मौत को हराकर मुस्कान बन गई मिसाल! कैंसर से जंग जीतने के बाद सोशल मीडिया क्वीन बनीं उदयपुर की वर्षा राव

Last Updated:October 29, 2025, 13:18 IST
Udaipur News hindi : कहते हैं हौसला हो तो मौत भी झुक जाती है, और उदयपुर की वर्षा राव इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर उन्होंने अपने दर्द को हंसी में बदल दिया. आज उनकी मेवाड़ी अंदाज वाली कॉमिक वीडियोस लाखों लोगों को मुस्कुराने की वजह दे रही हैं और वो सोशल मीडिया की प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं.
कहते हैं कि जिंदगी का दूसरा नाम हौसला है, और अगर दिल में जिंदादिली हो तो मौत भी हार जाती है. ऐसी ही कहानी है उदयपुर की वर्षा राव की, जिसने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात दी और अब सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला रही हैं.

वर्षा राव की जिंदगी साल 2021 में अचानक बदल गई. प्रेग्नेंसी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर जब जांच हुई तो ओवेरियन कैंसर का पता चला. डॉक्टरों ने कहा कि या तो मां बचेगी या बच्चा. सात डॉक्टरों की सलाह पर प्री-मैच्योर डिलीवरी करवाई गई. जुड़वां बच्चों में से एक ने जन्म के पांच दिन बाद ही दम तोड़ दिया. इसके बाद वर्षा को अहमदाबाद रैफर किया गया, जहां 22 घंटे लंबी सर्जरी हुई. डॉक्टरों ने यूट्रस और ओवरी निकालनी पड़ीं, तब जाकर वर्षा की जान बची.

वर्षा बताती हैं कि उस समय उनके पति, सास-ससुर और परिवार ने हिम्मत दी. पति ने कहा, जरूरत पड़ी तो अपनी सांसें भी तुम्हें दे दूंगा. बेटे के चेहरे ने उन्हें जीने की ताकत दी. धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला और बीमारी को पीछे छोड़ दिया.

बीमारी के बाद वर्षा ने तय किया कि अब वो सिर्फ जिएंगी नहीं, बल्कि दूसरों को भी हंसने की वजह देंगी. उन्होंने सास-बहू, देवरानी-जेठानी के रिश्तों पर हास्य और व्यंग्य से भरे वीडियो बनाना शुरू किए. मेवाड़ी बोली और राजपूती पोशाक में उनके वीडियो लोगों को खूब पसंद आने लगे. सास, नणद और भौजाई भी उनके साथ कंटेंट बनाने लगीं. परिवार की महिलाओं की ये जोड़ी अब लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.

वर्षा कहती हैं कि उनके संयुक्त परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया. सास-ससुर बेटी की तरह रखते हैं और ससुर को बहू पर सबसे ज्यादा भरोसा है. इसी परिवार के सहयोग से वह आज सोशल मीडिया की जानी-मानी इंफ्लुएंसर है.

सोशियोलॉजी और इकॉनोमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट वर्षा आज संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ ही यह संदेश भी दे रही हैं कि जिंदगी चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, मुस्कुराकर जीना ही असली जीत है.

इंस्टाग्राम पर करीब सवा लाख फॉलोअर्स हैं. हाल ही में जयपुर में मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित भी किया. वर्षा का मानना है कि अगर मन में हिम्मत हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती. उन्होंने अपने दर्द को कॉमेडी में बदल दिया और आज वही हंसी उनके लिए जिंदगी की सबसे बड़ी दवा बन गई है.
First Published :
October 29, 2025, 13:18 IST
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कैंसर को हराकर जिंदगी की मिसाल बनी वर्षा राव, हंसी से जीते लाखों दिल



