भारत ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी पर पेनी वोंग का बड़ा बयान

ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बदलते जियोपोलिटिकल सिनारियो के बीच भारत उसकी स्ट्रेटजी के सेंटर में है. फर्स्टपोस्ट की मैनेजिंग एडिटर पलकी शर्मा से खास बातचीत में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने न सिर्फ भारत की भूमिका को क्रिटिकल स्ट्रैटेजिक पार्टनर बताया, बल्कि यह भी कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे समान विचार वाले देशों का एक साथ खड़ा होना बेहद जरूरी है. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब वोंग दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा कर रही हैं.
पेनी वोंग ने कहा कि इंडो-पैसिफिक इस समय नई चिंताओं के दौर से गुजर रहा है. चीन की तेजी से बदलती नीतियां, भू-रणनीतिक टकराव, सप्लाई-चेन युद्ध और उभरते सुरक्षा जोखिम इन सबके बीच भारत को उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ एक विश्वसनीय साझेदार बनना चाहता है. उन्होंने जोर दिया कि भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में उसकी भूमिका अहम होती जाएगी.
भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक रिश्ता समझौतों से आगे
जब उनसे आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर सवाल किया गया, वोंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को किसी औपचारिक करार तक सीमित नहीं समझना चाहिए. उन्होंने कहा, हमारा आर्थिक संबंध कई स्तरों पर सक्रिय है और इसे और व्यापक स्वरूप देना हमारी प्राथमिकता है. उनका इशारा एजुकेशन, स्किल, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग की ओर था.
भारतीय छात्रों की वीजा चिंताओं पर ऑस्ट्रेलिया की सफाई
भारत में हाल में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया छात्र वीजा नियमों को सख्त कर रहा है. इस पर वोंग ने कहा कि भारतीय समुदाय उनके देश के लिए बेहद मूल्यवान है और कोई भी सुधार किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं किए गए. उन्होंने बताया कि नया वीजा फ्रेमवर्क बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, न कि भारतीय छात्रों पर अतिरिक्त जांच लागू करने के लिए. जब उनसे पूछा गया कि हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया में हेट क्राइम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा बढ़ी है, खासकर भारतीय समुदाय को लेकर. वोंग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा, हम नस्लवाद और किसी भी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ खड़े हैं. यदि कोई समूह वैध प्रदर्शन की सीमा पार कर अवैध गतिविधि करता है, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियां कार्रवाई करती हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध और आतंकी गतिविधि में अंतर करना बहुत जरूरी है. कनाडा सहित कई देशों में बढ़ते खालिस्तानी तत्वों को ध्यान में रखते हुए यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
खालिस्तान और आतंकवाद पर साझा चिंता
पेनी वोंग ने माना कि भारत और ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद और उग्रवाद को लेकर समान चिंताएं रखते हैं. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया हर रूप में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है और ऐसे गुटों और देशों को नाम लेकर चेताने के पक्ष में है जो आतंकी गतिविधियों को पनाह देते हैं.
Delighted to co-chair the 16th 🇮🇳 🇦🇺 Foreign Ministers’ Framework Dialogue along with FM @SenatorWong of Australia in New Delhi this evening.
Took detailed stock of our Comprehensive Strategic Partnership, its various facets and priorities, including trade & investment, defence… pic.twitter.com/YzbjEOTCdb


