Rajasthan

हैदराबाद के महल और हवेलियां: फलकनुमा पैलेस से चौमहल्ला तक शाही इतिहास.

Last Updated:November 11, 2025, 14:13 IST

Dharohar: हैदराबाद की शाही वास्तुकला अपने आप में इतिहास और कला का अनूठा मिश्रण है. यहां की इमारतों में मुग़ल, यूरोपीय और इस्लामिक डिज़ाइनों का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है. भव्य महल, जटिल नक्काशीदार हवेलियां और विशाल परिसर आज भी उस ज़माने की शाही ठाठ-बाट की गवाही देते हैं. निज़ामों के समय के ये धरोहर, चाहे वह महबूब अली खान का मिरर ऑफ द स्काई महल हो, या निज़ाम अली खान की हवेली, हर एक इमारत में शाही वैभव और वास्तुकला का शानदार मेल दिखाई देता है.निज़ामों के शहर हैदराबाद में कहीं कोना मोड़ते ही आपको इतिहास के राजसी दरवाज़े खुलते नज़र आएँगे। यह शहर अपनी चहल-पहल और बिरयानी के स्वाद से परे, शानदार वास्तुकला का एक जीवंत संग्रहालय भी है। यहाँ की महलों और हवेलियों की दीवारें आज भी उस ज़माने के ठाठ-बाट और शाही वैभव की दास्ताँ सुनाती हैं जब ये सिर्फ़ पत्थरों के ढाँचे नहीं बल्कि जीती-जागती रियासतें हुआ करती थीं।

निज़ामों के शहर हैदराबाद में हर मोड़ पर आपको इतिहास के राजसी दरवाज़े दिखाई देंगे. यह शहर अपनी चहल-पहल और बिरयानी के स्वाद से परे, शानदार वास्तुकला का जीवंत संग्रहालय भी है. यहां के महल और हवेलियां आज भी उस ज़माने के ठाठ-बाट और शाही वैभव की दास्तान सुनाती हैं, जब ये सिर्फ़ पत्थरों के ढांचे नहीं, बल्कि जीती-जागती रियासतें थी.

चौमहल्ला पैलेस चार भव्य महलों का एक विशाल परिसर जिसका मुग़ल और यूरोपियन शैली में बना मुख्य दरबार हॉल अत्यंत भव्य है। निज़ामों का आधिकारिक निवास रहा यह महल 40 एकड़ में फैला है। इसकी छतों मेहराबों और बारीक नक्काशी से उस ज़माने की शाही परंपराओं का पता चलता है।

चौमहल्ला पैलेस<br />चार भव्य महलों का एक विशाल परिसर, जिसका मुग़ल और यूरोपीय शैली में बना मुख्य दरबार हॉल अत्यंत भव्य है. निज़ामों का आधिकारिक निवास रहा यह महल 40 एकड़ में फैला हुआ है. इसकी छतों, मेहराबों और बारीक नक्काशी से उस ज़माने की शाही परंपराओं का पता चलता है.

पैगाह हवेलियाँ जटिल नक्काशीदार दीवारों लकड़ी के जालीदार दरवाजों और खूबसूरत आँगन वाली एक हवेली का एक कोना है। निज़ामों के रिश्तेदार पैगाह परिवार की ये हवेलियाँ इस्लामिक फारसी और यूरोपियन डिज़ाइनों का अनूठा मेल हैं। हालाँकि अब कई खंडहर हो चुकी हैं, लेकिन इनकी बची हुई नक्काशी उनके पुराने वैभव का अहसास कराती है।

पैगाह हवेलियाँ<br />जटिल नक्काशीदार दीवारों, लकड़ी के जालीदार दरवाजों और खूबसूरत आंगन वाली हवेली का एक कोना है. निज़ामों के रिश्तेदार पैगाह परिवार की ये हवेलियां इस्लामिक, फारसी और यूरोपीय डिज़ाइनों का अनूठा मेल हैं. हालांकि अब कई खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन इनकी बची हुई नक्काशी उनके पुराने वैभव का अहसास कराती है.

पुरानी हवेली एक पुरानी विशाल और रहस्यमयी दिखने वाली इमारत जिसके बाहर बड़े-बड़े दरवाजे और ऊँची दीवारें हैं हैदराबाद के दूसरे निज़ाम, निज़ाम अली खान की यह हवेली 60 एकड़ में फैली थी और कभी निज़ामों का मुख्य आवास हुआ करती थी। इसकी भव्यता उस समय के शाही ठाठ की गवाह है

पुरानी हवेली<br />एक पुरानी, विशाल और रहस्यमयी दिखने वाली इमारत, जिसके बाहर बड़े-बड़े दरवाजे और ऊंची दीवारें हैं, हैदराबाद के दूसरे निज़ाम, निज़ाम अली खान की यह हवेली 60 एकड़ में फैली हुई थी और कभी निज़ामों का मुख्य आवास हुआ करती थी. इसकी भव्यता उस समय के शाही ठाठ-बाट की गवाह है.

किंग कोठी पैलेस एक गहरे नारंगी रंग की इमारत जिसके मध्य में एक बड़ा गुंबद है और यूरोपियन शैली के स्तंभ हैं। यह महल अंतिम निज़ाम उस्मान अली खान का निजी निवास स्थान था। इसकी वास्तुकला में एक अनोखा मेल देखने को मिलता है जहाँ यूरोपियन डिज़ाइन पर इस्लामिक शैली की छाप साफ़ दिखती है।

किंग कोठी पैलेस<br />एक गहरे नारंगी रंग की इमारत, जिसके मध्य में एक बड़ा गुंबद है और यूरोपीय शैली के स्तंभ हैं. यह महल अंतिम निज़ाम उस्मान अली खान का निजी निवास स्थान था. इसकी वास्तुकला में एक अनोखा मेल देखने को मिलता है, जहां यूरोपीय डिज़ाइन पर इस्लामिक शैली की छाप साफ़ दिखती है.

First Published :

November 11, 2025, 14:13 IST

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हैदराबाद के महल और हवेलियां: जानिए फलकनुमा पैलेस से चौमहल्ला तक शाही इतिहास

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