Platform Shelter Construction | Indian Railway Upgradation | 63 Stations Development | 62 Crore Railway Project | Passenger Safety | Railway Shelter News

Last Updated:December 02, 2025, 18:02 IST
Railway Shelter News: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. कुल 63 स्टेशनों पर 62 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक प्लेटफॉर्म शेल्टर बनाए जा रहे हैं. इससे धूप, बारिश और खराब मौसम में यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और आराम मिलेगा. परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही यात्रियों को इसका लाभ मिलना शुरू होगा.
जोधपुर मंडल के 63 रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म शेल्टर निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को धूप, गर्मी और बारिश जैसी समस्याओं से बेहतर सुरक्षा मिल सके. उत्तर पश्चिम रेलवे ने इसके लिए लगभग 62 करोड़ रुपए की बड़ी योजना तैयार की है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्लेटफॉर्म शेल्टर का विस्तार आवश्यक हो गया है ताकि भीड़ के समय भी सभी को आरामदायक प्रतीक्षा सुविधा उपलब्ध हो.

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि इस परियोजना के तहत न केवल नए शेल्टर बनाए जा रहे हैं, बल्कि पुराने और छोटे ढांचों को भी बढ़ाया जा रहा है. कई स्टेशन ऐसे हैं जहां वर्तमान शेड यात्रियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे थे. इसलिए लंबाई और चौड़ाई दोनों तरह से शेल्टर को बढ़ाया जा रहा है, जिससे अधिक यात्रियों को छाया और सुरक्षा मिल सके. यह काम प्राथमिकता के साथ तकनीकी मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.

इस परियोजना में शामिल प्रमुख स्टेशनों में बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, फलोदी, रामदेवरा, डेगाना, मेड़ता रोड, नागौर, सुजानगढ़, देशनोक, भागत की कोठी, जैसलमेर, मकराना, कुचामन सिटी और बड़ी खाटू जैसे बड़े और व्यस्त स्टेशन शामिल हैं. इन सभी स्टेशनों पर प्रतिदिन हजारों यात्री आवाजाही करते हैं. नए शेल्टर बनने से इन स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों के अनुभव में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
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उत्तर पश्चिम रेलवे की बड़ी योजना केवल जोधपुर मंडल तक सीमित नहीं है. जयपुर, अजमेर और बीकानेर मंडलों में भी प्लेटफॉर्म शेल्टर लगाने के लिए 262 करोड़ रुपए की एक व्यापक परियोजना पर कार्य चल रहा है. इसके साथ ही प्लेटफॉर्म की लंबाई और ऊंचाई बढ़ाने पर अलग से 80 करोड़ रुपए का खर्च किया जा रहा है. इससे रेलगाड़ियों के बढ़ते कोचों को समायोजित करने में आसानी होगी और यात्रियों की चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया भी सुरक्षित बनेगी.

यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे द्वारा किए जा रहे इस निवेश का सीधा लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के यात्रियों को मिलेगा. विशेषकर मौसम में अचानक बदलाव होने पर या गर्मियों में भीषण धूप के दौरान प्लेटफॉर्म पर खड़े रहना मुश्किल हो जाता है. नए शेल्टर इन चुनौतियों को काफी कम करेंगे. इसके साथ ही रेलवे स्टेशन की सुंदरता भी बढ़ेगी. इसके अलावा यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिलेगा.

आपको बता दें कि, प्लेटफॉर्म शेल्टर वास्तव में एक संरक्षित छत होती है जो स्टील, शीट्स और मजबूत सपोर्ट स्ट्रक्चर से बनाई जाती है. इसे इस तरह डिजाइन किया जाता है कि यह तेज हवा, बारिश और धूप जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर सके. यात्रियों को बैठने और खड़े होने के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सके, यह इसका मुख्य उद्देश्य है. समय के साथ रेलवे इन शेल्टरों को आधुनिक डिजाइन और टिकाऊ सामग्री से और उन्नत बना रहा है.
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December 02, 2025, 18:02 IST
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रेलवे का अपडेट! 63 स्टेशनों पर शुरू शेल्टर निर्माण, जानें कब मिलेगी नई सुविधा



