खैरथल-तिजारा फसल संकट | Khairthal-Tijara Rabi Crop Crisis Due to Water Scarcity

Last Updated:December 24, 2025, 13:19 IST
Alwar News: खैरथल-तिजारा में मावठ की कमी और ट्यूबवेल सूखने से किसान 6000 रुपये प्रति बीघा खर्च कर टैंकरों से सिंचाई कर रहे हैं. सिंचाई की भारी लागत और गेहूं-सरसों में बढ़ते पीलेपन के कारण किसान अब सरकार से नहर लाने की मांग कर रहे हैं.
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Alwar News: खैरथल-तिजारा जिले में इस साल सर्दियों की बारिश यानी ‘मावठ’ न होने से रबी सीजन की फसलों पर संकट के बादल गहरा गए हैं. बारिश के अभाव में सरसों और गेहूं की फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है. हालात इतने विकट हैं कि किसान अब किराये पर पानी के टैंकर मंगाकर खेतों की प्यास बुझाने को मजबूर हैं, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है.
क्षेत्र में लगातार गिरता भू-जल स्तर स्थिति को और चिंताजनक बना रहा है. नांगल मोजिया गांव के किसान इस्लाम खान ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वॉटर लेवल काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण जमीन की प्राकृतिक नमी खत्म हो चुकी है. खेतों में लगे ट्यूबवेल बीच में ही जवाब दे रहे हैं, जिससे पर्याप्त सिंचाई संभव नहीं हो पा रही. किसानों का कहना है कि एक बोरिंग कराने में 4 से 5 लाख रुपए खर्च होते हैं, लेकिन वह भी मात्र 6-7 महीने में सूख जा रही है.
टैंकरों से सिंचाई: मजबूरी और भारी खर्चट्यूबवेल के सूखने के कारण किसान अब टैंकरों में पाइप लगाकर स्प्रिंकलर सिस्टम (फुव्वारा पद्धति) के जरिए खेतों में पानी दे रहे हैं. यह तरीका न केवल महंगा है बल्कि श्रमसाध्य भी है. किसान एक बीघा खेत की सिंचाई के लिए औसतन चार टैंकर पानी मंगाते हैं. एक टैंकर का खर्च करीब 1500 रुपए आता है, यानी एक बीघा की एक बार की सिंचाई पर लगभग 6000 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. इतनी भारी लागत के बावजूद बोरिंग जैसी गुणवत्तापूर्ण सिंचाई नहीं हो पा रही है.
फसलों पर असर और किसानों की मांगकिसानों के अनुसार, मानसून ठीक रहने के बावजूद मावठ की कमी से सरसों की बढ़वार रुक गई है और गेहूं की फसल में पीलापन आने लगा है. नमी की कमी के कारण पौधों का विकास प्रभावित हो रहा है. थक-हारकर किसानों ने अब सरकार से क्षेत्र में स्थायी नहर व्यवस्था शुरू करने की मांग की है. किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सिंचाई की समस्या का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
December 24, 2025, 13:19 IST
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मावठ की बेरुखी और गिरते वॉटर लेवल ने किसानों की कमर तोड़ी, टैंकरों के भरोसे…



