Trump Luxury Project on Graveyard: Trump Vietnam Project| अब कब्रों से मुर्दे क्यों उखड़वाने लगे डोनाल्ड ट्रंप? छाती पीट-पीटकर रो रहे रिश्तेदार

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अब कब्रों से मुर्दे क्यों उखड़वाने लगे डोनाल्ड ट्रंप? हड्डियां भी नहीं छोड़ी
Last Updated:July 08, 2026, 15:46 IST
Donald Trump Luxury Project on Graveyard: डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ अपने अजीबोगरीब फैसलों की वजह से नहीं जाने जाते हैं, उन्होंने अपने बिजनेस के लिए भी कई ऐसे फैसले भी किए हैं, जो विवादित रहे हैं. इस वक्त भी एक ऐसा ही प्रोजेक्ट चर्चा में है, जिसके जरिये डोनाल्ड ट्रंप मुर्दों की कब्रें तक नहीं छोड़ रहे हैं. वियतनाम में ट्रंप उखड़वा रहे गड़े मुर्दे. (Credit-Reuters)
दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स डोनाल्ड ट्रंप अब तक अलग-अलग देशों पर टार्गेट कर रहे थे लेकिन अब वे मुर्दा लोगों की कब्रों तक पर कब्जा जमाने से बाज नहीं आ रहे हैं. इस वक्त वियतनाम में ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ रिसॉर्ट और लग्जरी आवास परियोजना खासी चर्चा में है. दरअसल वे इसके लिए 3500 से ज्यादा पूर्वजों की कब्रें खुदवा रहे हैं, जिसकी आलोचना पूरी दुनिया में हो रही है. हालत ये है कि यहां कब्रों से मृतकों की हड्डियों तक को निकालकर परिवारों को जबरन दूसरी जगह बसाया जा रहा है. यह घटना न सिर्फ वियतनाम, बल्कि पूरी दुनिया में विवाद का विषय बन गई है.
इसकी जड़ें इतिहास से जुड़ी हुई हैं. दरअसल 1975 में वियतनाम युद्ध खत्म होने के बाद देश एक हुआ. उत्तर वियतनाम ने तब सैगॉन (अब हो ची मिन्ह सिटी) पर कब्जा कर लिया था. उस समय कम्युनिस्ट विजय का जश्न मनाया गया, लेकिन 50 साल बाद वही कम्युनिस्ट सरकार मानो कैपिटलिस्ट बनी हुई है. वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के नेतृत्व में ये देश अमेरिकी कंपनियों को खुला आमंत्रण दे रहा है. इसी सिलसिले में ट्रंप परिवार को वियतनाम सरकार ने रेड रिवर के किनारे 2,446 एकड़ जमीन दी गई है. वॉशिंगटन से 11000 किलोमीटर की दूरी पर इसी प्रोजेक्ट के लिए गड़े मुर्दे उखाडे जा रहे हैं.
2400 एकड़ के प्रोजेक्ट का मुर्दों से कनेक्शन?
इस विशाल परियोजना में गोल्फ कोर्स, फाइव स्टार होटल और लग्जरी विला बनाए जाएंगे. परियोजना की लागत 1.5 अरब डॉलर बताई जा रही है. यह क्षेत्र न्यूआर्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जितना बड़ा है. समस्या तब शुरू हुई जब इस जमीन पर 3,500 से ज्यादा पुरानी कब्रें मिलीं. ये कब्रें स्थानीय परिवारों के पूर्वजों की थीं, जिसमें उनके अवशेष मौजूद थे. बावजूद इसके सरकार ने इन कब्रों को खोदने का फैसला लिया. कब्रें खोदकर हड्डियां निकालकर उन्हें दूसरी जगह ले जाया जा रहा है.
12 डॉलर और चावल में कटेगी जिंदगी?
इसकी वजह से हजारों परिवारों को जबरन दूसरी जगह बसाया जा रहा है और मुआवजे की राशि बेहद कम बताई जा रही है. वहीं ट्रंप ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि वे सीधे मुआवजे की जिम्मेदारी नहीं ले रहे क्योंकि वियतनामी डेवलपर्स प्रोजेक्ट चला रहे हैं. ट्रंप कंपनी सिर्फ लाइसेंसिंग फीस लेगी और बाद में गोल्फ क्लब चलाएगी. रॉयटर्स की एक पुरानी रिपोर्ट बताती है कि इस प्रोजेक्ट के लिए वियतनाम के गरीब किसानों का शोषण हो रहा है. शुरुआत में किसानों को उनकी 10 वर्ग फीट जमीन के बदले महज $12 यानी लगभग एक हजार रुपए और कुछ बोरी चावल का ऑफर दिया जा रहा है.
ट्रंप के नाम पर जुड़ा नया विवाद?
ब्रांड का नाम इस्तेमाल होने से ट्रंप परिवार इस विवाद से जुड़ गया है. वियतनाम आज ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है और अमेरिका वहां का सबसे बड़ा बाजार है. वियतनाम अमेरिका को जूतों का एक-तिहाई, फर्नीचर का एक-चौथाई और कपड़ों का एक-पांचवां हिस्सा सप्लाई करता है. एलन मस्क को स्टारलिंक का लाइसेंस मिल चुका है. एप्पल के कई प्रोडक्ट्स अब वियतनाम में बनते हैं. ट्रंप प्रशासन के अमेरिका के बावजूद वियतनाम में अमेरिकी निवेश बढ़ रहा है. दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बात कर रहे हैं.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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