEET

FIRST PUBLISHED : October 12, 2024, 10:55 IST

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