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फरीदाबाद में क्यों बढ़ रहा H1N1, OPD से ICU तक मरीज, क्या आप भी इसके शिकार? डॉ. खन्ना ने बताई वजह

फरीदाबाद. बरसात के मौसम में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, जुकाम और बदन दर्द होना आम बात है. ऐसे लक्षण होने पर ज्यादातर लोग इसे सामान्य वायरल समझ लेते हैं और घर पर ही दवा लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन हर बार इन लक्षणों को सामान्य वायरल मानना सही नहीं है. कई बार यही लक्षण H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के भी हो सकते हैं. खासकर अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगे, ऑक्सीजन लेवल गिरने लगे या हालत लगातार बिगड़ती जाए, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आखिर सामान्य वायरल और H1N1 में फर्क कैसे पहचानें और किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है, आइये जानते हैं.

हर मरीज का नहीं करते टेस्ट

लोकल 18 से अमृता हॉस्पिटल (फरीदाबाद) के HOD, Pulmonology, डॉ. अर्जुन खन्ना बताते हैं कि इस मौसम में H1N1 के मरीज काफी संख्या में सामने आ रहे हैं. अस्पताल की OPD से लेकर IPD, वार्ड और ICU तक बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं. OPD में सुबह से दोपहर तक आने वाले करीब 25 से 30 मरीज ऐसे लक्षणों के साथ देख चुके हैं. हालांकि हर मरीज का H1N1 टेस्ट नहीं किया जाता, लेकिन जो मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होते हैं या ICU तक पहुंचते हैं, उनका टेस्ट किया जा रहा है. इनमें काफी मरीज H1N1 पॉजिटिव भी मिल रहे हैं.

ये लक्षण भी घातक

डॉ. अर्जुन खन्ना बताते हैं कि H1N1 भी एक वायरल इंफेक्शन है और इसके लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल जैसे ही दिखाई दे सकते हैं. गले में खराश, खांसी, जुकाम, बुखार और शरीर में दर्द इसके आम लक्षण हैं. अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी नहीं है और लक्षण हल्के हैं, तो आराम, पर्याप्त पानी पीना, गर्म पानी की भाप लेना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल जैसी दवा से राहत मिल सकती है. लेकिन लक्षण गंभीर होने पर खुद से इलाज करना सही नहीं है. डॉ. अर्जुन के मुताबिक, अगर तेज बुखार लगातार बना हुआ है और उतरने का नाम नहीं ले रहा है, शरीर में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है, सांस फूल रही है या ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. बलगम में खून आना, सांस लेने में ज्यादा परेशानी होना या हालत तेजी से खराब होना भी गंभीर संकेत हैं. ऐसे मामलों में H1N1 संक्रमण निमोनिया का रूप ले सकता है और मरीज को ICU या वेंटिलेटर की जरूरत तक पड़ सकती है. अस्पताल में अभी भी ऐसे मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं.

क्या बरतें सावधानी

डॉ. अर्जुन खन्ना बताते हैं कि H1N1 हर उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा ज्यादा रहता है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. खासकर गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से बचने के लिए ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. H1N1 से बचने के लिए वही सावधानियां काफी मददगार हैं, जिनका इस्तेमाल लोग कोरोना के समय करते थे. हाथों को साफ रखना, जरूरत पड़ने पर हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाना जरूरी है. अगर किसी जगह जाना जरूरी है और वहां काफी भीड़ है, तो N95 मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रखने के लिए पौष्टिक खाना लेना और पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है.

न करें घर पर इंतजार

डॉ. अर्जुन खन्ना के मुताबिक, अगर घर में किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, जुकाम या गले में खराश है, तो उसे दूसरे लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. खासकर बच्चों में ऐसे लक्षण हों तो उन्हें बीमारी के दौरान स्कूल भेजने से बचना चाहिए. एक संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है. तेज बुखार और सामान्य वायरल जैसे लक्षणों को देखकर तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन गंभीर संकेतों को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए. शुरुआत में सामान्य वायरल और H1N1 के लक्षण काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए हालत बिगड़ने पर डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर जांच कराना ही सबसे सुरक्षित तरीका है. खासकर सांस फूलना, ऑक्सीजन गिरना, लगातार तेज बुखार और खून वाला बलगम जैसे लक्षण दिखें तो घर पर इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए.

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