ऑर्गेनिक खेती का कमाल! पाली किसान ने उगाया दोगुनी साइज का खीरा, हर दिन 30 हजार की कमाई

Last Updated:December 07, 2025, 14:11 IST
पाली फॉर्मर सक्सेस स्टोरी: पाली जिले के किसान मुकेश सिंह राजपुरोहित ने पॉलीहाउस और नेट हाउस में पूरी तरह ऑर्गेनिक तरीके से दोगुनी साइज वाला खीरा उगाकर सबको चौंका दिया है. यूट्यूब से सीखी तकनीक से उन्होंने बिना किसी केमिकल खाद और कीटनाशक के 18-20 दिन तक खराब न होने वाला खीरा तैयार किया. हर दूसरे दिन 1500 किलो उत्पादन मिल रहा है, जिससे 25-30 हजार रुपए की कमाई रोज हो रही है. चार महीने में 9-10 लाख रुपए मुनाफे की उम्मीद है. ऑर्गेनिक खेती से लागत भी एक चौथाई रह गई है.
पाली. खेती-बाड़ी के क्षेत्र में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसन भी खुद को अपग्रेड करने में लगे हुए हैं. लगातार अपडेट होती तकनीक का इस्तेमाल कर पाली जिले के एक किसान ने खीरे की ऐसी किस्म उगाई है, जिसने सभी किसानों को हैरान कर दिया है. यूट्यूब के जरिए किसान ने ऐसा कमाल किया कि दोगुनी साइज का खीरा उगाकर दिखाया. यही नहीं, इससे किसान को अब लाखों की कमाई भी हो रही है. खास बात यह है कि यह खीरा जल्दी खराब नहीं होता है. किसान ने यूट्यूब से खाद और कीटनाशक बनाना सीखा और उसी का नतीजा है कि इस तरह के रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि यह खेती पूरी तरह से ऑर्गेनिक है, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
किसान मुकेश सिंह राजपुरोहित ने बिना फर्टिलाइजर और कीटनाशक के 18 से 20 दिन तक खराब नहीं होने वाला खीरा तैयार किया गया है. हर दूसरे दिन खेत से 1500 किलो खीरे तोड़े जा रहे हैं, जो सामान्य से ज्यादा है. जैविक खाद और जैविक कीटनाशक खेत पर ही बनाया जाता है. जैविक खेती से लागत एक चौथाई रह गई है. चार महीने की खेती में उन्हें 9 से 10 लाख रुपए का मुनाफा होने की उम्मीद है. अभी किसान हर दूसरे दिन 25 से 30 हजार रुपए का खीरा बाजार में बेच रहे हैं.
4 हजार स्क्वायर मीटर फैले पॉली हाउस में कर रहे खेती
पाली के किसान मुकेश सिंह राजपुरोहित बताते हैं कि पहले हम पारंपरिक खेती गेहूं, चना, रहिड़ा करते थे. मगर बदलते समय के साथ इसी वर्ष मैंने 4 हजार स्क्वायर मीटर क्षेत्र में 11 लाख रुपए की लागत से पॉली हाउस लगवाया. साथ ही 4 हजार स्क्वायर मीटर में ही 2 लाख 5 हजार रुपए की लागत से नेट हाउस लगाया. जानकारी लेने पर खीरे की खेती में अधिक मुनाफा नजर आया. अधिकांश किसान पॉलीहाउस में कीटनाशक और अंग्रेजी खाद का इस्तेमाल कर खीरे का उत्पादन कर रहे थे, लेकिन मैंने कुछ अलग करने की सोची और ऑर्गेनिक खीरा उगाने का निर्णय लिया.अब रिजल्ट सामने है.
1500 किलो खीरे का हो रहा उत्पादन
इस आधुनिक खेती के तहत जैसे-जैसे पौधे बढ़ना शुरू हुए, रस्सी की सहायता से उन्हें 6-7 फीट ऊंचे तारों पर लपेटा गया. करीब 37 दिन बाद 30 अक्टूबर को पहली बार खीरे की तुड़ाई की. 30 अक्टूबर के बाद से हर दूसरे दिन 1500 किलो खीरे का उत्पादन हो रहा है, जिससे रोजाना 25 से 30 हजार रुपए का मुनाफा हो रहा है. मुकेश सिंह बताते हैं कीटनाशक वाला खीरा तोड़ने के कुछ दिनों में ही खराब होने लगता है, उसे छीलने के बाद थोड़े समय में ही पानी छोड़ना शुरू कर देता है. वहीं हमारा ऑर्गेनिक खीरा 500 से 600 ग्राम का होता है. ऑर्गेनिक खीरे की चमड़ी मोटी होने के कारण यह 18 से 20 दिन तक खराब नहीं होता है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
First Published :
December 07, 2025, 14:11 IST
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पाली के किसान ने उगाया 20 दिन तक न खराब होने वाला खीरा, हर दिन 30 हजार की कमाई



