पढ़ाई-इलाज के लिए मशहूर इस शहर में आया प्रॉपर्टी बूम, 4-4 करोड़ में बिक रहे फ्लैट, एक तिहाई खरीदार NCR के famous-for-iim-mdu-and-pgims-now-rohtak-real-estate-up-25-percent-flats-prices increase-imt-and-kmp-expressway-bring property boom

Rohtak is new Real Estate Hub: कभी मुख्य रूप से एक प्रशासनिक और शैक्षिक शहर के रूप में पहचाना जाने वाला हरियाणा का रोहतक शहर एक हाई-पोटेंशियल रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है. यहां हजारों की संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए और मरीज इलाज के लिए आते थे लेकिन दिल्ली NCR से अपनी नजदीकी, बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास ने इस शहर को अलग ही दिशा में मोड़ दिया है.जैसे-जैसे पारंपरिक एनसीआर बाजार भीड़भाड़, ज्यादा कीमतों और सैचुरेशन से जूझ रहे हैं, वहीं रोहतक न केवल हाईलेवल निवेशकों बल्कि घर खरीदारों के लिए एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है.
दिल्ली से लगभग 70 किमी दूर स्थित रोहतक, दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत और हिसार से न केवल सड़क बल्कि रेलवे ट्रैक से भी कनेक्टेड है. यह शहर नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर स्थित है, जिसके माध्यम से दिल्ली तक सफर का समय घटकर लगभग 90 मिनट हो गया है. इसके अलावा, कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के जरिए कनेक्टिविटी से इस शहर की गुरुग्राम और हरियाणा के औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच बेहतर हो गई है.
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रियल एस्टेट इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि रोहतक में 30-35 फीसदी आवासीय मांग उन खरीदारों से आती है जो एनसीआर में काम करते हैं या उससे जुड़े हैं लेकिन दिल्ली-गुरुग्राम, नोएडा फरीदाबाद में रहने के बजाय इसके नजदीकी शहरों में किफायती आवास विकल्प ढूंढ रहे हैं.
रोहतक में प्रॉपर्टी के दामों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है.
रोहतक की पहचान अब एमडीयू रोहतक या पीजीआईएम रोहतक से आगे निकलकर आईएमटी रोहतक और रोहतक रेजिडेंशियल व कॉमर्शियल हब के रूप में होने लगी है. इसके प्रमुख विकास क्षेत्रों से दिल्ली के IGI एयरपोर्ट की दूरी लगभग 65-75 किमी है जो डेढ़ से दो घंटे में पूरी की जा सकती है.
रोहतक के रियल एस्टेट विस्तार के मुख्य कारणों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास रहा है. चालू KMP एक्सप्रेसवे, बेहतर शहर की सड़कें, और नियोजित रेल और आगामी RRTS सुधारों से यात्रियों और लॉजिस्टिक्स दोनों की आवाजाही बेहतर हो रही है. पिछले पांच से सात सालों में हाईवे के किनारे वाली डेवलपमेंट्स और प्राइम सेक्टर्स में प्रॉपर्टी की कीमतों में 20-25% की बढ़ोतरी हुई है, कुछ इलाकों में तो और भी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है.
IMT रोहतक बना प्रमुख रोजगार इंजनरोहतक के रियल एस्टेट की तेजी में एक बड़ा योगदान IMT रोहतक का है जो हरियाणा में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है. ऑटोमोबाइल सहायक इकाइयों, लॉजिस्टिक्स फर्मों, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और MSMEs की उपस्थिति ने लगातार रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, जिससे पेशेवरों और कुशल श्रमिकों का लगातार आना-जाना लगा रहता है.
यह औद्योगिक गतिविधि सीधे तौर पर IMT के आसपास और प्रमुख एक्सेस कॉरिडोर के साथ आवासीय आवास, किराये के आवास और रिटेल सेंटर, ऑफिस स्पेस और सर्विस अपार्टमेंट जैसे कमर्शियल डेवलपमेंट की बढ़ती मांग में बदल रही है.
आईएमटी रोहतक यहां प्रॉपर्टी में बूम का बड़ा कारण साबित हो रहा है.
मैजिक ब्रिक्स के अनुसार रोहतक में रिहायशी प्रॉपर्टी के दाम लगातार ऊँचे स्तर पर बने हुए हैं. शहर के अलग-अलग इलाकों में 3 BHK स्वतंत्र मकान 26 लाख से शुरू होकर प्राइम सेक्टर्स में 4 करोड़ रुपये तक पहुंच रहे हैं, जबकि रियल एस्टेट इंडिया के अनुसार आईएमटी रोहतक और उससे सटे सेक्टर-30B जैसे इलाकों में रिहायशी प्लॉट 90 लाख रुपये से लेकर 1.8 करोड़ रुपये तक बिक रहे हैं. विशेषज्ञों की मानें तो इंडस्ट्रियल और शैक्षणिक हब के विस्तार के कारण आने वाले समय में इन क्षेत्रों में संपत्ति के दाम और बढ़ सकते हैं.
मार्केट विशेषज्ञ रजनीश चड्ढा कहते हैं, ‘रोहतक एक आत्मनिर्भर शहरी इकोसिस्टम में विकसित हो रहा है. यह अब सिर्फ NCR का एक किफायती विकल्प नहीं रहा. यह मजबूत एंड-यूजर मांग के साथ-साथ लंबे समय के निवेशकों की दिलचस्पी भी देख रहा है क्योंकि IMT रोहतक रोजगार पैदा कर रहा है, हाईवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार हो रहा है, और नियोजित आवास के लिए आकांक्षाओं को बढ़ा रहा है. अगले दस वर्षों में शहर स्थायी विकास के लिए अच्छी स्थिति में है.’
हर साल 50 हजार छात्र, रोजाना हजारों मरीज आते हैं यहां रोहतक के मजबूत संस्थागत इकोसिस्टम के कारण आवासीय मांग स्थिर है. हर साल, 50,000 से ज्यादा छात्र, पेशेवर और मरीज IIM रोहतक, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) और PGIMS रोहतक आते हैं. 2,000 से ज्यादा बेड और प्रतिदिन 8,000-10,000 मरीजों के साथ, अकेले PGIMS ही कमर्शियल सेवाओं, PG आवास और किराये के आवास के लिए स्थिर मांग की गारंटी देता है.
यहां पीजी और छात्र आवास से मिलने वाला रिटर्न 6 से 8 फीसदी तक है, जो कई टियर-2 शहरों से ज्यादा है, जबकि आवासीय किराये से मिलने वाला रिटर्न औसतन 3 से 4% है.
मार्केट संकेतकों के अनुसार, संगठित डेवलपर्स का प्रवेश, बेहतर सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती महत्वाकांक्षी आवास मांग, ये सभी रोहतक में लक्जरी अपार्टमेंट की वार्षिक 8%-12% बढ़ोतरी में योगदान दे रहे हैं. इसके अलावा, पिछले एक साल में सोच-समझकर डिजाइन किए गए प्रोजेक्ट्स में रेजिडेंशियल प्लॉट की कीमतों में 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है, जो अथॉरिटी से मंजूर जमीन की कमी और निवेशकों के ऊंचे भरोसे दोनों को दिखाता है.



