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मोरेल बांध से 3 महीने सिंचाई की सौगात! 83 गांवों की धरती होगी सींची, लेकिन पानी में केमिकल का खतरा… फसलें बर्बाद होने का डर!

Last Updated:November 22, 2025, 13:54 IST

Dausa News Hindi : दौसा जिले के किसानों के लिए राहत की खबर है. मोरेल बांध की पूर्वी और मुख्य नहरों में पूजा-अर्चना के साथ पानी छोड़ा गया है. तीन माह तक मिलने वाले सिंचाई जल से दो जिलों के 83 गांवों में करीब 78 हजार बीघा भूमि को जीवनदान मिलेगा. हालांकि बांध के पानी में केमिकल होने की आशंका किसानों की चिंता बढ़ा रही है.नहर में पानी खोलते हुए

दौसा जिले में स्थित पूर्वी नहर एवं मुख्य नहर में पूजा अर्चना कर पानी छोड़ा गया नहर में तीन माह तक पानी छोड़ा जाएगा, इससे दो जिलों के 83 गांव में करीब 78000 बीघा भूमि की सिंचाई होगी. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता चेतराम मीणा ने बताया कि मोरल बांध में 30 पॉइंट 6 फीट पानी की उपलब्धता है.

पूजा अर्चना कर नहर को खोली गई

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता चेतराम मीणा ने बताया कि मोरल बांध में 30.6 फीट पानी उपलब्ध है बैठक में निर्णय के अनुसार बांध में 8 फीट पानी रिजर्व रखा जाएगा. बांध में शेष पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. मोरेल बांध की पूर्वी नहर से लालसोट के 13 गांवों में बामनवास तहसील के 15 गांवों के किसानों को 53 की लंबी नहर से पानी मिलेगा. 6705 हेक्टेयर भूमि में फसल की सिंचाई होगी. इस तरह मुख्य नहर से 55 गांव के 12 हजार731 हैक्टेयर क्षेत्र में सवाई माधोपुर जिले के बौंली और मलारना डूंगर तहसील के लोगों को पानी मिल सकेगा.

मोरेल बांध

मोरेल बांध की नहर खोले जाने से पहले जल संसाधन विभाग के अभियंता सहित जल वितरण कमेटी के पदाधिकारी ने और किसानों ने पूछा अर्चना की और बांध की पाल पर स्थित मजार पर चादर चढ़ाई. इसके बाद नहर की मोरी खोलकर पानी की छोड़ने की शुरुआत की जिससे अब काफी लोगों को फायदा होगा क्योंकि इस बांध के नहर से लोगों को खेतों में पानी देने के लिए आसानी होगी और आसानी से किसान खेती भी कर सकेंगे.

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मोरेल बांध

मोरेल बांध में वर्ष 2019 में 90 दिन 2020 में 20 दिन 2021 में 30 दिन 2022 में 30 दिन 2023 में 30 दिन 2024 में 90 दिन की सिंचाई हो चुकी हैं. अब 2025 में किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होगा जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता ने बताया कि बाद में कुल भराव क्षमता 2707 MCFT डेड स्टोरेज है और बांध का कल गेज 30 फीट का है जिसमें से 2707 MCFT पानी उपलब्ध है.

मोरेल बांध छोड़ गया पानी दूषित

मोरेल बांध में जयपुर तक का पानी आता है ऐसे में अबकी बार लोगों का कहना है कि मन में जो पानी आया है उसमें केमिकल के रूप में बरसात के मौसम में पानी आया है और बांध के पानी में केमिकल हो जाने के कारण अबकी बार किसानों को भी डर है कि खेतों में छोड़ गया पानी कहीं फसल को नष्ट नहीं कर दे बाद में कई तरह के पक्षी भी या आते हैं उन्हें भी किसी प्रकार का रोग नहीं हो जाए उसका भी डर लगा हुआ है किसानों का कहना है कि इस बांध में जो पानी कैपचरमेंट एरिया से आता है उसे शुद्ध करने का प्रयास करना चाहिए.

First Published :

November 22, 2025, 13:54 IST

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मोरेल बांध से 3 महीने सिंचाई, 83 गांव खुश, पर पानी में केमिकल से फसल बर्बादी..

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