जम्मू में लॉन्च हो सकता है ऑपरेशन सर्प विनाश पार्ट-2, सेना ने तैनाती बढ़ाई

नई दिल्ली. 90 के दशक से जम्मू- कश्मीर में जो आतंकवाद शुरू हुआ वो अब भी जारी है. 90 के दशक में POK में ट्रेनिंग कर सैकड़ों की संख्या में आतंकी जम्मू- कश्मीर में आ घुसते थे और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते थे. वो कश्मीर और जम्मू को बांटने वाली पूरी पीर पंजाल रेंज पर काबिज हो गए थे. साल 2000 में तो हालात ये थे कि जम्मू आतंकी घटनाओं का एक केंद्र बन गया था. जैसा कि आज कल नजर आने लगा है. लिहाजा सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी है. एक तरफ सेना की तैनाती को जम्मू रीजन में बढ़ाया गया है तो दूसरी तरफ विलेज डिफेंस गार्ड (VDG) को ट्रेनिंग भी दी जा रही है. पहले इसका नाम विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) हुआ करता था.
सीमा पर भारतीय सेना के आंख और कान उस इलाके में रहने वाले लोगों हैं. जिन्हें सबसे पहले किसी भी आंतकी मूवमेंट की खबर मिलती है. चूंकि उन्हें भी आतंकियों से खतरा होता है. लिहाजा 90 के दशक के मध्य में ही विलेज डिफेंस कमेटी का गठन किया गया था. जिसे अपग्रेड करते हुए इस स्कीम को साल 2022 में बदलकर नया नाम भी दिया गया और सुविधाए भी. उसी के तहत अब तक 500 से ज्यादा लोगों के ट्रेनिंग दी जा चुकी है तो 600 के करीब की ट्रेनिंग जारी है. इन्हें हथियार चलाने और उसके रखरखाव, आतंकियों की पहचान और उनसे अपनी और अपने गांव की रक्षा कैसे की जाए उसके गुर सिखाए गए. ये ट्रेनिंग सेना के यूनिट लेवल पर की जा रही है.
भारतीय सेना को हाल में बड़ा नुकसानपिछले कुछ समय में एक के बाद एक हो रहे आतंकी हमले और उसमें हो रहे भारतीय सेना को नुकसान के बाद ऐसा महसूस हो रहा है कि आने वाले दिनों में सर्पविनाश पार्ट-2 की शुरुआत हो सकती है. क्योकि ऑपरेशन सर्प विनाश 2003 को लश्कर, जैश के आतंकियों के खिलाफ जम्मू के सूरनकोट के इलाके में सेना ने डिविजन लेवल ऑपरेशन चलाया. 10 दिन बाद जब ये ऑपरेशन खत्म हुआ तो 80 से ज्यादा आतंकी को ढेर हो चुके थे तो सैकड़ों को LOC के पार खदेड़ दिया गया था. इस ऑपरेशन में भी कई युवाओं को सेना ने अपने साथ ऑपरेशन का हिस्सा बनाया था. क्योंकि घने जंगलों में हर चप्पे-चप्पे से वो वाकिफ थे.
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सेना की तैनाती में किया गया इजाफाजम्मू में लगातर हो रहे आतंकी हमलों के चलते भारतीय सेना की तैनाती को बढ़ाया गया है. सेना के मुताबिक जम्मू में अतिरिक्त ब्रिगेड को तैनात किया है. अगर हम जम्मू की बात करें तो जम्मू में काउंटर इंसर्जेंसी के लिए रोमियो फोर्स, डेल्टा फोर्स और 26 इंफैंट्री डिविजन यानी की कुल 3 डिविजन पहले से ही तैनात है. जबकि 25 डिविजन जम्मू से लगती लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात है. तो सैकड़ों की संख्या में अब ट्रेंड डिफेंस विलेज डिफेंस गार्ड भी इसमें शामिल हो गए हैं.
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FIRST PUBLISHED : September 9, 2024, 21:37 IST