जयपुर में पूर्व डीजीपी की सनक! प्रसादी कार्यक्रम में पिस्टल लहराई, भीड़ ने की धक्का-मुक्की, विधायक ने संभाला

जयपुर. राजस्थान के पूर्व डीजीपी नवदीप सिंह एक धार्मिक प्रसादी वितरण कार्यक्रम में उस समय विवादों के केंद्र में आ गए, जब उन्होंने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल श्रद्धालुओं के बीच लहरा दी और चीखते-चिल्लाते नजर आए. यह घटना कल देर शाम खातीपुरा मोड़ पर आयोजित एक प्रसादी कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित थे. गनीमत रही कि पिस्टल से फायरिंग नहीं हुई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
घटना की शुरुआत तब हुई जब कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों और पूर्व डीजीपी के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई. सूत्रों के अनुसार, नवदीप सिंह अचानक उत्तेजित हो गए और अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर लहराने लगे. साथ ही वे जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगे. इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और कुछ उग्र लोग आगे बढ़े. गुस्साई भीड़ ने पूर्व डीजीपी के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें घेर लिया. स्थिति उस समय और बिगड़ सकती थी, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने बीच-बचाव किया. विधायक ने दोनों पक्षों को समझाया और माहौल को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
राजस्थान के पूर्व डीजीपी हैं नवदीप सिंह
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई. पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और किसी बड़े विवाद को होने नहीं दिया. पुलिस अधिकारियों ने पूर्व डीजीपी से पिस्टल जमा कराई और पूछताछ की. हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन घटना की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि लाइसेंसी हथियार का सार्वजनिक स्थान पर इस तरह प्रदर्शन करना गंभीर मामला है और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है. यह घटना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि नवदीप सिंह राजस्थान पुलिस के पूर्व डीजीपी रह चुके हैं और एक जिम्मेदार पद पर रहे व्यक्ति से ऐसी हरकत की उम्मीद नहीं की जाती.
प्रसादी वितरण के दौरान पूर्व डीजीपी ने लहराया पिस्टल
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसादी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना से सभी सहम गए. एक लोगों ने बताया कि पूर्व डीजीपी साहब अचानक गुस्से में आ गए और पिस्टल लहराने लगे. भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी थे, अच्छा हुआ फायरिंग नहीं हुई. विधायक ने समझाकर मामला शांत कराया. राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना पर चर्चा हो रही है. कुछ लोगों का मानना है कि पूर्व डीजीपी किसी व्यक्तिगत तनाव में या ‘सनक’ का मामला बता रहे हैं.
विधायक गोपाल शर्मा ने घटना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि उन्होंने पुलिस को स्थिति की जानकारी दी और शांति बनाए रखने की अपील की. फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. यदि कोई शिकायत दर्ज होती है तो हथियार अधिनियम और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं में कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल माहौल शांत है, लेकिन यह घटना जयपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है.



