हिंद महासागर में भारत के मिसाइल टेस्ट की तैयारी, चीनी जासूसी जहाज़ पर नौसेना अलर्ट

पुणे. भारत की तरफ से एक अत्यंत विशाल NOTAM (Notice to Airmen) जारी किए जाने के तुरंत बाद हिंद महासागर में चीनी जासूसी जहाज़ की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. यह NOTAM विशाखापट्टनम तट से लगभग 3,485 किलोमीटर तक फैले एक बड़े ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ को दर्शाता है, जो साफ संकेत देता है कि भारत एक लॉन्ग-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल या K-सीरीज़ की सबमरीन-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि चीन के जासूसी जहाज की वजह से अब मिसाइल टेस्ट में देरी हो रही है, लेकिन चीफ ऑफ़ नेवल स्टाफ़ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने इससे साफ इनकार कर दिया.
चीनी जासूसी जहाज़ की वजह से मिसाइल टेस्ट में देरी से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “… मुझे इसकी पूरी जानकारी नहीं है… यह किसी की मनगढ़ंत कहानी भी हो सकती है, शायद प्लांट की गई हो. लेकिन पहले, हमने अपने इलाके में सर्वे शिप और सैटेलाइट ट्रैकिंग शिप को देखा है, और पहले, कभी-कभी हमें अपनी एक्टिविटीज़ को रीकैलिब्रेट करना पड़ा है, और यह दुनिया भर में हो रहा है… यह एक नॉर्मल प्रैक्टिस है जो दुनिया के सभी हिस्सों में होती है…”
पूर्वी नौसेना कमान का मुख्यालय विशाखापट्टनम, भारत के न्यूक्लियर सबमरीन बेड़े का केंद्र है. इसलिए परीक्षण क्षेत्र और दिशा का चुनाव इस बात की ओर इशारा करता है कि यह ट्रायल समुद्र के भीतर स्थित किसी प्लेटफॉर्म – संभवतः एक एटमी पनडुब्बी या पनडुब्बी-लॉन्च प्लेटफॉर्म – से होने वाला है.
चीनी जासूस जहाज़ की संदिग्ध हलचलभारत की इस संभावित मिसाइल टेस्ट गतिविधि के बीच, हिंद महासागर में चीन का ट्रैकिंग व सर्विलांस शिप – जिसे आम तौर पर ‘जासूसी जहाज़’ कहा जाता है – देखा गया. यह जहाज़ उन्नत सेंसर और रडार सिस्टम से लैस होता है, जो बैलिस्टिक मिसाइलों के मार्ग, रडार सिग्नेचर, और कम्युनिकेशन पैटर्न को रिकॉर्ड करने में सक्षम होता है.
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस जहाज़ की टाइमिंग बेहद ‘रणनीतिक’ मानी जा रही है. यह उसी क्षेत्र के पास पहुंचा है, जहां भारत ने NOTAM जारी किया है, जो चीन की खुफिया गतिविधि की एक सामान्य पैटर्न को दोहराता है. पिछले वर्षों में भी जब-जब भारत ने K-4, K-15 या अग्नि-श्रृंखला की मिसाइलों का परीक्षण किया, चीन के ऐसे जहाज़ दूर समुद्र में पहुंचकर इलेक्ट्रॉनिक डेटा जुटाने की कोशिश करते रहे हैं.
भारत की कड़ी नजर – नौसेना हाई अलर्ट परभारतीय नौसेना ने चीनी जहाज़ की मौजूदगी को गंभीरता से लिया है. इसीलिए समुद्री निगरानी के तहत P-8I पनडुब्बी-रोधी विमान, नौसेना के युद्धपोत को सक्रिय कर दिया गया है ताकि कोई भी संवेदनशील डेटा लीक न हो सके.
NOTAM का आकार, दिशा और दूरी यह संकेत देती है कि भारत एक पनडुब्बी-लॉन्च्ड मिसाइल के लिए अब तक का सबसे लंबी दूरी वाला परीक्षण कर सकता है, जो हिंद महासागर में भारत की स्ट्रैटेजिक डिटरेंस क्षमता को नई ऊंचाई देगा. भारत के संभावित परीक्षण और चीन के जासूसी जहाज़ की हरकतों के बीच यह पूरा घटनाक्रम हिंद महासागर क्षेत्र में तेज़ होती सामरिक प्रतिस्पर्धा की एक और कड़ी बन गया है.



