खाटूश्याम जी ही नहीं, इन 4 वजहों से दुनिया में खास है सीकर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखता है विशेष पहचान

Last Updated:January 10, 2026, 11:55 IST
Sikar News: सीकर जिले की पहचान अब केवल खाटूश्याम जी मंदिर तक सीमित नहीं रही है. शिक्षा, सेना, पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में सीकर ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है. देश के 22 से अधिक राज्यों से युवा पढ़ाई के लिए सीकर आ रहे हैं. सेना में सबसे अधिक योगदान, बढ़ता पर्यटन और खनिज आधारित उद्योग सीकर को विकास का नया केंद्र बना रहे हैं. यही कारण है कि सीकर आज वैश्विक मानचित्र पर खास स्थान रखता है.
सीकर को वैश्विक स्तर पर खाटूश्याम जी मंदिर के लिए जाना जाता है. लेकिन, यहां पर बाबा श्याम के मंदिर के अलावा भी ऐसी कई बातें हैं जो इसे राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर खास बनाती है. यह जिला धार्मिक पर्यटन के अलावा शिक्षा और उद्योग जगत में अपनी विशेष पहचान बना रहा है. आज हम आपको सीकर जिले की वो चार खास बाते बताएंगे जिसके कारण यह विश्व के मानचित्र में अपनी विशेष जगह रखता है.

किसी दौर में बीएड की पढ़ाई के लिए यहां के युवाओं को दूसरे बड़े शहरों या राज्यों में जाना पड़ता था. लेकिन अब देशभर के युवा कॅरियर के सपनों में रंग भरने सीकर पहुंच रहे हैं. पिछले 20 साल में सीकर की शिक्षण संस्थाओं ने हर क्षेत्र में इतिहास रचा है. अब देश के 22 से अधिक राज्यों के युवा पढ़ाई के लिए सीकर पहुंच रहे हैं. कोचिंग संस्थानों और स्कूलों के नवाचारों की वजह से सफलता दर लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि सीकर इंजीनियरिंग-मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ डिफेंस व प्रतियोगी परीक्षाओं का हब बन चुका है. खुद शिक्षा मंत्रालय भी यहां के एज्युकेशन सिस्टम पर मुहर लगा चुका है. बोर्ड परीक्षाओं में सबसे ज्यादा मेरिट का रेकॉर्ड इसी धरती के नाम है तो नीट और जेईई के टॉपर्स भी देश को सीकर दे रहा है.

देश की सीमाओं की चौकसी करने में सीकर के युवा सबसे आगे हैं. युद्ध भले ही कोई हो हमारे यहां के युवाओं ने हर मोर्चे पर दुश्मन को ललकारने का काम किया है. करगिल युद्ध में सबसे ज्यादा शहादत भी शेखावाटी के बेटों ने दी है. बात भले ही ऑपरेशन सिन्दूर की हो या सुरक्षा एजेंसियों में मुस्तैदी निभाने की, यहां के युवाओं ने हमेशा फर्ज निभाया है. अब हमारी बेटियां भी सरहद पर जाने लगी है. युवाओं में अब सेना में अफसर बनने का क्रेज भी बढ़ रहा है. यहां के युवाओं में बढ़ते सेना के क्रेज को देखते हुए प्रदेश में पीपीपी मोड का सबसे ज्यादा सीटों वाला सैनिक स्कूल भी शिक्षानगरी में है. वहीं, केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से उत्तरी भारत की पहली सैन्य अकादमी भी सीकर जिले में शुरू होनी है.
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शेखावाटी पर्यटन सेक्टर राजस्थान की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती दे रहा है. सीकर में खाटूश्यामजी, हर्ष और मां जीण भवानी के साथ हवेली व धोरों को देखने के लिए हर साल पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है. पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार शेखावाटी में साल 2024 जहां एक करोड़ पर्यटक पहुंचे थे. 2025 में यह आंकड़ा सवा करोड़ को पार कर गया है. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार महाकाल की तर्ज पर 100 करोड की लागत से खाटूश्यामजी में कॉरिडोर बनाने की घोषणा कर चुकी है.

सीकर के नीमकाथाना, खंडेला, श्रीमाधोपुर क्षेत्र में खनिज काफी प्रचुर मात्रा में है. यहां टाइल्स उद्योग की काफी संभावना है. वहीं देश व प्रदेश की राजधानी से दूरी कम होने का फायदा होने की वजह से निवेशक भी लगातार आ रहे हैं. खंडेला में यूरेनियम तो नीमकाथाना क्षेत्र में फेल्सपार से लेकर लौह अयस्क के अपार भंडार मिल चुके हैं.

यूरेनियम प्रोजेक्ट के लिए तेजी से काम जारी है. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से यहां रोजगार की नई राहें खुलेंगी. खेतड़ी कॉपर माइंस क्षेत्र का सबसे बड़ा उद्योग रहा है, जिसने नीमकाथाना को राट्रीय पहचान दिलाई. इसके अलावा फेल्सपार पीसने वाली 200 इकाइयां यहां संचालित हैं. इसके अलावा सीकर जिले में देश की कई बड़ी कंपनियां जहां इन्वेस्ट प्लान लेकर आ रही है.
First Published :
January 10, 2026, 11:55 IST
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