राजस्थान में अब मास्टर जी की नई ड्यूटी! स्कूल से आवारा कुत्तों को भगाओ, वरना होगी कार्रवाई

बीकानेर. कल्पना कीजिए, सुबह-सुबह स्कूल की घंटी बजता है, बच्चे हंसते-खेलते क्लासरूम की ओर दौड़ रहे हैं, और अचानक… एक झुंड आवारा कुत्तों का! डर का माहौल, चीख-पुकार, और फिर शिक्षक दौड़े-दौड़े आते हैं, लेकिन इस बार चाक और किताब लेकर नहीं, बल्कि कुत्तों को भगाने के लिए! जी हां, राजस्थान के शिक्षा विभाग ने ऐसा ही एक ऐसा फरमान जारी कर दिया है, जो शिक्षकों की जिंदगी में नया ट्विस्ट ला रहा है. यह सब शुरू हुआ सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद से.
देशभर में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं. बच्चे, बुजुर्ग, आम लोग, सब प्रभावित हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में बड़ा आदेश दिया. स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटायाजाए. नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें शेल्टर में शिफ्ट करने और वापस उसी जगह न छोड़ने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे ऊपर है, और इन जगहों पर कुत्तों की मौजूदगी सिस्टम की नाकामी है. राजस्थान हाईकोर्ट ने भी पहले आवारा पशुओं पर सख्ती दिखाई थी, और अब शिक्षा विभाग ने इसे स्कूलों तक पहुंचा दिया.
राजस्थान में स्कूल परिसर से अब कुत्ते भगाने की शिक्षकों को मिली नई जिम्मेदारी
शिक्षा निदेशक ने जारी किए सख्त निर्देश
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. अब हर स्कूल के प्रधानाचार्य या हेडमास्टर नोडल अधिकारी बनेंगे. उनकी जिम्मेदारी स्कूल परिसर से कुत्तों को भगाना, स्थानीय एजेंसियों (नगर निगम या पंचायत) से समन्वय करके उन्हें पकड़वाना, और फर्स्ट एड किट हमेशा तैयार रखना है. अगर कोई कुत्ता घुस आया और बच्चे को काट लिया, तो तुरंत इलाज की व्यवस्था भी कराना है. सबसे मजेदार या कहें हैरान करने वाला हिस्सा आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई! मतलब, अगर मास्टर जी कुत्तों को नहीं भगा पाए, तो उनकी नौकरी पर खतरा आ जाएगा.
राजस्थान के सभी स्कूलों में लागू हो रहा है यह आदेश
बीकानेर सहित पूरे राजस्थान के स्कूलों में यह आदेश लागू हो रहा है. शिक्षक हैरान हैं कि “हम तो पढ़ाने आए थे, अब डॉग कैचर भी बनना पड़ेगा. हालांकि बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है. देशभर में डॉग बाइट के केस बढ़ रहे हैं, रेबीज से मौतें हो रही हैं. विभाग का कहना है कि सुरक्षा उपाय मजबूत करने हैं. स्कूल की बाउंड्री वॉल ठीक करने गेट बंद रखने के साथ जागरूकता अभियान चलाने का भी फरमान है. फर्स्ट एड बॉक्स में एंटी-रेबीज इंजेक्शन रखने के भी निर्देश भी दिया गया है. राजस्थान सरकार ने आवारा कुत्तों के लिए ABC रूल्स (एनिमल बर्थ कंट्रोल) को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है, और बीकानेर जैसे जिलों में यह तेजी से हो रहा है.
शिक्षक संगठनों में मचा हुआ है बवाल
हालांकि, शिक्षक संगठनों में बवाल मचा है. वे कह रहे हैं कि पढ़ाई का बोझ पहले से कम नहीं है और अब यह नई जिम्मेदारी मिल रही है. लेकिन विभाग स्पष्ट है कि बच्चों का सुरक्षित माहौल सबसे जरूरी है. उम्मीद है, यह फरमान स्कूलों को कुत्तों से मुक्त बनाएगा, और बच्चे बेफिक्र होकर खेलेंगे-पढ़ेंगे. वैसे, अगला आदेश क्या होगा? यह किसी को पता नहीं है. फिलहाल शिक्षक महकमे में यह चर्चा का विषय बना हुआ है.



