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बीकानेर के काल भैरव मंदिर का खुला दान पात्र, 47 लाख कैश और भैरूजी के नाम की मिली अर्जी!

Last Updated:December 13, 2025, 15:36 IST

बीकानेर से 80 किलोमीटर दूर श्रीडूंगरगढ़ स्थित काल भैरव मंदिर के दानपात्र खोले जाने पर कुल 47 लाख रुपये नकद प्राप्त हुए। दानपात्रों में सरकारी नौकरी, विवाह, नशा मुक्ति और कर्ज से छुटकारे से जुड़ी भक्तों की अनेक अर्जियां भी मिली. उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा की निगरानी में, पुलिस सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों के बीच करीब 60 कर्मचारियों ने तीन पारियों में नोटों की गिनती की. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मशीनों से गिनी गई पूरी राशि बैंक में जमा करवा दी गई. उल्लेखनीय है कि 2012 की मूर्ति चोरी के बाद से मंदिर की देखरेख स्थानीय प्रशासन के अधीन है.

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बीकानेर. शहर से 80 किलोमीटर दूर श्रीडूंगरगढ़ स्थित काल भैरव मंदिर के दानपात्र खोले गए। दानपात्रों से कुल 47 लाख रुपये नकद और भैरव जी के नाम लिखी गई कई अर्जियां मिली. इन अर्जियों में अधिकांश सरकारी नौकरी, शादी, नशा छुड़ाने और कर्ज से मुक्ति की मन्नतों से संबधित थी. दानपात्रों को उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा की निगरानी में खोला गया. इस दौरान पुलिस के हथियारबंद जवानों की मौजूदगी में लगभग 60 अधिकारियों और कर्मचारियों ने नोटों की गिनती की.

कुल दो दानपात्र खोले गए, जिनसे 47 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई. गिनती की प्रक्रिया में पटवारी, ग्राम सेवक सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को लगाया गया. यह पूरी प्रक्रिया तीन पारियों में संपन्न हुई. गिनती कार्य 6 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में किया गया. इस दौरान तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा और नायब तहसीलदार सुरजीत सिंह धायल भी मौजूद रहे.

पुलिस आरएसी के हथियारबंद जवानों को तैनात किया

नोटों की गिनती के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से नोट गिनने की मशीन और बैंककर्मियों को बुलाया गया. प्राप्त हुई पूरी राशि को बैंक में जमा करवा दिया गया. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस आरएसी के हथियारबंद जवानों को तैनात किया गया. गौरतलब है कि नवंबर 2012 में हुई मूर्ति चोरी की घटना के बाद न्यायालय के निर्देश पर मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन के पास है.

दानपात्रों में नकदी के अलावा भक्तों द्वारा बाबा के नाम लिखी गई कई चिट्ठियां भी मिली, जिनमें नशा छुड़ाने, सरकारी नौकरी लगवाने, कर्ज से छुटकारा दिलाने और विवाह संबंधी अर्जियां शामिल थी, इसके अलावा कुछ विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई. श्रीडूंगरगढ़ के काल भैरव मुख्य रूप से तोलियासर गांव स्थित तोलियासर भेरूजी मंदिर (काल भैरव मंदिर) के देवता हैं. काल भैरव को भगवान शिव का शक्तिशाली और रक्षक रूप माना जाता है, जो अपने भक्तों को भय, क्रोध और लोभ जैसे शत्रुओं से रक्षा करते हैं.

About the AuthorMonali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Location :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

December 13, 2025, 15:36 IST

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बीकानेर के काल भैरव मंदिर का खुला दान पात्र, 47 लाख मिला कैश

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