रणथंभौर से मुकंदरा पहुंचा ताकतवर टाइगर टी-2408! बाघों की गिनती बढ़ी, जंगल में बढ़ी हलचल

कोटा : नए साल की शुरुआत मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए बेहद उत्साहजनक खबर लेकर आई है. राजस्थान के प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व से नर बाघ टी-2408 को सफलतापूर्वक मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया गया है. इस शिफ्टिंग से न केवल मुकंदरा में बाघों की संख्या बढ़ी है, बल्कि यहां के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को भी नई मजबूती मिली है. वन विभाग द्वारा इस पूरे अभियान को बेहद सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम दिया गया.
वन विभाग की टीम ने आज सुबह करीब 8 बजे रणथंभौर टाइगर रिजर्व के खंडार रेंज में नर बाघ टी-2408 को ट्रैंकुलाइज किया. इसके बाद बाघ की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई और उसे रेडियो कॉलर पहनाया गया, ताकि उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके. सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बाघ को विशेष वाहन से कोटा लाया गया. इसके बाद दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर उसे मुकंदरा टाइगर रिजर्व के 21 हेक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में सुरक्षित रूप से रिलीज किया गया.
24 घंटे रहेगी निगरानीमुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डीएफओ मुथु एस ने बताया कि टी-2408 की उम्र लगभग 4 साल है. बाघ पूरी तरह स्वस्थ है और नए वातावरण में ढलने के लिए उसे सॉफ्ट एनक्लोजर में रखा गया है. शुरुआती 24 घंटे उसकी विशेष निगरानी की जाएगी. रेडियो कॉलर की मदद से वन विभाग की टीम उसकी लोकेशन, मूवमेंट और व्यवहार पर नजर रखेगी.
रणथंभौर में बढ़ा था संघर्षटी-2408 हाल ही में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक जोन नंबर-3 में पहुंच गया था, जहां उसकी भिड़ंत बाघ टी-120 से हो गई थी. इसके अलावा बाघिन रिद्धि की फीमेल शावक के संपर्क में आने के बाद मां-बेटी के बीच भी संघर्ष जैसी स्थिति बनने लगी थी. इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने सुरक्षा और प्रबंधन के दृष्टिकोण से टी-2408 को रणथंभौर से शिफ्ट करने का निर्णय लिया.
मजबूत वंशावली का बाघनर बाघ टी-2408, रणथंभौर की जानी-मानी बाघिन टी-93 और बाघ टी-96 का पुत्र है. वहीं उसका भाई टी-2407 अभी भी रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मौजूद है. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह वंशावली रणथंभौर की मजबूत और स्वस्थ टाइगर लाइन मानी जाती है, जिससे मुकंदरा के लिए भी बेहतर जेनेटिक बेस मिलने की उम्मीद है.
मुकंदरा में अब पांच बाघटी-2408 के आने के बाद मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. इनमें तीन बाघिन, एक नर बाघ और एक 7 से 8 माह का शावक शामिल है. वन विभाग का मानना है कि नए नर बाघ के आने से यहां बाघों के प्राकृतिक प्रजनन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे आने वाले वर्षों में मुकंदरा में बाघों की संख्या में इजाफा हो सकता है.
बड़े स्तर पर हुआ शिफ्टिंग ऑपरेशनइस टाइगर शिफ्टिंग अभियान में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर, उप फील्ड डायरेक्टर (RTR), मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, कोटा के उप फील्ड डायरेक्टर, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, बूंदी के उप फील्ड डायरेक्टर व उप वन संरक्षक, वन्यजीव विशेषज्ञ और फील्ड बायोलॉजिस्ट शामिल रहे. पूरे अभियान की निगरानी मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राजस्थान द्वारा की गई, ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो.
आगे और बढ़ेगी संख्यावन विभाग के अनुसार, आने वाले समय में मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में और भी प्रयास किए जाएंगे. पहले ही एनटीसीए से आवश्यक अनुमति प्राप्त की जा चुकी है. इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मुकंदरा क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को भी नई पहचान मिलेगी. नए साल में रणथंभौर से मुकंदरा लाया गया नर बाघ टी-2408, मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए एक नई उम्मीद और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.



