श्री सांवलियाजी मंदिर में अन्नकूट पर्व के मौके पर मंदिर परिसर में लुटाए 3 क्विंटल मालपुए, सदियों से चला आ रही परंपरा

Last Updated:October 23, 2025, 19:51 IST
मेवाड़ की आस्था नगरी श्री सांवलियाजी में अन्नकूट पर्व इस बार भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. ठाकुरजी की विशेष आरती के बाद मंदिर परिसर में मालपुए लुटाने की वर्षों पुरानी परंपरा ने भक्तों में उत्साह भर दिया. करीब 15 क्विंटल मालपुओं से सजा भोग, मंदिर मंडल की देखरेख में संपन्न हुआ. दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने इस अनोखी रस्म में भाग लेकर भक्ति और प्रसाद के इस पर्व को यादगार बना दिया.
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उदयपुर. मेवाड़ के सुप्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर में अन्नकूट पर्व के मौके पर हर साल की तरह इस बार भी मालपुए लुटाने की अनोखी परंपरा निभाई गई. रात में ठाकुरजी की विशेष आरती के बाद मंदिर परिसर में मालपुए लुटाए गए तो श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, मंदिर परिसर श्रद्धा और उत्साह से खचाखच भर गया. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे देखने तथा हिस्सा लेने लोग दूर-दूर से आते हैं. ग्रामीणों के साथ-साथ गुजरात और मध्य प्रदेश से आए भक्तों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. मंदिर मंडल और ओसरा पुजारी की देखरेख में इस लूट की रस्म पूरी हुई, जैसे ही मालपुए लुटाए गए, श्रद्धालुओं में प्रसाद पाने की होड़ मच गई.
मंदिर मंडल की ओर से करीब 15 क्विंटल मालपुए तैयार किए गए थे. इनमें से लगभग 3 क्विंटल मालपुए मंदिर परिसर में लुटाए गए, जबकि 3 क्विंटल प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में बांटे गए. बाकी के 9 क्विंटल मालपुए गांव के घर-घर जाकर प्रसाद के रूप में वितरित किए गए. देर रात तक मंदिर और देवकी सदन धर्मशाला में प्रसादी वितरण का कार्यक्रम चलता रहा.
ब्रह्म भोज के रूप में महाप्रसाद का आयोजन
अन्नकूट पर्व पर शाम को गोवर्धन पूजा के बाद सांवरा सेठ को पताशे, गन्ने के टुकड़े और मालपुओं का भोग लगाया गया. रात 10 बजे विशेष आरती के बाद यह रस्म पूरी हुई. इसके बाद ब्रह्म भोज के रूप में महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें 30 से 35 तरह की सब्जियों को मिलाकर 10 क्विंटल सब्जी तैयार की गई. देर रात तक श्रद्धालु महाप्रसाद का आनंद लेते रहे. सांवरा सेठ की नगरी में अन्नकूट पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का अनोखा संगम लेकर आया. परंपरा, प्रसाद और भक्ति का यह अनोखा मेल हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. मंदिर में मालपुए लूटने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, हर वर्ष श्रद्धालु इस खास आयोजन का हिस्सा बनने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से मंदिर पहुंचते हैं.
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW… और पढ़ें
Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
October 23, 2025, 19:51 IST
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जानिए श्री सांवलियाजी मंदिर में अन्नकूट पर मालपुए लूटाने की परंपरा के बारे में



