Onion Farming Tips | Pyaj Ki Kheti Ka Sahi Samay | High Yield Onion Farming | Onion Disease Control

Last Updated:November 26, 2025, 15:33 IST
Pyaj Ki Kheti Tips: प्याज की खेती शुरू करने का अभी बिल्कुल सही समय माना जाता है क्योंकि मौसम प्याज की बढ़वार के लिए अनुकूल रहता है. किसान यदि समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उचित नर्सरी प्रबंधन और संतुलित खाद योजना अपनाएं तो उत्पादन कई गुना बढ़ सकता है. प्याज की खेती में मिट्टी की अच्छी तैयारी, सिंचाई का सही अंतराल और फसल को रोगों से बचाना सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं.
सीकर. प्याज की बुवाई के लिए ठंडा व शुष्क मौसम अनुकूल रहता है, ऐसे में अभी का मौसम इसकी बुवाई के लिए बिल्कुल सही है. हल्की बढ़ती सर्दी प्याज की फसल का अंकुरण बेहतर करती है. इसके अलावा इस मौसम में पौधों में सड़न की संभावना कम रहती है. इसकी खेती के लिए भीदोमट से लेकर हल्की काली मिट्टी सबसे उपयुक्त है, जिसमें निकास अच्छा हो और पानी जमने की समस्या न हो. प्याज की खेती को भुरभुरा बनाने के लिए गहरी जुताई करने से उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है.

बीज दर और बीज उपचार: एग्रीकल्चर एक्सपर्ट दिनेश जाखड़ ने बताया कि यह प्याज की बुवाई के लिए बीज दर 10 किलो प्रति हैक्टेयर उपयुक्त रहती है. किसानों को बुवाई से पहले बीजों को केप्टान 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करना चाहिए, ताकि फफूंदजनित रोगों से सुरक्षा मिल सके. उपचारित बीज अंकुरण दर बढ़ाते हैं और पौध मजबूत बनाते हैं. इसके अलावा बीज को छाया में सुखाकर बोन से अधिक फायदा मिलता है.

खेत की तैयारी: प्याज की खेती के लिए अच्छी फसल के लिए खेत की तैयारी बहुत जरूरी है. अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसान दो से तीन जुताई के बाद खेत को समतल बनाएं और नालियों का निर्माण करें. नर्सरी तैयार करने के लिए 1 मीटर चौड़ाई और 3 से 4 मीटर लंबाई के बेड बनाएं. बेड पर गोबर की सड़ी खाद मिलाएं। नर्सरी में बीजों को हल्की परत में ढककर सिंचाई करें ताकि नमी बनी रहे.
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रोपाई और पौध प्रबंधन: एग्रीकल्चर एक्सपर्ट दिनेश जाखड़ ने बताया कि नर्सरी में प्याज की पौध तैयार होने में लगभग 40 से 45 दिन लगते हैं. जब पौध 12 सी15 सेमी लंबी हो जाए, तब रोपाई मुख्य खेत में कर देनी चाहिए. रोपाई के समय पौधों के बीच 10 से 12 सेमी की दूरी और कतारों के बीच 15 से 20 सेमी की दूरी उचित रहती है. रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें ताकि पौधे अच्छी तरह जम जाएं और सूखने की समस्या न हो.

खाद और पोषक तत्व: इसके अलावा प्याज की अच्छी पैदावार के लिए किसान जैविक और रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग करें. बुवाई से पहले 20 से 25 टन सड़ी गोबर खाद खेत में मिलाएं. इसके साथ नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की उचित मात्रा दें। फसल बढ़वार के दौरान टॉप ड्रेसिंग के रूप में यूरिया की आधी मात्रा रोपाई के 20 से 25 दिन बाद दें, जिससे कंद भराव अच्छा होता है.

सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण: एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार प्याज की फसल को नियमित सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन जलभराव से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए हल्की और नियंत्रित सिंचाई करें. कतारों के बीच गुड़ाई-निर्गुड़ाई करके खरपतवार नियंत्रित करें क्योंक खरपतवार पोषक तत्वों की बड़ी मात्रा सोख लेते हैं. ऐसे में फसल में नमी संतुलित रखने से कंद सुंदर और बड़े आकार के बनते हैं. प्याज की कटाई तब करें जब पत्तियां झुककर सूखने लगें. कटाई के बाद प्याज को छाया में 8 से 10 दिन सुखाएं.
First Published :
November 26, 2025, 15:33 IST
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किसानों के लिए खुशखबरी! प्याज की खेती अब होगी आसान और लाभदायक, जानें कैसे



