1, 2 या फिर 3 नहीं… सेहत का पूरा खजाना छुपाए बैठा है यह फूल! सेवन करने से होंगे ढेरों चौंकाने वाले लाभ

Sun Flower Health Benefits: हमारे आसपास तमाम तरह की ऐसी चीजें होती हैं, जो देखने में भले ही मामूली लगें पर सेहत के लिए औषधि साबित हो सकती हैं. हालांकि, इनकी जानकारी न होने से हम उनका लाभ नहीं ले पाते हैं. सूरजमुखी का पीला फूल इनमें से एक है. जी हां, पीला फूल सूरजमुखी (हेलियनथस एनुअस) सिर्फ बगीचों की शोभा नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर सेहत का खजाना भी है. इसके सेवन से कई लाभ मिलते हैं. आयुर्वेद में सूरजमुखी को ‘सूर्यमुखी’ भी कहा जाता है और इसके फूल, बीज, पत्ते और तेल का सदियों से शारीरिक और मानसिक समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होता आ रहा है. अब सवाल है कि आखिर सूरजमुखी का फूल सेहत के लिए कैसे फायदेमंद? इसके सेवन से सेहत को क्या लाभ होंगे? आइए जानते हैं इस बारे में-
सूरजमुखी का फूल कैसे फायदेमंद
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय प्रकृति के अनमोल उपहार के बारे में जानकारी देता है. सूरजमुखी के फूलों में ट्राइटरपीन ग्लाइकोसाइड नामक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने, दर्द कम करने और सूजन घटाने (एंटी-इंफ्लेमेटरी) में बेहद कारगर हैं. इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी प्रचुर मात्रा में हैं, जो दिल और थायराइड को स्वस्थ रखते हैं.
सूरजमुखी के फूल के फायदे क्या हैं?
औषधीय गुणों से भरपूर सूरजमुखी के फूल के सेवन से कई फायदे मिलते हैं. यह जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर के जकड़न में राहत देता है. कब्ज, पेट फूलना, गैस और कृमि की समस्या दूर करने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत करता है. त्वचा के लिए भी सूरजमुखी वरदान है. फोड़े-फुंसी, खुजली और त्वचा रोगों में इसके तेल का लेप या बीजों का सेवन फायदा पहुंचाता है.
आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि सूरजमुखी के पत्तों का काढ़ा या चाय बुखार उतारने में मदद करती है. यह फूल दिल और थायराइड के लिए भी अच्छा है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण हृदय रोग और थायराइड की समस्या में लाभ पहुंचाता है. सूरजमुखी के बीज में ओमेगा-6 फैटी एसिड, विटामिन ई, मैग्नीशियम, सेलेनियम और जिंक भी भरपूर मात्रा में होते हैं.
सूरजमुखी का तेल खाने में भी इस्तेमाल होता है और यह शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. एक्सपर्ट सूरजमुखी के फूल के रोजाना सेवन को बेहद फायदेमंद बताते हैं. हालांकि, सेवन से पहले आयुर्वेदाचार्य की सलाह जरूर लेनी चाहिए.



