घर में गमले में आसानी से ऐसे उगा सकते हैं भिंडी, सही देखभाल से मिलेगी भरपूर और लगातार उपज

Last Updated:January 05, 2026, 06:31 IST
Okara Gardening Tips: अगर आप भी अपने घर के गार्डन में सब्जियों की खेती करने की सोच रहे हैं, तो भिंडी की गार्डनिंग आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है. भिंडी के पौधे को गार्डन या गमले में उगाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इनसे आप पौधों पर अच्छी उपज तैयार कर सकते हैं और ज्यादा मेहनत और खर्च करने से बच सकते है.
सिरोही निवासी जीवनलाल घर में भिंडी की गार्डनिंग कर रहे हैं और लोगों को कम जगह में सब्जी उगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि भिंडी का पौधा घर की छत, आंगन या गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए अच्छी मिट्टी, सही धूप और नियमित सिंचाई जरूरी होती है. समय-समय पर खाद देने और कीटों से बचाव करने से पौधे स्वस्थ रहते हैं. सही देखभाल से भिंडी के पौधों से अच्छी और लगातार उपज मिल सकती है.

भिंडी के बीज गमलों में उगाने से पहले मौसम का ध्यान रखना जरूरी है. यदि बीज पहले अंदर उगाए गए हैं तो मौसम गर्म होने पर पौधों को बाहर रोप देना चाहिए. गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में भिंडी के बीज सीधे गमले में भी लगाए जा सकते हैं. भिंडी के पौधे को भरपूर धूप की आवश्यकता होती है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे धूप मिल सके. पर्याप्त धूप मिलने से पौधा स्वस्थ रहता है और उस पर अधिक फल लगते हैं.

भिंडी का पौधा 6.5 से 7 पीएच स्तर वाली मिट्टी में सबसे अच्छी तरह बढ़ता है. इस पीएच स्तर पर मिट्टी से पौधे को आवश्यक पोषक तत्व आसानी से मिल पाते हैं. यदि आप मिट्टी का पीएच स्तर बदलना नहीं चाहते हैं, तो उसमें गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या जैविक खाद मिलाकर सुधार किया जा सकता है. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों को जरूरी पोषण मिलता है. पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में भिंडी के पौधे स्वस्थ रहते हैं और अच्छी व लगातार उपज देते हैं.
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यदि आप एक ही जगह पर अधिक भिंडी के पौधे उगा रहे हैं, तो बीजों को आपस में 7 से 8 इंच की दूरी पर और लगभग आधा इंच की गहराई में बोना चाहिए. इससे पौधों को फैलने और बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. गार्डन में भिंडी उगाते समय उसके अंकुरों को बहुत सावधानी से संभालना जरूरी होता है, क्योंकि वे काफी नाजुक होते हैं और आसानी से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. पौधा रोपते समय जड़ों के पूरे गुच्छे को समाहित करने के लिए पर्याप्त आकार का गड्ढा खोदना चाहिए, ताकि पौधा अच्छे से जम सके.

भिंडी के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए उसे पर्याप्त पानी देना बहुत जरूरी है. सुबह के समय सिंचाई करने से मिट्टी में दिनभर नमी बनी रहती है, जिससे पौधे की बढ़वार अच्छी होती है. जब पौधे कुछ बड़े हो जाएं, तो उन्हें अलग-अलग दूरी पर लगाना चाहिए. कमजोर और छोटे पौधों को निकालकर केवल मजबूत पौधों को ही रहने दें. इसके साथ ही पौधों को कीटों और खरपतवारों से बचाने के लिए घर पर तैयार किए गए ऑर्गेनिक कीटनाशकों का उपयोग करें. इससे पौधे सुरक्षित रहते हैं और अच्छी उपज मिलती है.

भिंडी के पौधे रोपने के लगभग 45 से 50 दिनों में पहली फसल तैयार हो जाती है. जब भिंडी की फलियां 2 से 3 इंच लंबी हो जाएं, तो समय पर उनकी तुड़ाई कर लेनी चाहिए. नियमित रूप से हर दो दिन में एक बार फली तोड़ते रहने से पौधे पर नई फलियां जल्दी निकलती हैं. भिंडी की तुड़ाई के लिए कैंची का उपयोग करना बेहतर रहता है, हालांकि फली को ऊपर के हिस्से से हाथ से भी तोड़ा जा सकता है. सही तरीके से तुड़ाई करने पर उसी स्थान से दोबारा नई फली उगने लगती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है.
First Published :
January 05, 2026, 06:31 IST
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घर के गमले में ऐसे उगाएं भिंडी, मिलेगी भरपूर और लगातार उपज



