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न गुरुग्राम न नोएडा ग्रोथ में सबसे आगे निकला NCR का ये शहर, आज खरीदा घर तो 2031 तक चमक जाएगी किस्मत, रिपोर्ट sohna is fastest growing micro market in delhi ncr gurgaon

हाल ही में कॉलियर्स ने एनसीआर के पांच प्रमुख माइक्रो मार्केट्स पर रिपोर्ट शेयर की है, जहां सबसे तेजी से विकास हो रहा है. गुरुग्राम के चार प्रमुख सेटेलाइट शहरों गुरुग्राम, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में से गुरुग्राम के पास बसा ये शहर आज ग्रोथ में सबको पीछे छोड़ता नजर आ रहा है. यह न केवल निवेश के लिए सबसे बेहतर जगह है बल्कि कीमतों में बढ़ोत्तरी के मामले में भी सभी को पछाड़ने की क्षमता रखता है.

इस रिपोर्ट में एनसीआर में गुरुग्राम के 5 प्रमुख माइक्रो मार्केट्स को निवेश के लिए सबसे बेहतर स्थान बताया गया है, जहां अगले 5 सालों में 1.0 से 1.6 गुना तक की वृद्धि होने की उम्मीद है. इनमें सोहना सबसे आगे है और सबसे ज्यादा निवेशक-अनुकूल बाजार है, जहां 1.6 गुना मूल्य वृद्धि की संभावना है.

रिपोर्ट कहती है कि एनसीआर के चारों शहरों में से गुरुग्राम और गुरुग्राम के आसपास का इलाका सबसे आगे है. सोहना भी गुरुग्राम से ही लगा हुआ शहर है. यहां तेजी से बढ़ती शहरीकरण प्रक्रिया, मजबूत कारोबारी माहौल और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यह शहर कामकाजी पेशेवरों की पहली पसंद बन गया है. इतना ही नहीं इन माइक्रो बाजारों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और संपत्ति की कीमतों में स्थिर बढ़त ने मिलकर भी इनकी ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है.

गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन से भी आगे सोहना एनसीआर में लगभग 85,921 इकाइयों की कुल ग्रेडेड हाउसिंग यूनिट्स में से सोहना समेत गुरुग्राम का हिस्सा सबसे ज्यादा है, यह लगभग 73 फीसदी है. गुरुग्राम के उभरते माइक्रो-मार्केट्स जैसे सोहना, गोल्फ कोर्स, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, एसपीआर (साउदर्न पेरिफेरल रोड) और द्वारका एक्सप्रेसवे में भी हाउसिंग सप्लाई लगातार बढ़ रही है.

सोहना इसलिए है आगे गुरुग्राम के दक्षिण में सोहना प्रमुख निवेश-अनुकूल क्षेत्रों में से एक इसलिए बन गया है कि क्योंककि यहां IMT सोहना, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, नेशनल हाइवे, दोहरी हवाई अड्डा कनेक्टिविटी और 10,000 एकड़ के अरावली जंगल सफारी जैसी बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स इस लोकेशन को सबसे बेस्ट बनाने वाले हैं. इतना ही नहीं यहां से पूरे एनसीआर के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है. वहीं सबसे खास बात है कि इसमें कीमतें अभी गुरुग्राम के बाकी इलाकों के मुकाबले कम हैं और तेजी से बढ़ रही हैं.

सोहना, गुरुग्राम के प्रमुख रोजगार केंद्रों जैसे साइबर हब और गोल्फ कोर्स रोड से केवल 40 मिनट की दूरी पर है और IGI एयरपोर्ट से भी एक घंटे से कम समय में पहुंचा जा सकता है. सोहना में लगभग 8,200 आवासीय इकाइयों की ग्रेडेड आपूर्ति दर्ज की गई है, जिसमें केवल 45 फीसदी यूनिट प्राथमिक बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जो स्थिर मांग और अच्छी एब्जॉर्प्शन रेट को दर्शाता है. सोहना एक्सप्रेसवे के साथ आवासीय कीमतें प्रति वर्ग फुट (BUA) 10,000–12,000 रुपये के बीच हैं, जो गुरुग्राम के अन्य माइक्रो-बाजारों की तुलना में 2.3 गुना अधिक किफायती हैं.

इतना ही नहीं 1,500 से ज्यादा एकड़ के IMT सोहना के मौजूद होने से, 10,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की PPP निवेश सहायता, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से तेज़ कनेक्टिविटी और बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की बढ़ती उपस्थिति सोहना को रोजगार पैदा करने वाला माइक्रो-बाजार और प्रीमियम व लक्ज़री आवासीय केंद्र बना रहे हैं.

यहां पर्यटन के लिए जल्द ही 10,000 एकड़ के जंगल सफारी प्रोजेक्ट को लाया जा रहा है.

गुरुग्राम में जमीन सीमित होने का पड़ा असर

जैसे-जैसे केंद्रीय गुरुग्राम में जमीन की उपलब्धता सीमित हुई और साइबर सिटी, गोल्फ कोर्स रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे कमर्शियल हब अपनी पूरी क्षमता पर पहुंच गए, शहर का विस्तार धीरे-धीरे गुरुग्राम के दक्षिण की ओर बढ़ा. इसके परिणामस्वरूप नए माइक्रो-बाजार उभर रहे हैं, जहां रियल एस्टेट की मांग लगातार बढ़ रही है.

मास्टर प्लान के अनुसार हो रहा है डेवलप सोहना खास तौर पर सोहना मास्टर प्लान 2031 के तहत विकसित हो रहा है, जो एकीकृत आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक विकास की नींव रखता है. जहां गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और एसपीआर गलियारे प्रीमियम और ऊपरी-मध्य श्रेणी के आवास की जरूरतों को पूरा करते हैं, वहीं सोहना धीरे-धीरे एक सहायक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. यहां किफायती से लेकर ऊपरी-मध्य श्रेणी के आवास, औद्योगिक क्षेत्र और तेजी से सुधरता हुआ बुनियादी ढांचा इस विकास को गति दे रहे हैं.

सुदीप भट्ट, डायरेक्टर-स्ट्रैटेजी, व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन कहते हैं कि गुरुग्राम ने अपनी बेहतरीन अवसंरचना, निर्बाध कनेक्टिविटी और विकसित व्यवसायिक माहौल की वजह से दिल्ली एनसीआर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बनकर खुद को स्थापित किया है. सोहना उसी का हिस्सा है. कॉर्पोरेट विस्तार और बढ़ते उद्यमियों के चलते यहां के रिटेल क्षेत्र में नई गति देखने को मिल रही है. सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और एसपीआर जैसे माइक्रो मार्केट्स जल्दी ही अगली पीढ़ी के व्यावसायिक जिले बन रहे हैं. व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन का हाई स्ट्रीट प्रोजेक्ट अर्बन क्यूब्स 71, जो एसपीआर पर स्थित है, इस विकास का उदाहरण है.यह एक प्रीमियम रिटेल प्रोजेक्ट है, जिसमें भविष्य के लिहाज से लचीले, टिकाऊ और अनुभवपरक स्पेस उपलब्ध कराए गए हैं.

वहीं बीपीटीपी (BPTP) के सीईओ मानिक मलिक का कहना है कि तेजी से बढ़ते माइक्रो मार्केट्स में से एक गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (GCER) भी सोहना के साथ-साथ सबसे लोकप्रिय आवासीय इलाका बनता जा रहा है. यहां अच्छी नागरिक सुविधाएं, बढ़िया शॉपिंग और होटल हब, अच्छे स्कूल और हरे-भरे इलाके हैं, जो घर खरीदने वालों के लिए इसे पहली पसंद बनाते हैं. खासतौर पर सेक्टर 61, 65 और 66 में बढ़ती रुचि इस बात को साबित करती है कि GCER आधुनिक जीवनशैली और रियल एस्टेट के लिहाज से गुरुग्राम और इसके आसपास का इलाका एक मानक बन चुका है.

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