Philippines Garbage mountain Avalanche । Gazipur Garbage Mountain Collapse । कचरे का कातिल पहाड़: फिलीपींस में ढहा 16 मंजिला ऊंचा कूड़े का ढेर, दिखा दिल्ली के गाजीपुर जैसा मंजर

Last Updated:January 09, 2026, 18:47 IST
Garbage mountain Avalanche Philippines: फिलीपींस के सेबू में लैंडफिल ढहने से एक की मौत और 34 लापता हैं, जो दिल्ली के गाजीपुर हादसे की याद दिलाता है. गाजीपुर में साल 2017 में 50 टन कचरा गिरने से दो लोग मारे गए थे. दोनों जगहों पर कचरे के पहाड़ एवलांच बनकर टूटे, जिससे भारी तबाही हुई. फिलीपींस में 110 मजदूर खतरे में थे, जबकि गाजीपुर में भी कूड़ा बीनने वाले मलबे में दबे थे.
मौत का ‘एवलांच’ और तबाही का मंजर: फिलीपींस के सेबू में बिनालीव लैंडफिल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे भारी तबाही हुई. ठीक इसी तरह दिल्ली के गाजीपुर में भी 16 मंजिला ऊंचे कचरे के पहाड़ से करीब 50 टन कचरा ‘एवलांच’ की तरह साल 2017 में नीचे आ गिरा था. दोनों ही मामलों में कचरे के मलबे ने अपनी चपेट में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया, जिससे इंसानी जिंदगियां मलबे में दफन हो गईं. (AP)

बड़ी संख्या में हताहत और लापता: फिलीपींस हादसे में अब तक कम से कम एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है और 34 लोग लापता बताए जा रहे हैं. गाजीपुर हादसे में भी दो लोगों, 30 वर्षीय राजकुमारी और 20 वर्षीय अभिषेक की जान चली गई थी. सेबू में जिस समय हादसा हुआ, वहां 110 कर्मचारी मौजूद थे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने का डर बना हुआ है. (AP)

पानी और कीचड़ की जानलेवा लहरें: गाजीपुर में कचरा कोंडली नहर में गिरने से पानी और कीचड़ की एक विशाल लहर उठी थी, जिसने सड़क पर चल रहे वाहनों को बहा दिया था. फिलीपींस में भी लैंडफिल ढहने से आसपास के ढांचे और ऑपरेटर की सुविधाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. दोनों घटनाओं में कचरे के साथ-साथ कीचड़ और मलबे ने बचाव कार्यों को अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जटिल बना दिया.
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वाहन और ढांचों का नामोनिशान मिटा: दिल्ली के हादसे में कचरे के सैलाब ने एक कार और तीन दोपहिया वाहनों को सड़क से बहाकर नाले में फेंक दिया था. फिलीपींस से आई तस्वीरों में भी लैंडफिल के गिरने से वहां स्थित कई इमारतों और सुविधाओं के तबाह होने के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. दोनों ही जगहों पर कचरे के विशाल ढेर के सामने कंक्रीट के ढांचे और गाड़ियां तिनके की तरह बह गईं. (AP)

मजदूरों और कूड़ा बीनने वालों पर खतरा: गाजीपुर हादसे में पुलिस को शक था कि ढेर पर काम करने वाले कूड़ा बीनने वाले लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. फिलीपींस में भी हादसे के वक्त साइट पर 110 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से दर्जनों अब भी लापता हैं. यह दर्शाता है कि दुनिया भर में लैंडफिल साइट्स पर काम करने वाले गरीब तबके के लोग हमेशा मौत के साये में रहते हैं. (AP)

प्रशासनिक विफलता और भविष्य का डर: फिलीपींस में अधिकारी अब लैंडफिल प्रबंधन के साथ मिलकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं और पीड़ितों के परिवारों की मदद में जुटे हैं. गाजीपुर की घटना ने भी लैंडफिल साइट्स की सुरक्षा और कचरा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. दोनों हादसे चेतावनी देते हैं कि यदि कचरे के इन ऊंचे पहाड़ों का वैज्ञानिक समाधान नहीं किया गया, तो ऐसे जानलेवा हादसे दोबारा होते रहेंगे. (AP)

बायो-माइनिंग की धीमी रफ्तार और डेडलाइन: दिल्ली सरकार ने गाजीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट्स को पूरी तरह साफ करने की कई समय सीमाएं तय कीं, लेकिन काम की रफ्तार वादों के मुताबिक नहीं रही. कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई कम करने के लिए बायो-माइनिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है, फिर भी प्रतिदिन आने वाले नए कचरे के कारण पुराने मलबे का निस्तारण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. (AP)

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की क्षमता और सीमाएं: सरकार का जोर कचरे से बिजली बनाने वाले (Waste-to-Energy) प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने पर है ताकि भविष्य में लैंडफिल साइट्स पर कूड़ा न डालना पड़े. हालांकि, इन प्लांट्स से निकलने वाला उत्सर्जन और आसपास के रिहायशी इलाकों में प्रदूषण की शिकायतें एक नया विवाद खड़ा कर रही हैं, जिससे इस योजना के पूर्ण कार्यान्वयन में बाधा आ रही है. (AP)

सोर्स सेग्रीगेशन और जन-भागीदारी का अभाव: कचरे के निस्तारण की सबसे बड़ी कड़ी कूड़े को स्रोत (घरों) पर ही अलग-अलग करना है, जिसमें दिल्ली नगर निगम और सरकार को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है. जब तक गीला और सूखा कचरा अलग-अलग नहीं किया जाता, तब तक लैंडफिल साइट्स पर बोझ कम करना असंभव है, क्योंकि मिश्रित कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स की दक्षता को कम कर देता है. (AP)
First Published :
January 09, 2026, 18:41 IST
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फिलीपींस में ढहा 16 मंजिला ऊंचा कूड़े का पहाड़, दिखा गाजीपुर जैसा मंजर



