Gaganyaan Mission: इसरो ने झांसी में कौन सा टेस्ट किया? गगनयान की कामयाबी के लिए बेहद अहम, IAF ने भी दिया साथ

Last Updated:November 11, 2025, 21:31 IST
ISRO Gaganyaan Mission: इसरो ने गगनयान मिशन की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है. झांसी के बाबीना फील्ड फायरिंग रेंज में क्रू मॉड्यूल के मेन पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया. भारतीय वायुसेना के IL-76 विमान से 2.5 किलोमीटर ऊंचाई से गगनयान के समान वजन वाला मॉडल छोड़ा गया, जो तय अनुक्रम में पैराशूट खुलने के बाद सुरक्षित लैंडिंग के साथ नीचे आया। इसरो ने बताया कि पैराशूट सिस्टम ने कठिन डिसरीफिंग डिले स्थिति में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.
ISRO ने सफल टेस्ट किया.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने गगनयान मिशन की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. उत्तर प्रदेश के झांसी के बाबीना फील्ड फायरिंग रेंज (BFFR) में 3 नवंबर 2025 को गगनयान क्रू मॉड्यूल के मेन पैराशूट सिस्टम का अहम परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया. यह परीक्षण “इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (IMAT)” सीरीज का हिस्सा था, जिसका मकसद पैराशूट सिस्टम की गुणवत्ता और मजबूती को परखना है.
इसरो ने बताया कि गगनयान क्रू मॉड्यूल के पैराशूट सिस्टम में कुल 10 पैराशूट होते हैं, जिन्हें चार श्रेणियों में बांटा गया है. सबसे पहले दो “एपेक्स कवर सेपरेशन पैराशूट” खुलते हैं, जो पैराशूट कम्पार्टमेंट के सुरक्षा कवर को हटाते हैं. इसके बाद दो ड्रोग पैराशूट खुलते हैं, जो मॉड्यूल को स्थिर करते हुए उसकी रफ्तार कम करते हैं. ड्रोग्स के अलग होने के बाद तीन पायलट पैराशूट तैनात होते हैं, जो तीन मेन पैराशूट को खींचकर बाहर निकालते हैं. ये मेन पैराशूट मॉड्यूल की गति को काफी हद तक घटाकर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया गया है कि तीन में से सिर्फ दो मेन पैराशूट भी सुरक्षित लैंडिंग के लिए पर्याप्त हैं.
ISRO successfully conducted a key Integrated Main Parachute Airdrop Test (IMAT) for the Gaganyaan mission at Babina Field Firing Range, Jhansi, on Nov 3, 2025. The test validated the main parachutes under extreme conditions. #ISRO #Gaganyaan



