ब्लैक टी नहीं अब लेमन ग्रास टी का ट्रेंड, सर्दी-खांसी की छुट्टी, इम्युनिटी भी डबल – Madhya Pradesh News

Last Updated:December 30, 2025, 16:12 IST
Sidhi News: डॉ जुबैर अली ने लोकल 18 से कहा कि लेमन ग्रास रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मददगार है. नियमित सेवन से शरीर को एनर्जी मिलती है और व्यक्ति खुद को ज्यादा एक्टिव महसूस करता है. लेमन ग्रास की चाय स्ट्रेस कम करने में भी मददगार है.
सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के जंगलों में आज भी कई दुर्लभ जड़ी-बूटियां आसानी से मिल जाती हैं. इन्हीं औषधीय पौधों में लेमन ग्रास का विशेष महत्व है. देखने में यह सामान्य घास जैसी होती है लेकिन इसके औषधीय गुण इसे बेहद खास बनाते हैं. जानकारी के अभाव में लोग इसका पूरा लाभ नहीं उठा पाते जबकि आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में लेमन ग्रास का वर्षों से उपयोग होता आ रहा है. सीधी के यूनानी मेडिकल ऑफिसर डॉ जुबैर अली ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि लेमन ग्रास की पत्तियों से बनी चाय ग्रीन टी का एक बेहतर विकल्प हो सकती है. यदि कोई व्यक्ति सुबह की शुरुआत ब्लैक टी के बजाय लेमन ग्रास की चाय से करता है, तो पाचन तंत्र मजबूत होता है. यह पेट में मौजूद हानिकारक कीड़ों को खत्म करने में सहायक मानी जाती है. इसके अलावा शरीर में होने वाली सूजन यानी इंफ्लेमेशन को कम करने में भी यह मददगार हो सकती है.
डॉ जुबैर अली के अनुसार, लेमन ग्रास रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक है. नियमित सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और व्यक्ति खुद को अधिक सक्रिय महसूस करता है. आज के तनावपूर्ण जीवन में लेमन ग्रास की चाय तनाव कम करने में भी उपयोगी साबित हो सकती है. मानसिक शांति और बेहतर नींद के लिए भी इसका सेवन लाभदायक माना जाता है.
सर्दी-खांसी और फ्लू में फायदेमंदडॉ जुबैर अली ने आगे कहा कि अर्थराइटिस, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज और बार-बार सर्दी, खांसी और फ्लू से परेशान लोगों के लिए लेमन ग्रास फायदेमंद हो सकती है. कुछ शोधों में इसके एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-कैंसर गुणों पर भी अध्ययन किए गए हैं. हालांकि इसे चिकित्सकीय सलाह के बिना दवा के विकल्प के रूप में नहीं अपनाना चाहिए.
आय का अच्छा स्रोत लेमन ग्रास
वहीं सीधी के डॉक्टर सौरभ परौहा ने लोकल 18 से कहा कि लेमन ग्रास की खेती किसानों के लिए आय का अच्छा स्रोत बन सकती है. विंध्य क्षेत्र के मैहर, रामनगर और रीवा जैसे क्षेत्रों में दर्जनों किसान इसकी खेती कर रहे हैं. फसल की कटाई के बाद इसे बाजार में आसानी से बेचा जा सकता है. लेमन ग्रास का उपयोग तेल, साबुन, सैनिटाइजर, फिनाइल, एंटी-फंगल उत्पादों और विभिन्न दवाइयों के निर्माण में किया जाता है.About the AuthorRahul Singh
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Location :
Sidhi,Madhya Pradesh
First Published :
December 30, 2025, 16:12 IST
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



