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Last Updated:December 31, 2025, 14:41 IST
Pali Traders Protest Ground Report: पाली में स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया है. व्यापारियों का कहना है कि बाहरी मेलों और अस्थायी बाजारों की वजह से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. ग्राउंड रिपोर्ट में व्यापारियों ने इसे आर्थिक मौत जैसा हालात बताया और अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है. व्यापारियों की मांग है कि स्थानीय बाजारों को संरक्षण मिले और बाहरी मेलों पर नियंत्रण लगाया जाए. मामले ने अब प्रशासन और सरकार का ध्यान भी खींचा है.
पाली. आमतौर पर मेले कहीं पर भी लगते है तो लोगों को सस्ते दामों पर मिलने वाली वह तमाम चीजों से राहत पहुंचाने का काम जरूर करते है. मगर पाली शहर में इन मेलों ने व्यापारियों की कमर को तोड़कर रख दिया है. मेहंगी दुकानों लेकर उनका किराया भरने वाले जब व्यापारियों का इन मेलों की वजह से बिजनेस ठप हो गया तो आखिरकार व्यापारियों सडकों पर उतर आए. पाली शहर में सालभर लगने वाले मेलों से हो रहे नुकसान के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया. समस्त पाली व्यापारी एकता संघ के तत्वावधान में सैकड़ों व्यापारी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे.
जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की. इसके बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर में लगातार लगने वाले मेलों को बंद करवाने की मांग की.
व्यापारियों की कमर तोड रहे मेले व्यापारियों की माने तो पाली शहर के रामलीला मैदान, अणुव्रत नगर और मंथन टॉकीज क्षेत्र में पूरे साल मेले लगते रहते हैं. इन मेलों के कारण स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट रही है, जिससे शहर के स्थायी व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पाली में करीब 5 हजार स्थायी दुकानें हैं, जो नियमित रूप से किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों की सैलरी और जीएसटी सहित अन्य करों का भुगतान करती हैं. ये व्यापारी दिन-रात मेहनत कर शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं, लेकिन मेलों में बिना बिल बिकने वाला सस्ता माल ग्राहकों को भ्रमित कर स्थानीय बाजार को चौपट कर रहा है.
मेलों से होने वाले नुकसान की भी कही बात व्यापारी दिनेश ने कहा कि मौजूदा मंदी के दौर में कई दुकानदार बैंक लोन, बच्चों की स्कूल फीस और दुकान का किराया चुकाने में असमर्थ हो गए हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि कई दुकानों पर ताले लगने की नौबत आ गई है. व्यापारियों ने यह भी बताया गया कि मेलों में बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों की बिक्री की जा रही है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है. वहीं झूलों और अन्य सवारियों में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होते, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. यह स्थिति न केवल स्थानीय व्यापार को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आमजन की सुरक्षा और शहर के विकास के लिए भी खतरा बन रही है.
प्रशासन से अनुमति नही देने की मांग व्यापारियों ने सभी मेलों की गहन जांच कराने, वाणिज्य कर विभाग द्वारा कर अनुपालन सुनिश्चित करने और भविष्य में नियमों का पालन किए बिना किसी भी मेले को अनुमति नहीं देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि इससे एक ओर स्थानीय व्यापार को राहत मिलेगी, वहीं सरकार को भी करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकेगा. बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की.
About the AuthorJagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
First Published :
December 31, 2025, 14:41 IST
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बिजनेस ठप हो गया…पाली के व्यापारियों ने खोला मोर्चा, सरकार से की बड़ी मांग



