Pedal Washing Machine | Innovative Village Girls | Smart Cane for Disabled | Rain-Friendly Technology | Rural Innovation

Last Updated:October 15, 2025, 13:28 IST
Pedal Washing Machine: गांव की बेटियों ने बिजली के अभाव में भी नवाचार का कमाल दिखाया. उन्होंने पैडल वाली वॉशिंग मशीन बनाई, जिससे बारिश में कपड़े आसानी से साफ होंगे. साथ ही दिव्यांगों के लिए स्मार्ट छड़ी भी तैयार की, जो उनकी जिंदगी को आसान और सुरक्षित बनाएगी. ये नवाचार पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक है.
अक्सर ट्रेन में यात्रा करने वाले लोगों के पर्स, सामान और मोबाइल तक चोरी हो जाते हैं. ऐसी घटना न हो इसको ख्याल में रखते वाली पाली जिले के वरकाणा गांव निवासी 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली वीणा ने बताया- उन्हें यह मॉडल बनाने में करीब 1 महीने का समय लगा. उन्होंने बताया कि ट्रेन में यात्रा करने के लिए जो टिकट मिलता है. उस पर एक क्यूआर कोड होगा और ट्रेन के कोच पर एक स्कैन लगा होगा. जहां जाकर यात्री को अपना टिकट स्कैन करना है. उसकी सीट उस कोच में होती तो ही कोच का गेट खुलेगा और यात्री एंट्री ले सकेगा. इसका फायदा यह होगा कि जिस यात्री का टिकट उस कोच में नहीं है वह अंदर नहीं आ सकेगा और अंदर से गेट खोलने के लिए भी क्यूआर कोड स्कैन करना होगा. इससे होगा यह कि यात्रा के दौरान चोरी, लूट जैसी होने वाली घटनाएं रोकी जा सकती है.

अगर आपके घर बिजली नही है तो फिर भी आप वॉशिंग मशीन में कपडे धो सकते है. ऐसा कमाल का मॉडल बनाने का काम किया है. पाली जिले के राणावास गांव के उमावि में पढ़ने वाली कविता सीरवी ने जिन्होने बिना लाइट के चलने वाली वॉशिंग मशीन का मॉडल बनाया है. खास बात यह है कि इस बाजार में मिलने वाली वॉशिंग मशीन से सस्ती है और इसे चलाने पर किसी तरह का लाइट का खर्चा भी नहीं आएंगा. साथ ही यह महिलाओं की हेल्थ को सुधार का भी काम करेगी. क्योंकि इसे चलाने के लिए लगातार पैंडल लगाने होगा. और महिलाएं जब ऐसा करेगी तो उनका व्यायाम होगा और जिसका उसका बॉडी फेट भी भी कम होगा.

पाली के बालिया स्कूल में कक्षा 11वीं में पढ़ने वाली डिम्पल ने तो ऐसा कमाल कर दिखाया कि उन कामकाजी महिलाओं को राहत मिल सकेगी. इस बच्ची ने ऐसा मॉडल बनाया है. जिससे की बरसात आने पर छत पर सूख रहे कपड़े भीगने के डर से महिलाओं को छत पर भागने के टेंशन ने राहत मिल जाएगी. डिम्पल ने बताया कि उन्होंने अक्सर देखा कि जब भी बरसात आती है. मम्मी तुरंत दौड़ते हुए छत पर जाती है. ताकि वहां सूख रहे कपड़े बरसात में गीले न हो जाए. मम्मी जिस स्पीड से छत पर जाती है. उसे देखकर लगता है कि कई वे नीचे न गिर जाए. इसको लेकर ऐसा मॉडल तैयार कर लिया. जिससे सभी घरेलू महिलाओं की छत पर सूख रहे कपड़े भीगने की चिंता खत्म हो जाएगी.

स्कूली छात्रा वंशिका शेखावत ने का मॉडल तो ऐसा है. जो गर्मी में पौछा लगाने पर भी पसीना बहने नही देगा. ऐसा कंफर्ट क्ली नियर बनाया है. जिस पर छोटा फैन लगा है और उसे किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है. इसका फायदा यह होगा की पौछा लगाते समय भी महिलाएं ठंडी हवा ले सकेगी. जिससे उन्हें गर्मी नहीं सताएंगी. वंशिका ने बताया कि अपने परिचितों के यहां कई घरों में देखा कि पौंछा लगाते समय महिलाएं गर्मी से परेशान होती है. यह देख उन्हें यह मॉडल बनाने का आइडिया आया. इसमें उन्होंने एक चार्ज होने वाली बैटरी, एक छोटा फैन, वायरिंग, प्लग आदि का उपयोग किया.

सोजत रोड के रहने वाले कक्षा आठवीं में पढ़ने वाले महेन्द्र ने एक ऐसी स्मार्ट छड़ी बनाई है. जो आंखों से नहीं देख पाने वाले दिव्यांगों को हादसे से बचाएंगी. महेन्द्र ने बताया कि इस छड़ी को बनाने में सेंसर लगा है. बैटरी, चार्जिंग पॉइंट,स्पीकर आदि का उपयोग किया गया है. बनाने में करीब दो महीने का वक्त लगा. इसकी खासियत यह है कि यह छड़ी एक से दो मीटर की रेंज में जहां भी गड्डा, पत्थर, गाड़ी आती दिखेगी साउंड करने लग जाएगी. जिससे दिव्यांग अपनी दिशा बदलकर हादसे का शिकार होने से बच सकेंगे. जो इन दिव्यांगो के लिए वरदान से कम नही साबित होगी.
First Published :
October 15, 2025, 13:28 IST
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बिजली नहीं, तो क्या! बारिश में कपड़े खुद सूखेंगे, बेटियों ने कर दिया कमाल



