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Last Updated:December 08, 2025, 11:23 IST

Nagaur Sambhar Jheel: सांभर झील में बड़े पैमाने पर मछलियां मृत पाई गईं, 1000 से अधिक मरी हुईं मिल रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई है. अधिकारियों ने अब बची मछलियों को सुरक्षित स्थल पर निकालने की तैयारी शुरू कर दी है. पर्यावरण संकट से जड़ी यह खबर नागौर समेत आसपास के इलाकों में तेजी से फैल रही है.मछली त्रासदी

सांभर झील में मछलियों की बड़े स्तर पर हुई मौत ने एक बार फिर से प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है. नावां से करीब 4 किलोमीटर दूर मोहनपुरा पहाड़ और झाग के बीच झील किनारे हजारों मृत मछलियां मिलने से इलाके में हलचल मच गई. करीब एक महीने से धीमी गति से चल रहा यह क्रम रविवार को अचानक तेज हो गया, जिससे स्थानीय लोगों और अधिकारियों में चिंता बढ़ गई. मत्स्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक प्रेम सिंह प्रजापत ने कहा कि अगले सप्ताह झील को मछलियों से पूरी तरह खाली करने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा.

मछली त्रासदी

इस घटना के बाद पशुपालन विभाग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. अधिकारियों ने मृत मछलियों को इकट्ठा किया और सैंपल उठाए. झील में इस साल भरपूर पानी होने की वजह से स्थिति कुछ अलग दिखाई दे रही है, क्योंकि आमतौर पर पानी कम होने पर ज्यादा खतरा बनता है, लेकिन अब गहराई और भूगर्भीय फीड जैसे पहलुओं को समझना जरूरी हो गया है.

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सांभर झील का पानी गहरा नहीं होने के बावजूद इतना विशाल है कि इसमें पर्यावरणीय बदलाव जल्दी असर दिखा सकते हैं. इस बार पानी में खारापन बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे विशेषज्ञों में यह डर है कि कहीं नमक की यह झील धीरे-धीरे प्रदूषण का अड्डा न बन जाए. बड़ी मात्रा में मछलियां मरने से झील की सेहत पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.

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इस घटना से जुड़े पर्यावरणीय कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन इलाके में पिछले दिनों पड़ी कड़ाके की ठंड भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है. वर्तमान में झील का पानी 6 से 7 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि झील क्षेत्र में तापमान इससे भी नीचे चला जाता है. ठंड की ऐसी तीव्रता मछलियों के लिए जोखिमपूर्ण होती है, जिससे उनकी मौत तेजी से हो सकती है.

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मछलियों के मरने से झील के आसपास का वातावरण भी प्रभावित होने लगा है. इतने बड़े पैमाने पर मछलियां मरने से बदबू फैलने और जल प्रदूषण बढ़ने की आशंका है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति दूसरे जलजीवों और आसपास के गांवों पर भी असर डाल सकती है. इसलिए प्रशासन काफी गंभीरता से पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.

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पशुपालन विभाग के डॉ. मोती राम ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी और सारे सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं. मृत मछलियों के निस्तारण की तैयारी की जा रही है और इसके लिए पांच टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. उनकी बातों से साफ है कि विभाग पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर रख रहा है.वन विभाग की एसीएफ आकांक्षा ने भी बताया कि पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और कर्मचारी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं.

First Published :

December 08, 2025, 11:23 IST

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नागौर का संकट: सांभर झील में मरी हज़ारों मछलियां, जानिए क्या है वजह?

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