नागौर: आलू-टमाटर की फसल में झुलसा रोग से बचाव के उपाय

Last Updated:January 10, 2026, 19:51 IST
लगातार बढ़ रही ठंड और मौसम में बदलाव के कारण नागौर जिले में आलू व टमाटर की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं. घना कोहरा, सूरज की रोशनी की कमी और अधिक नमी इस रोग को बढ़ावा दे रही है. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार समय पर निगरानी, संक्रमित पौधों को हटाना और उचित फफूंदनाशकों या देशी उपायों का छिड़काव नहीं करने पर यह रोग 25 से 40 प्रतिशत तक उपज को नुकसान पहुंचा सकता है.
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नागौर. लगातार बढ़ रही ठंड और मौसम में बदलाव के चलते आलू व टमाटर की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. नागौर जिले के बहुत से किसान इस समस्या से परेशान हैं. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने बताया कि घना कोहरा और सूरज की रोशनी की कमी के कारण सब्जियों की फसल में झुलसा रोग तेजी से बढ़ता है, क्योंकि इस मौसम में रोग के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिल जाता है. उन्होंने बताया कि झुलसा रोग का सबसे अधिक असर आलू व टमाटर जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की फसल में देखने को मिलता है. अगर किसान समय पर इसका समाधान नहीं करें, तो इसका प्रभाव उत्पादन पर भी पड़ने लगता है.
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार, किसानों को तुड़ाई के समय झुलसा रोग की निगरानी जरूर रखनी चाहिए. इसके अलावा जिन पौधों में यह प्रकोप दिखाई दे, उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए. उन्होंने बताया कि यह रोग 25 से 40 प्रतिशत तक उपज को नुकसान पहुंचा सकता है. यह रोग सबसे पहले पत्तियों पर भूरे-काले धब्बों के रूप में दिखाई देता है और धीरे-धीरे पूरे पौधे को प्रभावित करता है. अधिक नमी, ठंडा मौसम और लगातार ओस गिरने से इसका प्रकोप और अधिक बढ़ जाता है.
बचाव के लिए ये उपाय करें
फसल की सुरक्षा के लिए समय पर रोकथाम बेहद जरूरी है, इसके लिए किसानों को पत्तियों को सुरक्षित रखने हेतु मैनकोजेब, क्लोरोथैलोनिल या कॉपर-आधारित कॉन्टैक्ट फफूंदनाशकों का छिड़काव करना चाहिए. इसके अलावा फसल की नियमित निगरानी भी आवश्यक है. ध्यान रहे कि किसान संतुलित मात्रा में ही इन दवाओं का छिड़काव करें, क्योंकि अधिक मात्रा में छिड़काव करने से इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है. इसके अलावा जब आलू व टमाटर की फसल में उत्पादन में भारी कमी आने लगे, तब भी किसान इसका छिड़काव कर सकते हैं.
देसी उपाय भी अपना सकते हैं
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने बताया कि आलू और टमाटर की फसल में झुलसा रोग को दूर करने के लिए किसान केमिकल उपायों के अलावा प्राकृतिक तरीके भी अपना सकते हैं. इसके लिए किसान 5 लीटर गोमूत्र में 200 ग्राम नीम की पत्तियां उबालकर ठंडा होने पर उसे छान लें और उसमें 50 ग्राम साबुन का घोल मिलाकर छिड़काव करें. यह फंगल रोग को रोकने में मदद करता है, इसके अलावा लहसुन और हरी मिर्च का घोल बनाकर सप्ताह में एक बार छिड़काव करने से भी झुलसा रोग का प्रकोप कम होता है. साथ ही फसल में हवा का संचार बनाए रखना भी जरूरी होता है, इस रोग के दौरान अधिक सिंचाई से बचना चाहिए और सुबह के समय ही छिड़काव करना आवश्यक है.
About the AuthorMonali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Location :
Nagaur,Rajasthan
First Published :
January 10, 2026, 19:51 IST
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नागौर में आलू-टमाटर की फसल में झुलसा रोग से बचाव के उपाय



