रिश्वत का नया तरीका उजागर! बिल पास कराने के बदले मांगा आईफोन, ACB ने रंगे हाथों दबोचा

Last Updated:January 09, 2026, 19:24 IST
i-Phone In Bribe : झालावाड़ में एसीबी ने पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद्र गोयल को ठेकेदार रामचंद्र से 84 हजार के आईफोन की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, विभाग में हड़कंप मच गया है. एसीबी टीम ने झालावाड़ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग यानी पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद्र गोयल को ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया. आरोप है कि एसई विष्णु चंद्र गोयल ठेकेदार से उसके बकाया बिल पास करने और भविष्य में अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने की एवज में महंगे आईफोन की मांग कर रहे थे.
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तरुण शर्मा/झालावाड़. झालावाड़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जिसने एक बार फिर सरकारी महकमों में व्याप्त रिश्वतखोरी को उजागर कर दिया है. इस बार रिश्वत नकद नहीं, बल्कि एक महंगे स्मार्टफोन के रूप में मांगी गई थी. पीएचईडी विभाग के अधीक्षण अभियंता को 84 हजार रुपये कीमत का आईफोन लेते हुए एसीबी ने रंगे हाथों दबोच लिया. इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ पीएचईडी कार्यालय, बल्कि पूरे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.
एसीबी टीम ने झालावाड़ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग यानी पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद्र गोयल को ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया. आरोप है कि एसई विष्णु चंद्र गोयल ठेकेदार से उसके बकाया बिल पास करने और भविष्य में अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने की एवज में महंगे आईफोन की मांग कर रहे थे. ठेकेदार से आईफोन 17 प्रो या 16 प्रो मैक्स देने की मांग की गई थी, जो काफी महंगा होने के कारण विवाद का कारण बनी.
ठेकेदार की शिकायत से खुला पूरा मामलाएसीबी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत एक ठेकेदार की शिकायत से हुई. परिवादी ठेकेदार रामचंद्र ने झालावाड़ एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी. रामचंद्र के पास पीएचईडी विभाग में हैंडपंप रिपेयर और पाइपलाइन लीकेज रिपेयरिंग का ठेका है. शिकायत में बताया गया कि अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद्र गोयल लगातार उसके काम में कमियां निकालते थे और छोटी-छोटी आपत्तियां लगाकर उसे परेशान किया जाता था.
बिल पास कराने के लिए लेते थे पैसापरिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में रजिस्ट्रेशन कराने की एवज में उससे 25 हजार रुपये की रिश्वत भी ली जा चुकी थी. इसके अलावा होली, दिवाली जैसे त्योहारों के समय भी किसी न किसी बहाने दबाव बनाया जाता था. अब विभाग में उसके और उसके पार्टनर द्वारा किए गए कार्यों के कई बिल लंबित थे, जिन्हें पास कराने के लिए अधीक्षण अभियंता ने रिश्वत की नई मांग रख दी.
आईफोन की डिमांड और ट्रैप की रणनीतिपरिवादी ठेकेदार के अनुसार, अधीक्षण अभियंता ने सीधे तौर पर आईफोन 17 प्रो या 16 प्रो मैक्स देने की मांग की. जब ठेकेदार ने इतने महंगे मोबाइल देने में असमर्थता जताई तो बाद में आईफोन एक्सआर पर सहमति बनाई गई, जिसकी कीमत करीब 84 हजार रुपये बताई जा रही है. लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार को लगातार परेशान किया जाने लगा. इससे तंग आकर रामचंद्र ने एसीबी से संपर्क किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. एसीबी टीम ने 7 जनवरी को शिकायत का सत्यापन कराया और पुख्ता सबूत मिलने के बाद ट्रैप की योजना बनाई. तय योजना के अनुसार, जैसे ही अधीक्षण अभियंता ने आईफोन लिया, एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
कार्यालय में कार्रवाई, पूछताछ जारीट्रैप के बाद एसीबी टीम ने पीएचईडी कार्यालय में आगे की कार्रवाई शुरू की. आरोपी अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद्र गोयल से गहन पूछताछ की जा रही है. मामले से जुड़े दस्तावेजों और फाइलों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह की रिश्वतखोरी के और भी मामले तो नहीं हैं. एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पीएचईडी विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है. अधिकारी और कर्मचारी सकते में हैं. यह मामला न सिर्फ रिश्वतखोरी की गंभीरता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भ्रष्टाचार अब नए-नए तरीकों से सामने आ रहा है. एसीबी ने साफ संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jhalawar,Rajasthan
First Published :
January 09, 2026, 19:24 IST
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रिश्वत का नया तरीका उजागर! बिल पास कराने के बदले मांगा आईफोन, ACB ने दबोचा



